आरंग. छत्तीसगढ़ के आरंग में आज उस समय कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद संवेदनशील हो गई, जब सैकड़ों की संख्या में सतनामी समाज के नागरिकों ने आरंग पुलिस थाने का घेराव कर दिया. प्रदर्शनकारियों के उग्र तेवरों को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन थाने को छावनी में तब्दील कर दिया है और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया है.
विवाद की वजह: भैंसों से भरा वाहन और पुराना गतिरोध
मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे विवाद की जड़ कुछ दिनों पहले की एक घटना है. कथित गौ सेवकों ने ग्राम गुदगुदा में भैंसों से भरे एक परिवहन वाहन को पकड़ा था, जिसे लेकर क्षेत्र में लगातार तनाव बना हुआ था. आरोप है कि आज इसी मामले को लेकर कथित गौ सेवक गोल्डी शर्मा और ग्राम गुदगुदा निवासी सतनामी समाज के सदस्य बलराम कुर्रे के बीच विवाद हुआ, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गया.
थाने के सामने मारपीट का वीडियो वायरल, भड़का गुस्सा
इस घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है. वीडियो में गोल्डी शर्मा द्वारा बलराम कुर्रे के साथ गाली-गलौज और दुर्व्यवहार करते हुए देखा जा सकता है. सबसे गंभीर आरोप यह है कि यह पूरी वारदात पुलिस थाने के ठीक सामने अंजाम दी गई.
जैसे ही यह वीडियो और घटना की खबर समाज के लोगों तक पहुँची, उनमें भारी आक्रोश फैल गया. देखते ही देखते सैकड़ों लोग आरंग थाने के बाहर जमा हो गए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी.
समाज की मांग: तत्काल एफआईआर और गिरफ्तारी
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे समाज के प्रतिनिधियों का सीधा आरोप है कि स्थानीय पुलिस कथित गौ सेवक गोल्डी शर्मा को संरक्षण दे रही है, जिसके कारण उसके हौसले इतने बुलंद हैं कि उसने थाने के सामने ही कानून हाथ में ले लिया. सतनामी समाज ने पुलिस प्रशासन के सामने स्पष्ट मांग रखी है कि:
आरोपी गोल्डी शर्मा और उसके साथियों के खिलाफ तत्काल कड़ी धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाए.
आरोपियों को बिना किसी देरी के गिरफ्तार किया जाए.
प्रशासन अलर्ट: बातचीत से समाधान की कोशिश
माहौल की संवेदनशीलता को देखते हुए आरंग थाने में अतिरिक्त पुलिस बल को मुस्तैद कर दिया गया है. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और सतनामी समाज के प्रतिनिधिमंडल के बीच बंद कमरे में वार्ता चल रही है.

