लखनऊ.समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने राज्य में जारी बिजली संकट को लेकर भाजपा सरकार पर जोरदार हमला बोला है। भीषण गर्मी के बीच प्रदेश के कई जिलों में हो रही बिजली कटौती और खराब विद्युत व्यवस्था को लेकर उन्होंने भाजपा के चर्चित “गुजरात मॉडल” को पूरी तरह विफल करार दिया। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में गुजरात मॉडल का ट्रांसफार्मर ही फुंक गया है और जनता परेशान होकर भाजपा नेताओं के पीछे भाग रही है।
अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट में लिखा कि “यूपी में गुजरात मॉडल का ट्रांसफार्मर फुंक गया है। जबरन जोड़े गए तारों से चिंगारियां निकल रही हैं। बिजली आए बिना ही मीटर दौड़ रहे हैं और जनता भाजपा नेताओं के पीछे दौड़ रही है।” उनके इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में बिजली संकट को लेकर बहस तेज हो गई है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि जब बड़े नेताओं को प्रशिक्षित करने वाले लोग ही असफल साबित हो रहे हैं तो उनके शिष्यों से क्या उम्मीद की जा सकती है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जनता यह सवाल पूछ रही है कि आखिर हर संकट के समय भाजपा नेता हाथ खड़े कर आत्मसमर्पण की मुद्रा में क्यों आ जाते हैं।
दरअसल, उत्तर प्रदेश में इन दिनों भीषण गर्मी के चलते बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। कई जिलों में लंबे समय तक बिजली कटौती की शिकायतें सामने आ रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ शहरी इलाकों में भी लोगों को बिजली संकट का सामना करना पड़ रहा है। विपक्ष लगातार आरोप लगा रहा है कि सरकार बढ़ती मांग के अनुसार बिजली आपूर्ति और वितरण व्यवस्था को संभालने में विफल साबित हुई है।
अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट के साथ एक समाचार रिपोर्ट भी साझा की, जिसमें उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री एके शर्मा की कार्यशैली पर सवाल उठाए गए थे। एके शर्मा गुजरात कैडर के पूर्व आईएएस अधिकारी रहे हैं और उन्हें भाजपा सरकार में ऊर्जा विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। समाजवादी पार्टी का आरोप है कि गुजरात मॉडल का अनुभव होने के बावजूद ऊर्जा मंत्री प्रदेश में बिजली व्यवस्था को पटरी पर नहीं ला सके हैं।
समाजवादी पार्टी लंबे समय से राज्य सरकार पर बिजली संकट को लेकर हमलावर रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि भाजपा सरकार बिजली आपूर्ति के बड़े-बड़े दावे करती रही, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। उनका आरोप है कि ग्रामीण इलाकों में घंटों बिजली गायब रहती है और शहरों में भी लो-वोल्टेज तथा ट्रिपिंग की समस्या लगातार बनी हुई है।
वहीं भाजपा सरकार का कहना है कि प्रदेश में बिजली की रिकॉर्ड मांग के बावजूद आपूर्ति बनाए रखने की लगातार कोशिश की जा रही है। सरकार के अनुसार ट्रांसफार्मर बदलने, अतिरिक्त बिजली खरीदने और तकनीकी खामियों को दूर करने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। ऊर्जा विभाग का दावा है कि कई जगहों पर स्थानीय तकनीकी समस्याओं और अत्यधिक लोड के कारण अस्थायी दिक्कतें आ रही हैं, जिन्हें जल्द ठीक किया जा रहा है।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में गर्मियों के दौरान बिजली संकट हमेशा बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन जाता है। विपक्ष अक्सर बिजली कटौती, बढ़ते बिल और खराब व्यवस्था को लेकर सरकार को घेरता रहा है। इस बार भी समाजवादी पार्टी ने इसे बड़ा मुद्दा बनाते हुए भाजपा के गुजरात मॉडल पर सीधा हमला बोला है।
अखिलेश यादव के बयान के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी तेज हो गया है। भाजपा नेताओं ने उनके आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी बताते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है। हालांकि राज्य में बिजली संकट और बढ़ती मांग को लेकर आम लोगों की परेशानियां लगातार सामने आ रही हैं, जिससे यह मुद्दा आने वाले दिनों में और अधिक राजनीतिक तूल पकड़ सकता है।
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

