-प्रदीप लक्ष्मीनारायण द्विवेदी, बॉलीवुड एस्ट्रो एडवाइजर (व्हाट्सएप- 8875863494)
* मासिक शिवरात्रि, वृषभ संक्रान्ति- 15 मई 2026, शुक्रवार
* हर महीने में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है.
* धर्मग्रंथों में शिवरात्रि का विशेष महत्व बताया गया है तथा यह शिवोपासना का सर्वोत्तम अवसर माना जाता है.
* धर्मग्रंथों के अनुसार देवी लक्ष्मी, सरस्वती, गायत्री, सावित्री, सीता, पार्वती आदि देवियों ने शिवरात्रि व्रत किया था.
* महाशिवरात्रि की मध्य रात्रि में भगवान भोलेनाथ लिङ्ग स्वरूप प्रकट हुए थे.
* पहली बार शिवलिंग की पूजा भगवान श्रीविष्णु और श्रीब्रह्मा ने की थी, तब से महाशिवरात्रि, भगवान भोलेनाथ के प्रकटोत्सव स्वरूप मनाया जाता है तथा श्रद्धालु प्रतिमाह मासिक शिवरात्रि का व्रत करते हैं और भोलेनाथ की पूजा-अर्चना करते हैं.
* शिवरात्रि पर पूजा-व्रत से आध्यात्मिक प्रकाश की प्राप्ति होती है.
* भोलेनाथ सच्चे मन से की गई पूजा से प्रसन्न होते हैं इसलिए दिल से प्रार्थना करें...
कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारम्.
सदावसन्तं हृदयारविन्दे भवं भवानीसहितं नमामि..
श्री गौमाता धर्म-कर्म पंचांग, चौघड़िया - 15 मई 2026
शक सम्वत 1948, विक्रम सम्वत 2083, अमान्त महीना वैशाख, पूर्णिमान्त महीना ज्येष्ठ, वार शुक्रवार, पक्ष कृष्ण, तिथि त्रयोदशी - 08:31 ए एम तक, क्षय तिथि चतुर्दशी - 05:11 ए एम (16 मई 2026) तक, नक्षत्र अश्विनी - 08:14 पी एम तक,योग आयुष्मान् - 02:21 पी एम तक, करण वणिज - 08:31 ए एम तक, द्वितीय करण विष्टि - 06:54 पी एम तक, क्षय करण शकुनि - 05:11 ए एम (16 मई 2026) तक, सूर्य राशि मेष - 06:28 ए एम तक, चन्द्र राशि मेष, राहुकाल 10:49 ए एम से 12:29 पी एम, अभिजित मुहूर्त 12:02 पी एम से 12:55 पी एम
राशिफल- 15 मई 2026
* मेष, मिथुन, कर्क, तुला, वृश्चिक, कुम्भ राशिवालों के लिए उत्तम समय, शेष राशियों के लिए सामान्य दिन, कन्या राशि में जन्मे लोगो के लिए अष्टम चन्द्र, सतर्क रहें, शिवोपासना करें!
* दिन का चौघड़िया
चर - 05:51 से 07:30
लाभ - 07:30 से 09:10
अमृत - 09:10 से 10:49
काल - 10:49 से 12:29
शुभ - 12:29 से 02:08
रोग - 02:08 से 03:48
उद्वेग - 03:48 से 05:27
चर - 05:27 से 07:07
* रात्रि का चौघड़िया
रोग - 07:07 से 08:27
काल - 08:27 से 09:48
लाभ - 09:48 से 11:08
उद्वेग - 11:08 से 12:29
शुभ - 12:29 से 01:49
अमृत - 01:49 से 03:09
चर - 03:09 से 04:30
रोग - 04:30 से 05:50
* चौघडिय़ा का उपयोग कोई नया कार्य शुरू करने के लिए शुभ समय देखने के लिए किया जाता है.
* दिन का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.
* रात का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्यास्त से अगले दिन सूर्योदय के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.
* अमृत, शुभ, लाभ और चर, इन चार चौघडिय़ाओं को अच्छा माना जाता है और शेष तीन चौघडिय़ाओं- रोग, काल और उद्वेग, को उपयुक्त नहीं माना जाता है.
* यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, विभिन्न पंचांगों, धर्मग्रथों से साभार ली गई है, स्थानीय समय, परंपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं, क्योंकि यहां दिया जा रहा समय अलग-अलग शहरों में स्थानीय समय के सापेक्ष थोड़ा अलग हो सकता है.
* अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ न गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है!
आज का दिन- 15 मई 2026, शिवरात्रि पर मिलेगा आध्यात्मिक प्रकाश!
प्रेषित समय :21:33:38 PM / Thu, May 14th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

