जबलपुर. एमपी के जबलपुर जिले से गुजरने वाले नागपुर-छिंदवाड़ा-जबलपुर प्राकृतिक गैस पाइपलाइन परियोजना का मुख्य कार्य पूरा हो गया है. भारत सरकार की महारत्न कंपनी गेल की तकनीकी टीम ने शुक्रवार को छिंदवाड़ा-जबलपुर सेक्शन में पाइपलाइन की कमीशनिंग प्रक्रिया पूरी कर ली. इस दौरान पाइपलाइन में फुल प्रेशर से गैस छोड़कर अंतिम तकनीकी परीक्षण किया गया, जो सफल रहा.
अब केवल जबलपुर समेत 11 अन्य जिलों में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन लाइन बिछाने का कार्य शेष है. हालांकि, इस काम में देरी हो रही है. संबंधित कंपनी ने अब सर्वे कार्य शुरू किया है. अगर ये काम समय पर शुरू हो जाता तो लोगों को घरेलू गैस सिलेंडर पर निर्भर नहीं रहना पड़ता और पाइपलाइन के जरिए घरों तक गैस पहुंचने लगती.
दिसंबर में हुआ था नाइट्रोजन ट्रायल
गेल इंडिया लिमिटेड की तकनीकी टीम ने दिसंबर 2025 में 318 किलोमीटर लंबी ट्रंक लाइन में नाइट्रोजन गैस प्रवाहित कर प्रारंभिक तकनीकी परीक्षण किया था. उस समय सीमित दबाव में गैस छोड़ी गई थी.
दो दिनों तक चला फुल प्रेशर ट्रायल
21 और 22 मई को पाइपलाइन में फुल प्रेशर के साथ गैस प्रवाहित की गई. इस दौरान जबलपुर के कोसमघाट और छिंदवाड़ा के रीमा स्थित स्टेशनों पर तकनीकी टीमों की तैनाती की गई थी. विभिन्न स्थानों पर गैस प्रवाह की निगरानी की गई, जहां कोई तकनीकी खामी सामने नहीं आई. इससे स्पष्ट हो गया कि प्राकृतिक गैस अब जबलपुर तक पहुंच चुकी है.
मनेरी में शुरू हुआ प्लांट का काम
जबलपुर शहर और आसपास के क्षेत्रों में गैस वितरण नेटवर्क बिछाने का कार्य मेघा सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन प्राइवेट लिमिटेड को सौंपा गया है. कंपनी ने मनेरी औद्योगिक क्षेत्र में अपने प्लांट के लिए प्रारंभिक पाइपलाइन कार्य शुरू कर दिया है.
परियोजना की डिटेल
-प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के तहत संचालित परियोजना
-नागपुर से जबलपुर तक 318 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन
-मध्यप्रदेश में 256 किलोमीटर हिस्सा शामिल
-परियोजना की कुल लागत 1173 करोड़ रुपए
-14 जिलों की करीब 86 लाख आबादी को मिलेगा लाभ
-परिवहन और औद्योगिक क्षेत्र को भी होगा फायदा
-जबलपुर के 7 लाख से अधिक उपभोक्ताओं तक गैस पहुंचाने का लक्ष्य
नागपुर - छिंदवाड़ा - जबलपुर प्राकृतिक गैस पाइपलाइन का काम पूरा
गेल इंडिया के स्वतंत्र निदेशक अखिलेश जैन के मुताबिक नागपुर - छिंदवाड़ा - जबलपुर प्राकृतिक गैस पाइपलाइन परियोजना का काम पूरा किया जा चुका है. पहले नाइट्रोजन गैस के माध्यम से तकनीकी परीक्षण किया गया था और अब फुल प्रेशर के साथ अंतिम ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है. अब आगे की जिम्मेदारी मेघा सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन प्राइवेट लिमिटेड की है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

