तमिलनाडु: टीवीके की जीत के बाद विजय ने राज्यपाल से की मुलाकात, सरकार बनाने का दावा किया

तमिलनाडु: टीवीके की जीत के बाद विजय ने राज्यपाल से की मुलाकात, सरकार बनाने का दावा किया

प्रेषित समय :18:18:11 PM / Wed, May 6th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

चेन्नई. तमिलनाडु की राजनीति में दशकों से चले आ रहे द्रविड़ पार्टियों के वर्चस्व को चुनौती देते हुए अभिनेता से नेता बने विजय ने इतिहास रच दिया. उनकी पार्टी तमिलगा वेत्री कजग़म (टीवीके) तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में 108 सीटें जीतकर सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है. विजय ने चेन्नई के लोक भवन में राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर से मुलाकात की और राज्य में अगली सरकार बनाने का औपचारिक दावा पेश किया.

विजय ने खुद दो निर्वाचन क्षेत्रों-तिरुचिरापल्ली पूर्व और पेरम्बूर- से जीत दर्ज की है, जिससे यह साबित हो गया है कि उनकी लोकप्रियता केवल सिनेमा के पर्दे तक सीमित नहीं है.

राज्यपाल ने की आधिकारिक पुष्टि

राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर ने मीडिया को पुष्टि की कि उन्हें टीवीके की ओर से सरकार बनाने के दावे का औपचारिक पत्र प्राप्त हुआ है. उन्होंने कहा, मुझे टीवीके से पत्र मिला है और वे शाम को मुझसे मिले. उन्होंने स्पष्ट किया है कि उनके पास बहुमत है और उन्हें सरकार गठन के लिए बुलाया जाना चाहिए. राज्य में अब एक नई सरकार आएगी.

कांग्रेस का समर्थन और गठबंधन की गणित

तमिलनाडु कांग्रेस के अध्यक्ष के. सेल्वापेरुन्थगई और प्रदेश प्रभारी गिरीश चोडनकर ने चेन्नई में टीवीके मुख्यालय जाकर विजय से मुलाकात की और अपना समर्थन पत्र सौंपा. कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि यह पार्टी आलाकमान का निर्णय है. अन्य संभावित सहयोगी टीवीके ने बहुमत के आंकड़े को पार करने के लिए कांग्रेस और अन्य छोटे दलों से भी संपर्क साधा है. एआईएडीएमके के पास 47 सीटें हैं, जिससे गठबंधन को मजबूत बहुमत मिल सकता है.

द्रविड़ राजनीति के एक युग का अंत?

इस चुनाव परिणाम ने तीन दशकों से चले आ रहे डीएमके और एआईएडीएमके के द्वैध शासन  को हिलाकर रख दिया है. टीवीके के शानदार प्रदर्शन ने डीएमके (59 सीटें) और डीएमके (47 सीटें) दोनों को पीछे छोड़ दिया है. डीएमके नेता सरवनन अन्नादुराई ने कांग्रेस के इस कदम की आलोचना करते हुए इसे विश्वासघात और अदूरदर्शी बताया है.

शपथ ग्रहण समारोह की तैयारी

सूत्रों के अनुसार, विजय 7 मई को चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं. हालांकि शपथ ग्रहण को लेकर अधिकारिक पुष्टि नहीं हुआ है.  लेकिन संभवत: अकेले ही शपथ लेंगे, जबकि कैबिनेट का विस्तार बाद में किया जाएगा. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह जनादेश तमिलनाडु के युवाओं की आवाज है, जो बदलाव की तलाश में थे.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-