ग्वालियर. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बोत्सवाना से लाये गये 9 चीतों को जिन्हें छोटे बाड़ों में क्वारंटीन किया था, उन्हें स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप ढलने के पश्चात इनमें से दो चीतों को सोमवार 11 मई को खुले जंगल में मुक्त किया गया.
रविवार देर शाम ही सीएम मोहन यादव कूनो पहुंच गए थे. सुबह उन्होंने कूनो नदी के पास खुले जंगल में चीतों को रिलीज किया. जिसके बाद उन्होंने कूनो नेशनल पार्क का भ्रमण किया. सीएम मोहन यादव ने कहा कि प्रोजेक्ट चीता का उद्देश्य प्रदेश से लुप्त हुए चीतों की प्रजाति को पुनर्स्थापित करना है. इन चीतों के आगमन के साथ भारत में चीतों की कुल संख्या, देश में जन्मे शावकों सहित, बढ़कर 57 हो गई है. यह प्रोजेक्ट चीता के अंतर्गत तीसरा बड़ा अंतर्राष्ट्रीय चरण है.
कूनो के वातावरण में घुल-मिल जाएंगे
सीएम मोहन यादव ने कहा कि वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि बोत्सवाना से आए चीते अधिक जेनेटिक विविधता लेकर आए हैं, जिससे कूनो में चीतों की स्वस्थ और दीर्घकालिक आबादी विकसित करने में मदद मिलेगी. उम्मीद है कि ये चीते कूनो के वातावरण में तेजी से घुल-मिल जाएंगे.
अन्य अभयारण्यों में भी छोड़े जाएंगे चीता
कूनो नेशनल पार्क देश में वन्यजीव संरक्षण और पारिस्थितिकी पुनर्स्थापना का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभर रहा है. इन चीतों को क्वारंटीन और अनुकूलन प्रोसेस पूरी होने के बाद गांधी सागर और नौरादेही जैसे अन्य अभयारण्यों में भी बसाने की तैयारी की जा रही है.
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