रायपुर. हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में राजधानी रायपुर के वीआईपी रोड स्थित सुंदर सदन में आयोजित पत्रकारिता गौरव मार्तंड उत्सव में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पत्रकारों की भूमिका को लोकतंत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए उन्हें समाज का सच्चा मार्गदर्शक और लोकतंत्र का प्रहरी कहा. उन्होंने कहा कि पत्रकार कठिन परिस्थितियों में भी निष्पक्षता और समर्पण के साथ जनहित की सूचनाएं लोगों तक पहुंचाकर लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाते हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि मीडिया की सकारात्मक आलोचना शासन और प्रशासन को आत्ममंथन का अवसर देती है तथा बेहतर कार्य करने की प्रेरणा प्रदान करती है. उन्होंने रायपुर प्रेस क्लब द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि यह आयोजन पत्रकारिता के गौरवशाली इतिहास और उसके योगदान को सम्मान देने का उत्कृष्ट प्रयास है.
उन्होंने हिंदी पत्रकारिता के दो सौ वर्षों के इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि 30 मई 1826 को प्रकाशित उदंत मार्तंड ने भारतीय पत्रकारिता की मजबूत नींव रखी थी. यह यात्रा केवल समाचारों के प्रसार की नहीं, बल्कि सामाजिक जागरण, स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्रीय चेतना के विकास की भी कहानी है.
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध पत्रकारिता परंपरा को याद करते हुए मधुकर खेर, मायाराम सुरजन, ललित सुरजन, रमेश नैय्यर और बबन प्रसाद मिश्र जैसे वरिष्ठ पत्रकारों के योगदान को नमन किया. उन्होंने कहा कि इन महान हस्तियों ने पत्रकारिता को वैचारिक मजबूती और सामाजिक सरोकारों से जोड़ा.
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भारतीय पत्रकारिता की जड़ें देश की सांस्कृतिक और सनातन परंपराओं से जुड़ी हुई हैं. उन्होंने देवर्षि नारद को आदि पत्रकार बताते हुए कहा कि भारतीय पत्रकारिता ने सदैव राष्ट्रहित और समाजहित को सर्वोपरि रखा है.
नक्सलवाद उन्मूलन और बस्तर में हो रहे सकारात्मक बदलावों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पत्रकारों ने विकास, शांति और जनजागरण के संदेश को लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. आज बस्तर की पहचान केवल संघर्ष नहीं, बल्कि पर्यटन, प्राकृतिक सौंदर्य और विकास की नई संभावनाओं के रूप में बन रही है.
इस अवसर पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने भी हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्षों की यात्रा को गौरवशाली बताते हुए कहा कि पत्रकारिता का मूल उद्देश्य समाज और राष्ट्र को सही दिशा प्रदान करना है. उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर वर्तमान समय तक पत्रकारिता ने समाज को जागरूक और सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है.
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पत्रकार, संपादक, मीडिया प्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे. हिंदी पत्रकारिता के दो शताब्दियों के इस ऐतिहासिक अवसर पर पत्रकारों के योगदान को सम्मानित किया गया और लोकतंत्र में उनकी भूमिका को रेखांकित किया गया.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

