आज का दिन- 16 मई 2026, अमावस्या को करें कालसर्प योग दोष निवारण!

आज का दिन- 16 मई 2026, अमावस्या को करें कालसर्प योग दोष निवारण!

प्रेषित समय :21:34:22 PM / Fri, May 15th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

- प्रदीप लक्ष्मीनारायण द्विवेदी, बॉलीवुड एस्ट्रो एडवाइजर (व्हाट्सएप- 8302755688)
* अमावस्या - 16 मई 2026, शनिवार
* कृष्ण अमावस्या प्रारम्भ - 05:11 एएम, 16 मई 2026
* कृष्ण अमावस्या समाप्त - 01:30 ए एम, 17 मई 2026

* कालसर्प महज एक योग है जिसके अनुसार जब सारे ग्रह राहु-केतु के बीच आ जाते हैं, तब बनता है.
* जब कोई एक ग्रह इस घेरे से बाहर होता है तब इसे आंशिक योग माना जाता है.
* आमतौर पर कालसर्प योग को दोष मानकर डर का ऐसा वातावरण तैयार हो गया है कि व्यक्ति को हर परेशानी का कारण यही दोष नजर आता है.
* वैसे देश-दुनिया में कई ऐसे सफलतम व्यक्ति हैं जिनकी जन्म कुंडली में कालसर्प योग रहे हैं, इसलिए सर्व प्रथम तो कालसर्प योग के डर से मुक्त होना आवश्यक है. 
* यदि कालसर्प दोष जन्म कुंडली में प्रभावी है तो इससे मुक्ति के लिए अमावस्या उत्तम तिथि है. 
* श्रेष्ठ ज्ञानी पंडित के निर्देशन में कालसर्प दोष मुक्ति के लिए पूजा करें.
* यदि पूजा नहीं करना चाहते हैं तो भी कई उपाय हैं जो कालसर्प दोष के मानसिक एवं वास्तविक कुप्रभाव को नष्ट करने में सहायक हैं.
* नागपाश से मुक्त कराने वाले महावीर हनुमान की नियमित पूजा करें, कालसर्प दोष अप्रभावी होगा.
* श्रीकृष्ण से इस दोष के कुप्रभाव से मुक्ति की प्रार्थना करें एवं घर में मयूर पंख रखें.
* देवी सरस्वती की नियमित पूजा कर इस दोष से मुक्ति की प्रार्थना करें.
* यदि संभव हो तो किसी सपेरे द्वारा पकड़े गए सर्प को मुक्त कराएं.
* अमावस्या को चांदी का सर्प का जोड़ा भोलेनाथ को चढ़ाएं एवं कालसर्प योग के कुप्रभाव से मुक्ति की प्रार्थना करें.
* कालसर्प योग को लेकर वहम नहीं पालें, वरना बेवजह मानसिक तनाव होगा!
* ग्रहों के गोचर और जन्म कुंडली की दशा-अन्तर्दशा के सापेक्ष कुप्रभाव में कमी-बढ़ोतरी संभव है इसलिए भोलेनाथ की शरण में जाएं, हर दोष से मुक्ति मिलेगी!
श्री गौमाता धर्म-कर्म पंचांग, चौघड़िया - 16 मई 2026
शक सम्वत 1948, विक्रम सम्वत 2083, अमान्त महीना वैशाख, पूर्णिमान्त महीना ज्येष्ठ, वार शनिवार, पक्ष कृष्ण, तिथि अमावस्या - 01:30 ए एम (17 मई 2026) तक, नक्षत्र भरणी - 05:30 पी एम तक, योग सौभाग्य - 10:26 ए एम तक, करण चतुष्पाद - 03:22 पी एम तक, द्वितीय करणनाग - 01:30 ए एम (17 मई 2026) तक, सूर्य राशि वृषभ, चन्द्र राशि मेष - 10:46 पी एम तक, राहुकाल 09:09 ए एम से 10:49 ए एम, अभिजित मुहूर्त 12:02 पी एम से 12:55 पी एम 
राशिफल- 16 मई 2026
* मेष, मिथुन, कर्क, तुला, वृश्चिक, कुम्भ राशिवालों के लिए उत्तम समय, शेष राशियों के लिए सामान्य दिन,  कन्या राशि में जन्मे लोगो के लिए अष्टम चन्द्र, सतर्क रहें, शिवोपासना करें!
* दिन का चौघड़िया
काल - 05:50 से 07:30
शुभ - 07:30 से 09:09
रोग - 09:09 से 10:49
उद्वेग - 10:49 से 12:29
चर - 12:29 से 02:08
लाभ - 02:08 से 03:48
अमृत - 03:48 से 05:28
काल - 05:28 से 07:07
* रात्रि का चौघड़िया
लाभ - 07:07 से 08:28
उद्वेग - 08:28 से 09:48
शुभ - 09:48 से 11:08
अमृत - 11:08 से 12:29
चर - 12:29 से 01:49
रोग - 01:49 से 03:09
काल - 03:09 से 04:29
लाभ - 04:29 से 05:50 
* चौघडिय़ा का उपयोग कोई नया कार्य शुरू करने के लिए शुभ समय देखने के लिए किया जाता है.
* दिन का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.
* रात का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्यास्त से अगले दिन सूर्योदय के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.
* अमृत, शुभ, लाभ और चर, इन चार चौघडिय़ाओं को अच्छा माना जाता है और शेष तीन चौघडिय़ाओं- रोग, काल और उद्वेग, को उपयुक्त नहीं माना जाता है.
* यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, विभिन्न पंचांगों, धर्मग्रथों से साभार ली गई है, स्थानीय समय, परंपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं, क्योंकि यहां दिया जा रहा समय अलग-अलग शहरों में स्थानीय समय के सापेक्ष थोड़ा अलग हो सकता है.
* अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ न गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है!
 

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-