एमपी : पत्नी का किया पति ने ही किया कन्यादान, सास बनी मां, जबलपुर के युवक से ठगी करने कराई शादी

एमपी : पत्नी का किया पति ने ही किया कन्यादान, सास बनी मां, जबलपुर के युवक से  ठगी करने कराई शादी

प्रेषित समय :13:47:27 PM / Sun, May 24th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. मध्य प्रदेश के ग्वालियर के झांसी रोड थाना क्षेत्र के नाका चंद्रवदनी इलाके में शादी के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है. जबलपुर के एक निजी अस्पताल में काम करने वाले युवक को गरीब लड़की बताकर जिस युवती से शादी कराई गई, वह पहले से शादीशुदा निक

इस घटना की सबसे आश्चर्यजनक बात यह रही कि जिस व्यक्ति ने भाई बनकर कन्यादान कराया, वही उसका असली पति निकला. पीडि़त की शिकायत पर शनिवार को पुलिस ने लुटेरी दुल्हन समेत 7 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज किया है.

 निजी अस्पताल में टीम लीडर है पीडि़त

नाका चंद्रवदनी निवासी 35 वर्षीय रतन शर्मा जबलपुर के एक निजी अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में टीम लीडर हैं. परिवार में पांच भाई हैं और किसी की भी शादी नहीं हुई थी. परिवार अच्छे रिश्ते की तलाश में था. इसी मजबूरी का फायदा पड़ोसी सोनू तिवारी ने उठाया.

पड़ोसी ने रचा ठगी का जाल

सोनू तिवारी ने रतन के भाई गोविंद को बताया कि मुरैना निवासी उसका दोस्त सोनू उर्फ अजय चौहान अपनी गरीब मुंहबोली बहन राधा उर्फ दीक्षा मुद्गल के लिए रिश्ता तलाश रहा है. भरोसा कर रतन की मां और भाई लड़की देखने पहुंचे. फोटो पसंद आने के बाद रिश्ता तय हो गया.

27 अप्रैल को गोद भराई, 7 मई को शादी

रतन जबलपुर से ग्वालियर आया. 27 अप्रैल 2026 को आरोपी सोनू चौहान खुद को लड़की का भाई बताकर गोद भराई की रस्म भी करवाने पहुंचा. इसके बाद 7 मई को पाटनकर चौराहा स्थित सुखसागर होटल में हिंदू रीति-रिवाज से शादी कराई गई. शादी में करीब 7 लाख रुपए खर्च हुए.

फर्जी मायके वालों ने निभाई रस्में

शादी में सोनू चौहान की मां माया देवी ने लड़की की मां बनकर कन्यादान किया. उसकी बहन शिल्पी, जीजा राघवेंद्र और भाई सत्येंद्र भी लड़की पक्ष बनकर शामिल हुए. शादी के बाद दुल्हन को विदा कर नाका चंद्रवदनी स्थित घर लाया गया.

व्हाट्सऐप चैट ने खोला राज

शादी के बाद दुल्हन लगातार मोबाइल पर किसी से चैट करती रहती थी. शक होने पर एक रात रतन ने उसका मोबाइल चेक किया. व्हाट्सऐप चैट देखकर उनके होश उड़ गए. पता चला कि भाई बनकर शादी कराने वाला सोनू उर्फ अजय चौहान ही दीक्षा का असली पति है. दोनों ने 2024 में आगरा के आर्य समाज मंदिर में प्रेम विवाह किया था और पति-पत्नी की तरह रह रहे थे.

जेवर और नकदी लेकर भागने की थी साजिश

रतन को समझ आया कि यह पूरा गिरोह सुनियोजित तरीके से शादी कराकर लाखों के जेवर और नकदी लूटने की फिराक में था. उन्होंने तुरंत परिवार को बताया और शनिवार को दुल्हन को पकड़कर झांसी रोड थाने पहुंच गए.

7 आरोपियों पर केस दर्ज

पुलिस ने राधा उर्फ दीक्षा मुद्गल, सोनू उर्फ अजय चौहान, माया देवी, शिल्पी परमार, राघवेंद्र परमार, सत्येंद्र चौहान और सोनू तिवारी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. झांसी रोड थाना पुलिस के अनुसार, यह गिरोह पहले भी कई लोगों को झूठी शादी के जाल में फंसा चुका है. आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें रवाना कर दी गई हैं.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-