चमौली. उत्तराखंड के चमौली में स्थित विश्व प्रसिद्ध सिखों के पवित्र तीर्थ स्थल श्री हेमकुंड साहिब के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं. पवित्र तीर्थ स्थल हेमकुंड साहिब के कपाट खुलते ही चारों तरफ बोले सो निहाल, सत श्री अकाल के जयकारों से लोकपाल घाटी गूंज उठी. हेमकुंड साहिब के कपाट शनिवार को सुबह 11:30 बजे विधि-विधान के साथ खोले गए.
5 क्विंटल फूलों से सजाया गया परिसर
गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा और वरिष्ठ प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने बताया कि परंपरा के अनुसार सचखंड से गुरू ग्रंथ साहिब को विराजमान कर अखंड पाठ, शबद कीर्तन, अरदास और हुक्मनामा लिया गया. गुरुद्वारे को 5 क्विंटल फूलों से भव्य रूप से सजाया गया था. 22 मई को गुरुद्वारे से पंच प्यारों की अगुवाई में पहला जत्था बैंड-बाजों और पवित्र निशान साहिब के साथ रवाना हुआ था.
पहले दिन 3 हजार श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
पवित्र तीर्थ स्थल हेमकुंड साहिब के कपाट आज श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं. कपाट खुलने के पहले दिन 3,000 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं. समुद्र तल से 15,225 फीट की ऊंचाई पर स्थित सप्तश्रृंग पर्वत मालाओं के बीच बसे इस पवित्र धाम तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को 18 किलोमीटर की कठिन पैदल यात्रा करनी पड़ती है.
सीएम धामी ने लिखा- जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने एक्स पर हेमकुंड साहिब का एक वीडियो शेयर किया है. सीएम ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा- जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल. चमोली जनपद में स्थित श्री हेमकुंड साहिब अनेकों श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का पावन केंद्र है. हिमालय की शांत वादियों में स्थित यह पवित्र धाम केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि आत्मिक ऊर्जा, मन की शांति और अध्यात्म की दिव्य अनुभूति का स्थान है. चमोली जनपद आगमन पर इस पावन स्थल के दर्शन अवश्य करें.
यात्रा मार्ग में जमीं बर्फ
सिखों के पवित्र तीर्थ स्थल के यात्रा मार्ग से भारतीय सेना के जवानों ने बर्फ हटाकर आवाजाही शुरू की थी. हालांकि, धाम में अभी भी कई फीट बर्फ जमी हुई है. गुरुद्वारे के कपाट खुलने से भ्यूंडार घाटी गुलजार हो गई है. शीतकाल के बाद घाटी में फिर से उत्सव जैसा माहौल बन गया है. गुरुद्वारा प्रबंधन समिति ने सभी श्रद्धालुओं से यात्रा मार्ग पर सौहार्द, अनुशासन और पर्यावरण संरक्षण बनाए रखने की अपील की है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

