चेन्नई. इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में चेन्नई सुपर किंग्स के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद टीम को लेकर सवाल लगातार बढ़ते जा रहे हैं. अब पूर्व भारतीय स्पिनर और क्रिकेट विशेषज्ञ रविचंद्रन अश्विन ने भी टीम की रणनीति, पहचान और प्रदर्शन पर तीखी टिप्पणी की है. अश्विन ने साफ शब्दों में कहा कि मौजूदा चेन्नई सुपर किंग्स अब “एमएस धोनी की सीएसके” नहीं रह गई है और टीम अपनी पुरानी पहचान खो चुकी है.
आईपीएल 2026 में चेन्नई सुपर किंग्स का सफर गुजरात टाइटंस के खिलाफ 89 रन की करारी हार के साथ समाप्त हो गया. अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में मिली इस हार के बाद टीम आधिकारिक रूप से प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो गई. यह लगातार तीसरा सीजन है जब पांच बार की चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स प्लेऑफ तक पहुंचने में नाकाम रही है.
रविचंद्रन अश्विन ने टीम के प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चेन्नई सुपर किंग्स की सबसे बड़ी समस्या उसकी पहचान का खत्म होना है. उन्होंने कहा कि पहले सीएसके की एक स्पष्ट रणनीति और खेलने का तरीका होता था, लेकिन अब टीम भ्रमित नजर आती है. अश्विन के मुताबिक टीम को अब फिर से अनुभवी और गुणवत्ता वाले खिलाड़ियों पर निवेश करना होगा.
अश्विन ने यह भी कहा कि चेन्नई की टीम अब केवल एमएस धोनी की मौजूदगी के भरोसे आगे नहीं बढ़ सकती. उन्होंने माना कि धोनी ने वर्षों तक टीम को एक अलग पहचान दी, लेकिन अब टीम को भविष्य की सोच के साथ नई रणनीति बनानी होगी. उनका कहना था कि सिर्फ पुराने नामों और भावनाओं के सहारे टीम लंबे समय तक सफल नहीं रह सकती.
इस सीजन चेन्नई सुपर किंग्स ने शुरुआत में बेहद खराब प्रदर्शन किया था. हालांकि टूर्नामेंट के अंतिम चरण में टीम ने वापसी की कोशिश की और आठ मैचों में से छह मुकाबले जीते, लेकिन आखिर के लगातार तीन मैच हारने के कारण प्लेऑफ की उम्मीदें खत्म हो गईं. टीम ने 14 मैचों में छह जीत के साथ 12 अंक हासिल किए और उसका नेट रन रेट माइनस 0.345 रहा.
अश्विन ने चेपॉक स्टेडियम में टीम के प्रदर्शन पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि एक समय था जब चेन्नई का घरेलू मैदान विरोधी टीमों के लिए सबसे मुश्किल माना जाता था, लेकिन अब वहां भी टीम का दबदबा खत्म होता नजर आ रहा है. उन्होंने चेन्नई की घरेलू रणनीति को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि टीम अब अपने ही हालात का सही फायदा नहीं उठा पा रही.
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि चेन्नई सुपर किंग्स के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती टीम के बदलाव और भविष्य की योजना को लेकर है. लंबे समय तक एमएस धोनी की कप्तानी और अनुभव के दम पर टीम ने सफलता हासिल की, लेकिन अब नई पीढ़ी के खिलाड़ियों के साथ स्थिरता बनाना बड़ी चुनौती बन चुका है.
रुतुराज गायकवाड़ की कप्तानी में टीम से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन इस सीजन चेन्नई लगातार दबाव में नजर आई. बल्लेबाजी में निरंतरता की कमी और गेंदबाजी में कमजोर प्रदर्शन ने टीम को कई अहम मैचों में नुकसान पहुंचाया.
सोशल मीडिया पर भी फैंस टीम के प्रदर्शन को लेकर निराश दिखाई दे रहे हैं. कई प्रशंसकों का कहना है कि चेन्नई सुपर किंग्स को अब बड़े बदलाव की जरूरत है. वहीं कुछ फैंस अब भी उम्मीद जता रहे हैं कि टीम अगले सीजन मजबूत वापसी करेगी.
अश्विन की टिप्पणी के बाद क्रिकेट जगत में यह बहस और तेज हो गई है कि क्या चेन्नई सुपर किंग्स अब एक नए दौर में प्रवेश कर चुकी है. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि टीम को फिर से पुरानी सफलता हासिल करनी है तो उसे भावनाओं से आगे बढ़कर कड़े फैसले लेने होंगे.
फिलहाल चेन्नई सुपर किंग्स का यह सीजन निराशा के साथ समाप्त हुआ है और अब टीम प्रबंधन पर अगले सीजन के लिए मजबूत रणनीति तैयार करने का दबाव बढ़ गया है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

