पमरे के 43 स्टेशनों पर 665 करोड़ से अधिक की सिग्नलिंग आधुनिकीकरण परियोजनाओं को मिली मंजूरी

पमरे के 43 स्टेशनों पर 665 करोड़ से अधिक की सिग्नलिंग आधुनिकीकरण परियोजनाओं को मिली मंजूरी

प्रेषित समय :16:43:08 PM / Wed, May 27th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. भारतीय रेल ने रेल सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा परिचालन दक्षता में वृद्धि के उद्देश्य से पश्चिम मध्य रेल के अंतर्गत दो महत्वपूर्ण सिग्नलिंग आधुनिकीकरण कार्यों को स्वीकृति प्रदान की है. इन परियोजनाओं के अंतर्गत वर्तमान पैनल इंटरलॉकिंग प्रणाली को अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (Electronic Interlocking) प्रणाली से प्रतिस्थापित किया जाएगा तथा ट्रैक सर्किट के समानांतर मल्टी सेक्शन डिजिटल एक्सल काउंटर (MSDAC) प्रणाली स्थापित की जाएगी. इन दोनों परियोजनाओं की कुल स्वीकृत लागत ₹665.14 करोड़ है, जिससे पश्चिम मध्य रेल के 43 स्टेशनों को लाभ मिलेगा.

स्वीकृत कार्यों के अंतर्गत इटारसी–जबलपुर रेलखंड के 19 स्टेशनों पर पैनल इंटरलॉकिंग प्रणाली को इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग एवं ट्रैक सर्किट के समानांतर MSDAC प्रणाली से प्रतिस्थापित करने का कार्य ₹271.31 करोड़ की लागत से किया जाएगा.

इसी प्रकार जबलपुर–मानिकपुर रेलखंड के 24 स्टेशनों पर भी पैनल इंटरलॉकिंग प्रणाली के स्थान पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग एवं ट्रैक सर्किट के समानांतर MSDAC प्रणाली स्थापित करने का कार्य ₹393.83 करोड़ की लागत से स्वीकृत किया गया है.

ये परियोजनाएं भारतीय रेल द्वारा उच्च घनत्व नेटवर्क (High Density Network) एवं अत्यधिक उपयोग वाले नेटवर्क (Highly Utilised Network) मार्गों पर शेष स्टेशनों में इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग उपलब्ध कराने की व्यापक आधुनिकीकरण योजना का हिस्सा हैं. इन मार्गों पर पहले से ही कवच (Kavach), ऑटोमेटिक ब्लाक सिग्नलिंग (ABS) तथा सेंट्रलाइज्ड ट्रैफिक कंट्रोल (CTC) जैसी उन्नत सुरक्षा प्रणालियों के क्रियान्वयन की दिशा में कार्य किया जा रहा है.

इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से रेल संचालन की सुरक्षा में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, सिग्नलिंग प्रणालियों की विश्वसनीयता बेहतर होगी, परिचालन क्षमता एवं लाइन क्षमता में वृद्धि होगी तथा रखरखाव संबंधी आवश्यकताओं में कमी आएगी. साथ ही व्यस्त रेलखंडों पर ट्रेनों का संचालन अधिक सुचारु एवं कुशलतापूर्वक किया जा सकेगा.

यह स्वीकृति भारतीय रेल की आधुनिक सिग्नलिंग तकनीकों को अपनाने तथा राष्ट्रीय रेल नेटवर्क पर सुरक्षा अवसंरचना को और अधिक सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-