रायपुर,राजधानी में अवैध सट्टे के खिलाफ रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम दिया है. पुलिस ने ऑनलाइन सट्टा सिंडिकेट के दो मुख्य गुर्गों, नमन जग्गी और आयुष जैन को गिरफ्तार कर लिया है. इनके पास से करोड़ों रुपये के अवैध लेनदेन के पुख्ता सबूत मिले हैं, जिससे सट्टा बाजार में हड़कंप मच गया है.
करोड़ों का सट्टा-पट्टी और मास्टर आईडी जब्त
मुखबिर की सूचना पर की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने आरोपियों के ठिकाने से भारी मात्रा में सामग्री बरामद की है. जब्त किए गए सामान में शामिल हैं:
मास्टर आईडी और पैनल: सट्टा संचालित करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली मुख्य ऑनलाइन आईडी.
सट्टा-पट्टी: करोड़ों रुपये के दांव और दांव लगाने वालों के नाम वाली पर्चियां.
डिजिटल सबूत: लैपटॉप और मोबाइल फोन, जिनमें सट्टे के लेनदेन का पूरा हिसाब-किताब दर्ज है.
बड़े कारोबारियों के नाम आने की आशंका
पुलिस की प्रारंभिक जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. बताया जा रहा है कि आरोपियों के मोबाइल और दस्तावेजों से कई बड़े सर्राफा व्यापारियों और नामचीन कारोबारियों के नाम सामने आ रहे हैं. आशंका है कि शहर के कई सफेदपोश लोग इस अवैध कारोबार में मोटी रकम लगा रहे थे.
रायपुर कमिश्नरेट की कड़ी कार्रवाई
रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने स्पष्ट किया है कि यह केवल शुरुआत है. इस मामले के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
नेटवर्क का विस्तार: पुलिस अब उन बैंक खातों की जांच कर रही है, जिनके जरिए करोड़ों का लेनदेन विदेशों या अन्य राज्यों में किया गया.
जल्द होगा बड़ा खुलासा: पुलिस कमिश्नरेट जल्द ही एक आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे रैकेट के तौर-तरीकों (Modus Operandi) और इसमें शामिल अन्य बड़े नामों का खुलासा करेगी.
जीरो टॉलरेंस पॉलिसी: पुलिस ने चेतावनी दी है कि ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो.
सावधानी और कानून:
ऑनलाइन सट्टा और जुआ गैर-कानूनी है. रायपुर पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे ऐसे प्रलोभन में न आएं और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत पुलिस को दें.

