दिल्ली हाईकोर्ट से कॉकरोच जनता पार्टी को झटका, एक्स अकाउंट बहाल करने से किया इनकार

दिल्ली हाईकोर्ट से कॉकरोच जनता पार्टी को झटका, एक्स अकाउंट बहाल करने से किया इनकार

प्रेषित समय :15:24:33 PM / Fri, May 29th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली. दिल्ली हाई कोर्ट में कॉकरोच जनता पार्टी को एक बड़ा झटका लगा है. शुक्रवार 29 मई को कोर्ट ने कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी के सोशल मीडिया एक्स अकाउंट को तुरंत बहाल करने का निर्देश जारी करने से इनकार कर दिया. इस पार्टी का नेतृत्व अभिजीत दिपके करते हैं. जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने दिपके की याचिका पर सुनवाई की अध्यक्षता की.

कोर्ट ने सीजेपी के सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट की गई कुछ सामग्री को आपत्तिजनक माना और पार्टी के संस्थापक दिपके द्वारा दायर याचिका पर तत्काल राहत देने से इनकार कर दिया. कोर्ट ने कहा कि मामले के सभी पहलुओं पर विचार करना आवश्यक है और वह सरकार तथा एक्स प्लेटफॉर्म, दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद ही कोई आदेश जारी करेगा.

हाईकोर्ट ने क्या नोटिस जारी किया?

सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके द्वारा दायर याचिका पर कार्रवाई करते हुए, दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को एक नोटिस जारी किया. यह याचिका केंद्र सरकार द्वारा पार्टी के एक्स हैंडल पर प्रतिबंध लगाने के आदेश को चुनौती देती है. राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए सरकार ने भारत के भीतर इस ट्विटर अकाउंट पर प्रतिबंध लगा दिया था. दिल्ली हाई कोर्ट न एक्स हैंडल पर लगे प्रतिबंध को तत्काल हटाने के संबंध में कोई आदेश जारी नहीं किया है.

एक्स हैंडल कब किया गया ब्लाक?

कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी का एक्स हैंडल 21 मई को भारत में ब्लॉक कर दिया गया था. इसके बाद 'Cockroach Is Back' नाम से एक नया हैंडल बनाया गया, जिसके वर्तमान में 227,000 से अधिक फॉलोअर्स हैं.

क्या है मामला?

अभिजीत दीपके जो पहले आम आदमी पार्टी से जुड़े थे ने 15 मई को कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी लॉन्च की. यह लॉन्च जस्टिस सूर्यकांत की टिप्पणियों को लेकर चल रहे विवाद के बीच हुआ. जस्टिस सूर्यकांत ने सीनियर वकीलों के पदनाम से जुड़ी एक याचिका की सुनवाई के दौरान कुछ लोगों को कॉकरोच और परजीवी कहा था.

सीजेपी 16 मई को लॉन्च हुई.

16 मई को चीफ जस्टिस ने अपनी टिप्पणियों के संबंध में एक कड़ा स्पष्टीकरण जारी किया. उन्होंने कहा कि उन रिपोर्टों से उन्हें ठेस पहुंची है, जिनमें यह कहा गया था कि उन्होंने युवाओं की आलोचना की है. उन्होंने साफ किया कि उनकी टिप्पणियां विशेष रूप से उन लोगों के खिलाफ थीं, जो फर्जी और अवैध डिग्रियों के ज़रिए वकालत के पेशे में घुस रहे हैं, और मीडिया के एक हिस्से ने उनके बयानों को गलत तरीके से पेश किया है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-