जबलपुर. पश्चिम मध्य रेलवे के मुख्यालय और महत्वपूर्ण जंक्शन जबलपुर रेलवे स्टेशन को भविष्य की जरूरतों के मुताबिक पूरी तरह बदलने की तैयारी अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गई है. रेलवे के 'मेजर अपग्रेडेशन' प्रोजेक्ट के तहत स्टेशन के कायाकल्प के लिए टेंडर प्रक्रिया में जबरदस्त तेजी देखी जा रही है और आधिकारिक सूत्रों के अनुसार आगामी 28 मई को इस महापरियोजना की अंतिम बिड यानी तकनीकी निविदाएं खोली जानी हैं. इस प्रक्रिया के पूरा होते ही स्टेशन के पुनर्विकास का काम धरातल पर शुरू कर दिया जाएगा, जिससे जबलपुर रेलवे स्टेशन का नजारा पूरी तरह बदल जाएगा और यहां आने वाले यात्रियों को किसी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट जैसा अनुभव प्राप्त होगा. यह खबर न केवल आम यात्रियों के लिए राहत भरी है, बल्कि शहर के स्थानीय व्यापारिक समूहों और रियल एस्टेट सेक्टर के बीच भी जबरदस्त तरीके से ट्रेंड कर रही है, क्योंकि स्टेशन के आधुनिकीकरण से आसपास के इलाकों की व्यावसायिक कीमत में भारी उछाल आने की संभावना है.
परियोजना के ब्लूप्रिंट के अनुसार, जबलपुर स्टेशन पर अब यात्रियों को भीड़ भाड़ से निजात दिलाने के लिए 'डिपार्चर' और 'अराइवल' के अलग-अलग गेट्स होंगे, जिससे आवाजाही बेहद सुगम हो जाएगी. स्टेशन की मुख्य इमारत को जबलपुर की सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक वास्तुकला के मिश्रण के रूप में डिजाइन किया गया है. भीतर प्रवेश करते ही यात्रियों के लिए एक विशाल कॉन्कोर्स एरिया बनाया जाएगा, जहां विश्वस्तरीय वेटिंग लाउंज, फूड कोर्ट, बच्चों के खेलने के लिए जोन और रिटेल आउटलेट्स की सुविधा होगी. प्लेटफार्मों तक पहुंचने के लिए लिफ्ट और एस्केलेटर की संख्या को वर्तमान से तीन गुना तक बढ़ाने का प्रस्ताव है, जिससे बुजुर्गों और दिव्यांगजनों को एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर जाने में किसी भी तरह की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा. इसके अलावा, स्टेशन के बाहर पार्किंग की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए मल्टी-लेवल कार पार्किंग और व्यवस्थित ट्रैफिक सर्कुलेटिंग एरिया विकसित किया जाएगा.
रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि 28 मई को बिड खुलने के बाद चयनित कंपनी को एक निश्चित समय सीमा के भीतर इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पूरा करना होगा. स्टेशन को पूरी तरह से 'ग्रीन बिल्डिंग' की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है, जिसमें सोलर पैनल के जरिए बिजली उत्पादन और रेन वाटर हार्वेस्टिंग जैसी आधुनिक तकनीकें शामिल होंगी. पूरे स्टेशन परिसर को सीसीटीवी कैमरों की मदद से अभेद्य सुरक्षा घेरे में रखा जाएगा. व्यापारियों का मानना है कि स्टेशन का यह अपग्रेडेशन जबलपुर को पर्यटन और निवेश के नक्शे पर एक नई पहचान दिलाएगा, क्योंकि भेड़ाघाट और कान्हा-बांधवगढ़ आने वाले पर्यटकों के लिए यह स्टेशन मुख्य द्वार की तरह काम करता है. अब जब टेंडर प्रक्रिया अंतिम दौर में है, तो शहरवासियों की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं कि जल्द ही उन्हें एक ऐसा रेलवे स्टेशन मिलेगा जो आधुनिकता और सुविधाओं के मामले में देश के चुनिंदा स्टेशनों की श्रेणी में शामिल होगा. प्रशासन का लक्ष्य है कि निर्माण कार्य के दौरान यात्रियों को कम से कम असुविधा हो, जिसके लिए एक विशेष फेज-वार निर्माण योजना तैयार की गई है. फिलहाल 28 मई की तारीख पर सबकी नजरें टिकी हैं, जो जबलपुर के रेल इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ने वाली साबित होगी.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

