बीजेपी के मौन साधक के रूप में पहचाने जाने वाले संदीप जैन 14 मई को संभालेंगे जेडीए की कमान

बीजेपी के मौन साधक के रूप में पहचाने जाने वाले संदीप जैन 14 मई को संभालेंगे जेडीए की कमान

प्रेषित समय :22:01:32 PM / Fri, May 8th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. विकास को अब एक नई गति और नई ऊर्जा मिलने वाली है क्योंकि भारतीय जनता पार्टी के समर्पित और 'मौन साधक' के रूप में पहचाने जाने वाले संदीप जैन आगामी 14 मई को औपचारिक रूप से जबलपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) के अध्यक्ष का पदभार ग्रहण करने जा रहे हैं. लंबे समय से संगठन के लिए पर्दे के पीछे रहकर निस्वार्थ सेवा करने वाले संदीप जैन की इस नियुक्ति से न केवल कार्यकर्ताओं में उत्साह की लहर है, बल्कि शहर के प्रबुद्ध वर्ग को भी उम्मीद है कि अब विकास की फाइलें धूल फांकने के बजाय धरातल पर दौड़ेंगी. 14 मई को प्राधिकरण कार्यालय में आयोजित होने वाला यह पदभार ग्रहण समारोह केवल एक प्रशासनिक औपचारिकता मात्र नहीं होगा, बल्कि यह जबलपुर को एक आधुनिक महानगर बनाने के संकल्प का साक्षी बनेगा.

इस विशेष अवसर को भव्य और गरिमामय बनाने के लिए शासन-प्रशासन और सत्ताधारी संगठन के स्तर पर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं. खबर है कि संदीप जैन के पदभार ग्रहण समारोह में मध्य प्रदेश सरकार के कई कद्दावर मंत्री, संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी और शासन के उच्चाधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे. हालांकि, अभी तक कार्यक्रम का विस्तृत 'मिनट-टू-मिनट' शेड्यूल आधिकारिक तौर पर जारी नहीं किया गया है, लेकिन सत्ता और संगठन के दिग्गजों का जमावड़ा यह बताने के लिए काफी है कि सरकार की प्राथमिकताओं में जबलपुर का विकास सबसे ऊपर है. शहर के राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि संदीप जैन का शांत स्वभाव और कार्य के प्रति उनकी निष्ठा प्राधिकरण की कार्यप्रणाली में एक सकारात्मक और पारदर्शी बदलाव लेकर आएगी.

संदीप जैन के नेतृत्व में अब जेडीए की उन रुकी हुई परियोजनाओं को दोबारा संजीवनी मिलने की प्रबल संभावना है, जो लंबे समय से लालफीताशाही या अन्य कारणों से अटकी हुई थीं. शहर के विस्तार, आधुनिक बुनियादी ढांचे के निर्माण और आम आदमी के लिए किफायती आवासीय योजनाओं को लेकर नई कार्ययोजना तैयार की जा रही है. जानकारों का मानना है कि पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद संदीप जैन नई योजनाओं की समीक्षा कर सकते हैं और लंबित प्रोजेक्ट्स के त्वरित क्रियान्वयन की दिशा में ठोस कदम उठाएंगे. संस्कारधानी के नागरिकों को इस नए कार्यकाल से बहुत अधिक अपेक्षाएं हैं, क्योंकि एक ऐसे व्यक्ति के हाथ में कमान आ रही है जो शोर-शराबे से दूर रहकर परिणाम देने में विश्वास रखता है. 14 मई का दिन जबलपुर के विकास के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है, जहाँ से शहर एक विकसित और व्यवस्थित महानगर बनने की नई यात्रा शुरू करेगा.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-