कोलकाता. कोलकाता में भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या मामले में जांच के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं. शुरुआती जांच में पुलिस को आशंका है कि हत्या की साजिश पिछले तीन-चार दिनों से रची जा रही थी और हमलावर लगातार रथ की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे. इस घटना ने राज्य की कानून-व्यवस्था और राजनीतिक माहौल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
पुलिस और भाजपा नेताओं के अनुसार, चंद्रनाथ रथ अपनी सफेद स्कॉर्पियो एसयूवी से कहीं जा रहे थे. इसी दौरान बाइक सवार बदमाशों ने उनकी गाड़ी का पीछा करना शुरू कर दिया. मध्यमग्राम के दोहारिया इलाके में पहुंचते ही हमलावरों ने एसयूवी को घेर लिया और बेहद करीब से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी.
हमले में रथ को सीने और पेट में कई गोलियां लगीं, जबकि गाड़ी चला रहा ड्राइवर भी घायल हो गया. दोनों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने चंद्रनाथ रथ को मृत घोषित कर दिया. डॉक्टरों के मुताबिक, गोलियां उनके दिल को चीरते हुए निकल गई थीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई.
जांच से जुड़े एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि हमलावरों का निशाना सिर्फ चंद्रनाथ रथ थे. फायरिंग के तरीके से साफ संकेत मिलता है कि वारदात को पेशेवर अपराधियों ने अंजाम दिया. अधिकारी के मुताबिक, रथ ड्राइवर के बगल वाली सीट पर बैठे थे और हमलावरों ने सीधे उन्हीं पर निशाना साधा. गोलियां इतनी सटीक थीं कि एसयूवी के फ्रंट ग्लास या बॉडी पर एक भी गोली नहीं लगी. ड्राइवर को चोट इसलिए आई क्योंकि वह रथ के बेहद करीब बैठा था. पुलिस को शक है कि आरोपियों ने कई दिनों तक रथ की गतिविधियों की रेकी की थी. उनकी आवाजाही, रूट और समय की जानकारी जुटाने के बाद पूरी योजना के तहत हत्या को अंजाम दिया गया.
घटना के एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि हमला पूरी तरह सुनियोजित लग रहा था. उसके अनुसार, रथ की गाड़ी उसकी कार को पार करके आगे निकली ही थी कि अचानक सड़क पर रुक गई. तभी एक बाइक सवार व्यक्ति कार के बाईं ओर पहुंचा और बेहद करीब से फायरिंग शुरू कर दी. प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि हमलावर किसी प्रशिक्षित शूटर की तरह लग रहा था. उसने दो गोलियां चलाईं और तुरंत वहां से फरार हो गया. घटना रात करीब 10:30 से 11 बजे के बीच हुई. घटना के बाद पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी है. जेसोर रोड और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है. स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों से भी पूछताछ की जा रही है.
यह घटना ऐसे समय हुई है जब हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने बड़ी जीत दर्ज की है. पार्टी ने 294 में से 207 सीटों पर जीत हासिल की. चंद्रनाथ रथ को शुभेंदु अधिकारी का बेहद करीबी सहयोगी माना जाता था. उन्होंने नंदीग्राम और भवानीपुर सीटों पर चुनाव प्रबंधन में अहम भूमिका निभाई थी.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-


