आज का दिन- 30 मई 2026, कुछ खास है हर पूर्णिमा!

आज का दिन- 30 मई 2026, कुछ खास है हर पूर्णिमा!

प्रेषित समय :22:04:28 PM / Fri, May 29th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

-प्रदीप लक्ष्मीनारायण द्विवेदी, बॉलीवुड एस्ट्रो एडवाइजर (व्हाट्सएप- 6367472963)
* अधिक पूर्णिमा उपवास - 30 मई 2026, शनिवार
* ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा उपवास के दिन चन्द्रोदय - 06:42 पीएम
* उदय व्यापिनी ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा 31 मई 2026, रविवार
* पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ - 30 मई 2026 को 11:57 एएम बजे
* पूर्णिमा तिथि समाप्त - 31 मई 2026 को 02:14 पीएम बजे

* हर माह की पूर्णिमा के अवसर पर कोई न कोई पर्व अवश्य मनाया जाता हैं.
* पूर्णिमा का हिन्दू धर्म में विशेष महत्व है.
* कहा जाता है कि कोई भी शुभ कार्य श्रीगणेश पूजा से प्रारंभ करना चाहिए तथा कार्य सम्पन्न हो जाने पर सत्यनारायण देव की पूजा करनी चाहिए.
* सत्यनारायण देव और चन्द्र देव की पूजा के लिए पूर्णिमा सर्वश्रेष्ठ अवसर माना जाता है.
* वैसे भी इस दिन का भारतीय जनजीवन में विशेष धार्मिक-सामाजिक महत्व है...
* वैशाख माह की पूर्णिमा के दिन बुद्ध पूर्णिमा होती है.
* ज्येष्ठ महीने की पूर्णिमा के दिन वट सावित्री व्रत होता है.    
* आषाढ़ पूर्णिमा, गुरु पूर्णिमा होती है, इस दिन गुरु पूजा होती है.
* श्रावण की पूर्णिमा के दिन रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाता है.
* भाद्रपद की पूर्णिमा के दिन उमा महेश्वर व्रत होता है.
* अश्विन की पूर्णिमा के दिन शरद पूर्णिमा का पर्व मनाया जाता है.
* कार्तिक की पूर्णिमा के दिन देव दिवाली मनाते हैं.
* मार्गशीर्ष की पूर्णिमा के दिन श्री दत्तात्रेय जयंती होती है.
* पौष की पूर्णिमा पर शाकंभरी जयंती मनाई जाती है. 
* फाल्गुन की पूर्णिमा के दिन होली का पर्व मनाया जाता है.  
* चैत्र माह की पूर्णिमा, हनुमान जयन्ती होती है.
* जिस व्यक्ति को पूर्णिमा के दिन मानसिक तनाव होता है या परेशानी होती है तो उस व्यक्ति को शिव पूजा करनी चाहिए और चन्द्र की वस्तुओं का दान करना चाहिए.
* चन्द्र के अशुभ प्रभाव को समाप्त करने के लिए माता की सेवा करें, माता का आशीर्वाद प्राप्त करें, माता की दुआएं शुभ फल प्रदान करती हैं.
श्री गौमाता धर्म-कर्म पंचांग, चौघड़िया - 30 मई 2026
शक सम्वत 1948, विक्रम सम्वत 2083, अमान्त महीना ज्येष्ठ (अधिक), पूर्णिमान्त महीना ज्येष्ठ (अधिक), वार शनिवार, पक्ष शुक्ल, तिथि चतुर्दशी - 11:57 ए एम तक, नक्षत्र विशाखा - 01:20 पी एम तक, योग शिव - 05:25 ए एम (31 मई 2026) तक, करण वणिज - 11:57 ए एम तक, द्वितीय करण विष्टि - 01:05 ए एम (31 मई 2026) तक, सूर्य राशि वृषभ, चन्द्र राशि तुला - 06:39 ए एम तक, राहुकाल 08:59 ए एम से 10:42 ए एम, अभिजित मुहूर्त 11:57 ए एम से 12:52 पी एम
राशिफल- 30 मई 2026
* वृषभ, मिथुन, कन्या, वृश्चिक, मकर, कुम्भ राशिवालों के लिए उत्तम समय, शेष राशियों के लिए सामान्य दिन,  मेष  राशि में जन्मे लोगो के लिए अष्टम चन्द्र, सतर्क रहें, शिवोपासना करें!
* दिन का चौघड़िया
काल - 05:34 से 07:16
शुभ - 07:16 से 08:59
रोग - 08:59 से 10:42
उद्वेग - 10:42 से 12:25
चर - 12:25 से 02:07
लाभ - 02:07 से 03:50
अमृत - 03:50 से 05:33
काल - 05:33 से 07:16
* रात्रि का चौघड़िया
लाभ - 07:16 से 08:33
उद्वेग - 08:33 से 09:50
शुभ - 09:50 से 11:07
अमृत - 11:07 से 12:24
चर - 12:24 से 01:42
रोग - 01:42 से 02:59
काल - 02:59 से 04:16
लाभ - 04:16 से 05:33 
* चौघडिय़ा का उपयोग कोई नया कार्य शुरू करने के लिए शुभ समय देखने के लिए किया जाता है.
* दिन का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.
* रात का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्यास्त से अगले दिन सूर्योदय के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.
* अमृत, शुभ, लाभ और चर, इन चार चौघडिय़ाओं को अच्छा माना जाता है और शेष तीन चौघडिय़ाओं- रोग, काल और उद्वेग, को उपयुक्त नहीं माना जाता है.
* यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, विभिन्न पंचांगों, धर्मग्रथों से साभार ली गई है, स्थानीय समय, परंपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं, क्योंकि यहां दिया जा रहा समय अलग-अलग शहरों में स्थानीय समय के सापेक्ष थोड़ा अलग हो सकता है.
* अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ न गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है!

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-