Rajasthan Royals ने Mumbai Indians को 30 रन से हराकर Indian Premier League के प्लेऑफ में शानदार एंट्री कर ली. वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए इस हाई वोल्टेज मुकाबले में राजस्थान की जीत के सबसे बड़े हीरो रहे तेज गेंदबाज Jofra Archer, जिन्होंने बल्ले और गेंद दोनों से धमाकेदार प्रदर्शन किया. आर्चर ने पहले 15 गेंदों में विस्फोटक 32 रन बनाए और फिर गेंदबाजी में कहर बरपाते हुए चार ओवर में सिर्फ 17 रन देकर तीन विकेट झटक लिए. मैच के बाद हालांकि आर्चर ने चौंकाने वाला बयान देते हुए कहा कि यह गेंद के साथ उनका सर्वश्रेष्ठ सीजन नहीं रहा है.
राजस्थान रॉयल्स के लिए करो या मरो जैसे मुकाबले में जॉफ्रा आर्चर ने शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन कर टीम को जीत दिलाई. बल्लेबाजी के दौरान उन्होंने अंतिम ओवरों में आक्रामक अंदाज अपनाते हुए एक चौका और तीन लंबे छक्के लगाए. उनकी तेज पारी ने राजस्थान को 20 ओवर में 205 रन के मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई. इसके बाद गेंदबाजी में भी उन्होंने मुंबई इंडियंस के शीर्ष क्रम को झकझोर दिया और शुरुआती विकेट लेकर मैच का रुख राजस्थान की ओर मोड़ दिया.
मैच के बाद अपनी गेंदबाजी पर बात करते हुए आर्चर ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि यह उनका सर्वश्रेष्ठ वर्ष रहा है. उन्होंने कहा कि कई बार अच्छी गेंद डालने के बावजूद सफलता नहीं मिलती, लेकिन महत्वपूर्ण मुकाबलों में प्रदर्शन करना ज्यादा मायने रखता है. आर्चर ने कहा कि उनका प्रयास हमेशा सही लाइन और लेंथ पर गेंद डालने का रहता है. उन्होंने कहा कि अगर अच्छी गेंद पर चौका लग जाए तो भी उन्हें उससे ज्यादा फर्क नहीं पड़ता क्योंकि लक्ष्य लगातार सही एरिया में गेंदबाजी करना होता है.
इस सीजन में जॉफ्रा आर्चर का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा है. वह 14 मैचों में 21 विकेट लेकर इस सीजन के दूसरे सबसे सफल गेंदबाज बन चुके हैं. उनका औसत 21.71 और इकॉनमी रेट 8.76 रहा है. वहीं टी20 क्रिकेट में इस वर्ष उन्होंने 24 मैचों में 34 विकेट हासिल किए हैं. इसके बावजूद आर्चर का मानना है कि वह इससे भी बेहतर गेंदबाजी कर सकते थे.
आर्चर ने मैच के बाद राजस्थान रॉयल्स के मुख्य कोच Kumar Sangakkara को लेकर भी बड़ा खुलासा किया. उन्होंने बताया कि टूर्नामेंट की शुरुआत में वह काफी स्लोअर गेंदें डालने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन संगकारा ने उन्हें साफ शब्दों में कहा कि अब उन्हें “पेस-ऑफ” गेंदबाजी बंद करनी होगी. आर्चर ने बताया कि कोच ने उन्हें लगातार तेज गति से गेंदबाजी करने की सलाह दी क्योंकि उसमें गलती की गुंजाइश ज्यादा सुरक्षित रहती है.
आर्चर ने कहा कि संगकारा ने उनसे कहा था कि वह चाहे जो करें, लेकिन अब और स्लोअर गेंद नहीं डालें. इसके बाद उन्होंने अपनी रणनीति बदली और लगातार तेज रफ्तार गेंदबाजी पर ध्यान दिया. आर्चर ने माना कि तेज गेंदबाजी में कई बार एज लगकर चौके भी चले जाते हैं, लेकिन लंबे समय में यह ज्यादा सुरक्षित और प्रभावी विकल्प साबित होता है.
मैच के दौरान आर्चर ने बल्ले से भी अपनी उपयोगिता साबित की. उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि वह खुद को ऑलराउंडर मानते हैं. उन्होंने बताया कि इम्पैक्ट प्लेयर नियम के कारण उन्हें बल्लेबाजी के ज्यादा मौके नहीं मिलते, इसलिए जब कोच ने पैड पहनने को कहा तो वह खुद भी थोड़ा हैरान थे. हालांकि उन्होंने खुशी जताई कि टीम के लिए वह बल्ले से योगदान दे सके. फिटनेस को लेकर भी आर्चर ने संतोष जताते हुए कहा कि फिलहाल वह काफी अच्छा महसूस कर रहे हैं.
मुकाबले की बात करें तो मुंबई इंडियंस ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया था. राजस्थान की ओर से Dhruv Jurel ने 38 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली, जबकि आर्चर की तेजतर्रार बल्लेबाजी ने टीम को 205 रन तक पहुंचा दिया. मुंबई के लिए Shardul Thakur और Deepak Chahar ने दो-दो विकेट लिए.
लक्ष्य का पीछा करने उतरी मुंबई इंडियंस की शुरुआत बेहद खराब रही और टीम ने सिर्फ 38 रन पर चार विकेट गंवा दिए. इसके बाद Will Jacks और Suryakumar Yadav ने पारी संभालने की कोशिश की. सूर्यकुमार यादव ने 42 गेंदों में 60 रन बनाए जबकि कप्तान Hardik Pandya ने 15 गेंदों में 34 रन की तेज पारी खेली, लेकिन राजस्थान के गेंदबाजों के सामने मुंबई की टीम 175 रन ही बना सकी.
राजस्थान की ओर से आर्चर के अलावा Nandre Burger, बृजेश शर्मा और यश राज पुंजा ने भी शानदार गेंदबाजी की और दो-दो विकेट हासिल किए. इस जीत के साथ राजस्थान रॉयल्स ने 16 अंक हासिल कर प्लेऑफ में जगह पक्की कर ली. टीम अब एलिमिनेटर मुकाबले में Sunrisers Hyderabad से भिड़ेगी. वहीं मुंबई इंडियंस का सीजन निराशाजनक अंदाज में समाप्त हुआ और टीम नौवें स्थान पर रही.
मैच के बाद सोशल मीडिया पर भी जॉफ्रा आर्चर की जमकर तारीफ हुई. फैंस ने उनकी तेज गेंदबाजी, विस्फोटक बल्लेबाजी और आत्मविश्वास भरे बयान की सराहना की. क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आर्चर इसी लय में रहे तो राजस्थान रॉयल्स इस सीजन खिताब की सबसे मजबूत दावेदार टीमों में शामिल हो सकती है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

