आज का दिन- 14 मई 2026, गुरुवार के प्रदोष व्रत से शत्रुओं का नाश होता है!

आज का दिन- 14 मई 2026, गुरुवार के प्रदोष व्रत से शत्रुओं का नाश होता है!

प्रेषित समय :20:45:37 PM / Wed, May 13th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

-प्रदीप लक्ष्मीनारायण द्विवेदी, बॉलीवुड एस्ट्रो एडवाइजर (व्हाट्सएप- 8875863494)
* गुरु प्रदोष व्रत- 14 मई 2026, बृहस्पतिवार
हर व्यक्ति के जीवन में ज्ञात-अज्ञात शत्रु होते हैं, जो आर्थिक, मानसिक, सामाजिक तनाव देते हैं, ऐसे ज्ञात-अज्ञात शत्रुओं से रक्षा के लिए शिवभक्तों को गुरु प्रदोष व्रत करना चाहिए.
शिवकृपा प्राप्त करने के लिए हर महीने के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी पर प्रदोष व्रत किया जाता है.
भोलेनाथ जब प्रसन्न होते हैं तो समस्त दोष समाप्त कर परम प्रसन्नता, परम सुख प्रदान करते हैं.
प्रदोष व्रत-पूजा बहुत ही सरल है क्योंकि भोलेनाथ एकमात्र देव हैं जो पवित्र मन से की गई पूजा से ही प्रसन्न हो जाते हैं.
शिवोपासना में दुर्लभ मंत्र और कीमती पूजा सामग्री की जरूरत नहीं है.
सच्चे मन से... जाप करें और शिवलिंग पर सर्वसुलभ पवित्र जल चढ़ाएं.  
सुख का अहसास कराता है- शांत मन और दुख का कारण है- अशांत मन, शिवोपासना से तुरंत मानसिक शांति प्राप्त होती है.
प्रदोष व्रत में दिनभर निराहार रहकर सायंकाल पवित्र स्नान करने के बाद श्वेत वस्त्रों में शांत मन से भगवान शिव का पूजन किया जाता है.
जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, प्रदोष व्रत को करने से हर प्रकार के दोष मिट जाते  है.
इस व्रत के प्रमुख देवता शिव हैं इसलिए उनके साथ-साथ शिव परिवार की आराधना विशेष फलदायी मानी जाती है.
विभिन्न दिनों के प्रदोष व्रत का अलग-अलग महत्व और प्रभाव होता है....
रविवार के दिन प्रदोष व्रत हमेशा स्वस्थ रखता है, सोमवार के दिन प्रदोष व्रत करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, मंगलवार को प्रदोष व्रत रखने से ऋण-रोग से मुक्ति मिलती है, बुधवार के दिन यह व्रत करने सर्व कामना सिद्धि होती है, बृहस्पतिवार के प्रदोष व्रत से शत्रुओं का नाश होता है, शुक्रवार प्रदोष व्रत से सौभाग्य की वृद्धि होती है, शनिवार प्रदोष व्रत से संतान सुख की प्राप्ति होती है, संपूर्ण वर्ष प्रदोष व्रत संपूर्ण सुख प्रदान करता है!
श्री गौमाता धर्म-कर्म पंचांग, चौघड़िया - 14 मई 2026
शक सम्वत 1948, विक्रम सम्वत 2083, अमान्त महीना वैशाख, पूर्णिमान्त महीना ज्येष्ठ, वार गुरुवार, पक्ष कृष्ण, तिथि द्वादशी - 11:20 ए एम तक, नक्षत्र रेवती - 10:34 पी एम तक, योग प्रीति - 05:53 पी एम तक, करण तैतिल - 11:20 ए एम तक, द्वितीय करण गर - 10:00 पी एम तक, सूर्य राशि मेष, चन्द्र राशि मीन - 10:34 पी एम तक, राहुकाल 02:08 पी एम से 03:48 पी एम, अभिजित मुहूर्त 12:02 पी एम से 12:55 पी एम 
राशिफल- 14 मई 2026
* वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला, मकर, मीन राशिवालों के लिए उत्तम समय, शेष राशियों के लिए सामान्य दिन, सिंह राशि में जन्मे लोगो के लिए अष्टम चन्द्र, सतर्क रहें, शिवोपासना करें!
* दिन का चौघड़िया
शुभ - 05:51 से 07:30
रोग - 07:30 से 09:10
उद्वेग - 09:10 से 10:49
चर - 10:49 से 12:29
लाभ - 12:29 से 02:08
अमृत - 02:08 से 03:48
काल - 03:48 से 05:27
शुभ - 05:27 से 07:06
* रात्रि का चौघड़िया
अमृत - 07:06 से 08:27
चर - 08:27 से 09:47
रोग - 09:47 से 11:08
काल - 11:08 से 12:28
लाभ - 12:28 से 01:49
उद्वेग - 01:49 से 03:10
शुभ - 03:10 से 04:30
अमृत - 04:30 से 05:51 
* चौघडिय़ा का उपयोग कोई नया कार्य शुरू करने के लिए शुभ समय देखने के लिए किया जाता है.
* दिन का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.
* रात का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्यास्त से अगले दिन सूर्योदय के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.
* अमृत, शुभ, लाभ और चर, इन चार चौघडिय़ाओं को अच्छा माना जाता है और शेष तीन चौघडिय़ाओं- रोग, काल और उद्वेग, को उपयुक्त नहीं माना जाता है.
* यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, विभिन्न पंचांगों, धर्मग्रथों से साभार ली गई है, स्थानीय समय, परंपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं, क्योंकि यहां दिया जा रहा समय अलग-अलग शहरों में स्थानीय समय के सापेक्ष थोड़ा अलग हो सकता है.
* अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ न गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है!

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-