मंगल का मेष राशि में प्रवेश बढ़ाएगा ऊर्जा और आक्रामकता देशभर में दिखेगा असर

मंगल का मेष राशि में प्रवेश बढ़ाएगा ऊर्जा और आक्रामकता देशभर में दिखेगा असर

प्रेषित समय :21:30:52 PM / Tue, May 12th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जाने वाले ग्रह मंगल ने 11 मई से अपनी स्वराशि मेष में प्रवेश कर लिया है. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार 20 जून तक रहने वाला यह गोचर कई राशियों, सामाजिक गतिविधियों और जनमानस पर व्यापक प्रभाव डाल सकता है. मंगल को साहस, ऊर्जा, पराक्रम, भूमि, सेना, तकनीक, नेतृत्व और आक्रामकता का कारक ग्रह माना जाता है. ऐसे में स्वराशि में मंगल का प्रवेश ऊर्जा और निर्णय क्षमता को तीव्र करने वाला माना जा रहा है. हालांकि इसके साथ ही क्रोध, विवाद, दुर्घटना और जल्दबाजी जैसी स्थितियों में भी वृद्धि होने की संभावना जताई जा रही है.

ज्योतिष विशेषज्ञों का कहना है कि यह समय विशेष रूप से उन लोगों के लिए अनुकूल साबित हो सकता है जो सेना, पुलिस, खेल, राजनीति, इंजीनियरिंग, तकनीकी और प्रशासनिक क्षेत्रों से जुड़े हुए हैं. मंगल की प्रबल स्थिति साहस और प्रतिस्पर्धा की भावना को बढ़ाने का कार्य करेगी. युवाओं में आत्मविश्वास और लक्ष्य हासिल करने की तीव्र इच्छा देखने को मिल सकती है. कई लोग नए कार्यों की शुरुआत करने, जोखिम लेने और तेजी से निर्णय लेने की ओर आकर्षित होंगे. हालांकि विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि बिना सोच-विचार के लिए गए निर्णय बाद में परेशानी का कारण भी बन सकते हैं.

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार मंगल का यह गोचर तीन नक्षत्रों से होकर गुजरेगा और प्रत्येक चरण का प्रभाव अलग-अलग रूप में दिखाई देगा. 11 मई से 29 मई तक मंगल अश्विनी नक्षत्र में रहेगा. इस दौरान लोगों में तेजी से कार्य करने की प्रवृत्ति बढ़ेगी. नए प्रोजेक्ट, व्यापार और योजनाओं की शुरुआत के लिए यह समय अनुकूल माना जा रहा है, लेकिन जल्दबाजी और अधीरता नुकसान पहुंचा सकती है. विशेषज्ञों का कहना है कि इस अवधि में लोग बिना अधिक विचार किए फैसले लेने की ओर प्रेरित हो सकते हैं, जिससे बाद में तनाव या विवाद की स्थिति बन सकती है.

29 मई से 11 जून तक मंगल भरणी नक्षत्र में रहेगा. यह समय महत्वाकांक्षा और अधिकार भावना को बढ़ाने वाला माना जा रहा है. करियर और व्यवसाय में आगे बढ़ने की तीव्र इच्छा लोगों के व्यवहार में दिखाई दे सकती है. भौतिक सुख-सुविधाओं, धन और प्रतिष्ठा की चाह बढ़ने की संभावना है. राजनीतिक और प्रशासनिक क्षेत्रों में सक्रिय लोगों के लिए यह समय प्रभावशाली साबित हो सकता है. हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि इस दौरान अहंकार और दबाव की स्थिति रिश्तों में तनाव पैदा कर सकती है.

इसके बाद 11 जून से 20 जून तक मंगल कृत्तिका नक्षत्र में भ्रमण करेगा. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार यह चरण नेतृत्व क्षमता को मजबूत करेगा, लेकिन वाणी में कठोरता और व्यवहार में तीखापन बढ़ सकता है. इस समय कई लोग सख्त और निर्णायक रवैया अपनाते दिखाई देंगे. प्रशासनिक और नेतृत्वकारी पदों पर बैठे लोगों के लिए यह समय प्रभावशाली निर्णय लेने वाला हो सकता है. हालांकि परिवार और सामाजिक संबंधों में संतुलन बनाए रखने की सलाह दी गई है.

विशेषज्ञों ने इस पूरे गोचर काल में वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता बताई है. मंगल अग्नि और दुर्घटनाओं का कारक ग्रह माना जाता है, इसलिए सड़क हादसों, चोट, आग और विवाद जैसी घटनाओं में वृद्धि की आशंका जताई जा रही है. रक्तचाप, सिरदर्द और तनाव से जुड़ी समस्याओं से पीड़ित लोगों को स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी गई है. चिकित्सकों का भी मानना है कि अत्यधिक तनाव और गुस्सा मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है.

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस दौरान धार्मिक और आध्यात्मिक उपाय मानसिक संतुलन बनाए रखने में सहायक हो सकते हैं. मंगलवार को भगवान Hanuman की उपासना, सुंदरकांड का पाठ और मंगल मंत्रों का जाप शुभ माना गया है. लाल वस्तुओं का दान करने और अनुशासित जीवन शैली अपनाने की भी सलाह दी गई है. विशेषज्ञों का कहना है कि यदि व्यक्ति अपनी ऊर्जा को सही दिशा में उपयोग करे तो यह समय बड़ी उपलब्धियां दिला सकता है.

मंगल को वैदिक ज्योतिष में कर्म और संघर्ष का ग्रह माना जाता है. ऐसे में मेष राशि में इसकी मजबूत स्थिति मेहनती और साहसी लोगों को तेजी से आगे बढ़ाने वाली साबित हो सकती है. व्यापार, खेल, तकनीक और प्रशासन से जुड़े क्षेत्रों में सक्रियता बढ़ने की संभावना है. कई लोगों को अपने करियर में नई जिम्मेदारियां और अवसर प्राप्त हो सकते हैं. हालांकि आवेश, क्रोध और अहंकार पर नियंत्रण बनाए रखना इस पूरे समय की सबसे बड़ी आवश्यकता मानी जा रही है.

ज्योतिष विशेषज्ञों का कहना है कि यह गोचर जहां एक ओर ऊर्जा और उत्साह से भरपूर रहेगा, वहीं दूसरी ओर संयम और धैर्य की परीक्षा भी लेगा. यदि लोग जल्दबाजी से बचते हुए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करें तो यह समय सफलता और प्रगति का मार्ग खोल सकता है. वहीं आवेश और असंतुलित व्यवहार रिश्तों और कार्यक्षेत्र दोनों में परेशानी का कारण बन सकता है. ऐसे में आने वाले लगभग डेढ़ महीने को ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद प्रभावशाली और परिवर्तनकारी माना जा रहा है.

*पंडित चंद्रशेखर नेमा हिमांशु 

9893280184

मां कामख्या साधक जन्म कुंडली विशेषज्ञ वास्तु शास्त्री 

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-