रायपुर. केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और विभिन्न स्वतंत्र संगठनों के संयुक्त आह्वान पर मंगलवार को राजधानी रायपुर में श्रमिकों और कर्मचारियों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. अंबेडकर चौक पर आयोजित इस प्रदर्शन में नोएडा समेत दिल्ली-एनसीआर के औद्योगिक क्षेत्रों में गिरफ्तार मजदूरों की रिहाई की मांग उठाई गई.
ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच के नेतृत्व में आयोजित सभा में बड़ी संख्या में श्रमिक और कर्मचारी शामिल हुए. प्रदर्शनकारियों ने असंगठित श्रमिकों पर बढ़ते शोषण, कम मजदूरी, असुरक्षित कार्य परिस्थितियों और ठेका प्रथा के खिलाफ आवाज बुलंद की.
सभा को संबोधित करते हुए संयुक्त मंच के संयोजक और आल इंडिया इंश्योरेंस एम्पलाईज एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष Dharamraj Mahapatra ने कहा कि देश के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिक अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों पर विचार करने के बजाय सरकारें दमनात्मक कार्रवाई कर रही हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि मजदूर नेताओं पर झूठे मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं और गिरफ्तारियां की जा रही हैं.
उन्होंने कहा कि ठेका श्रमिकों को प्रतिदिन 10 से 13 घंटे तक काम करना पड़ता है, जबकि उन्हें बेहद कम वेतन दिया जाता है. श्रमिकों को पीएफ, ईएसआई, साप्ताहिक अवकाश और सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं.
प्रदर्शन के दौरान श्रमिक संगठनों ने न्यूनतम मजदूरी ₹26 हजार प्रतिमाह करने, 8 घंटे का कार्यदिवस लागू करने, अतिरिक्त कार्य के लिए दोगुना ओवरटाइम भुगतान, ठेका श्रमिकों को समान वेतन एवं सुविधाएं देने तथा चारों श्रम संहिताओं को वापस लेने की मांग उठाई.
ट्रेड यूनियनों ने केंद्र सरकार से गिरफ्तार श्रमिकों और कार्यकर्ताओं की तत्काल बिना शर्त रिहाई, सभी मुकदमों की वापसी और श्रमिक संगठनों के साथ त्रिपक्षीय वार्ता शुरू करने की मांग भी की. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि श्रमिक हितों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और देशभर में आंदोलन जारी रहेगा.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

