हिंदू धर्म में पद्मिनी एकादशी को अत्यंत दुर्लभ और पुण्यदायी व्रत माना गया है. यह एकादशी अधिक मास के शुक्ल पक्ष में आती है और लगभग तीन वर्ष में एक बार इसका संयोग बनता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पद्मिनी एकादशी का व्रत करने से अश्वमेध यज्ञ के समान पुण्य फल प्राप्त होता है और भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है. मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से व्रत और पूजा करने वाले भक्तों के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं तथा जीवन में सुख-समृद्धि, वैवाहिक सुख और संतान प्राप्ति के योग मजबूत होते हैं.
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार अधिक मास भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है. इसलिए इस महीने में किए गए जप, तप, दान और व्रत का फल कई गुना बढ़ जाता है. पद्मिनी एकादशी के दिन यदि श्रद्धालु अपनी राशि के अनुसार भगवान विष्णु को विशेष वस्तुएं अर्पित करें तो घर-परिवार में सकारात्मक ऊर्जा, आर्थिक उन्नति और मानसिक शांति का संचार होता है.
मेष राशि के जातकों को भगवान विष्णु को बूंदी के लड्डू अर्पित करने चाहिए और तांबे के लोटे में जल भरकर उसमें कुमकुम मिलाकर सूर्य देव को अर्घ्य देना चाहिए. वृषभ राशि वाले श्रद्धालु भगवान विष्णु को सफेद चंदन का तिलक लगाएं, इससे मानसिक तनाव दूर होता है और शांति मिलती है. मिथुन राशि के लोग तुलसी की माला अर्पित करें और अमरूद या नाशपाती का भोग लगाएं. कर्क राशि के जातकों को भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को सफेद फूल अर्पित करना शुभ माना गया है, जिससे मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.
सिंह राशि के लोगों को तांबे के पात्र से भगवान विष्णु को जल अर्पित करना चाहिए. मान्यता है कि इससे कार्यक्षेत्र में सफलता और मान-सम्मान प्राप्त होता है. कन्या राशि के श्रद्धालु इलायची और मिश्री अर्पित करें तथा विष्णु चालीसा का पाठ करें. तुला राशि वालों को भगवान विष्णु को मक्खन और मिश्री का भोग लगाकर पीले वस्त्र अर्पित करने चाहिए. वृश्चिक राशि के लोगों के लिए लाल चंदन अर्पित करना शुभ माना गया है, जिससे व्यापार और नौकरी में लाभ के संकेत मिलते हैं.
धनु राशि के जातक भगवान विष्णु को चने की दाल और केला अर्पित करें. मकर राशि वालों को पीले फूल और मौसमी फल अर्पित करने के साथ गरीबों में पीले भोजन का दान करना चाहिए. कुंभ राशि के श्रद्धालु नीले या सफेद रंग के फूल अर्पित करें और कपूर का दीपक जलाकर भगवान विष्णु की आरती करें. वहीं मीन राशि के लोगों को भगवान विष्णु को केसर का तिलक लगाकर हल्दी की गांठ अर्पित करनी चाहिए. ऐसा करने से धन लाभ और समृद्धि के योग बनते हैं.
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार पद्मिनी एकादशी का व्रत विशेष रूप से उन लोगों के लिए फलदायी माना गया है जो संतान सुख, वैवाहिक जीवन में मधुरता और आर्थिक उन्नति की कामना रखते हैं. धार्मिक ग्रंथों में उल्लेख मिलता है कि इस व्रत को करने से व्यक्ति को वैकुंठ धाम की प्राप्ति होती है और जीवन के सभी कष्ट धीरे-धीरे समाप्त होने लगते हैं.
पूजा के दौरान भगवान विष्णु के मंत्र “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” का जाप करना अत्यंत शुभ माना जाता है. श्रद्धालुओं को इस दिन सात्विक भोजन ग्रहण करना चाहिए और जरूरतमंद लोगों को अन्न, वस्त्र तथा दक्षिणा का दान करना चाहिए. ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि अधिक मास में आने वाली पद्मिनी एकादशी आध्यात्मिक उन्नति के साथ-साथ जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाली मानी जाती है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

