कोलकाता. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में ममता बनर्जी को करारी हार का सामना करना पड़ा है. परिणाम के एक दिन बाद मंगलवार को ममता बनर्जी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा? कि यह लोकमंत्र की हार हुई है, हम फिर से वापसी करेंगे. इसके साथ ही उन्होंने भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला है.
ममता बनर्जी ने कहा कि मुझे भवानीपुर में जानबूझकर हराया गया. बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि चुनाव आयोग का इस्तेमाल कर गड़बड़ी, साजिश कर जीत दर्ज की गई. उन्होंने कहा कि मैंने अपनी जिंदगी में कभी भी ऐसा चुनाव नहीं देखा.
बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विधानसभा चुनावों में हार के बाद इस्तीफा देने से मना कर दिया है. उन्होंने साफ कहा है कि वो बिल्कुल भी पद से नहीं हटेंगी. ऐसा होने पर क्या होगा. उनके खिलाफ क्या कदम उठाए जा सकते हैं. संविधान इसे लेकर क्या कहता है. क्या किसी राज्य सरकार का टर्म खत्म होने के बाद मुख्यमंत्री का पद भी अपने आप खत्म हो जाता है.
ममता बनर्जी या किसी भी मुख्यमंत्री के लिए चुनाव हारने के बाद भी इस्तीफा न देना एक गंभीर संवैधानिक संकट पैदा कर सकता है. भारतीय संविधान के अनुसार ऐसी स्थिति में कुछ कदम उठाए जा सकते हैं. गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा का कार्यकाल 7 मई 2026 को समाप्त हो रहा है. संविधान कहता है कि टर्म समाप्ति पर मुख्यमंत्री का पद समाप्त नहीं होता. भारत के संविधान में मुख्यमंत्री के कार्यकाल और इस्तीफे को लेकर स्पष्ट नियम हैं.
अनुच्छेद 164 के तहत मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल करते हैं. बाकी मंत्रियों की नियुक्ति राज्यपाल, मुख्यमंत्री की सलाह पर करते हैं. यह अनुच्छेद स्पष्ट करता है कि मुख्यमंत्री और उनके मंत्री राज्यपाल के चाहने तक ही अपने पद पर बने रहते हैं.
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