नीट पेपर लीक पर धीरेंद्र शास्त्री बोले-काश नेताओं के वोट लीक हो जाएं, चुनाव तो लीक नहीं होते, फीस माफ करें

नीट पेपर लीक पर धीरेंद्र शास्त्री बोले-काश नेताओं के वोट लीक हो जाएं, चुनाव तो लीक नहीं होते, फीस माफ करें

प्रेषित समय :14:59:30 PM / Sat, May 30th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

खजुराहो. बागेश्वर धाम प्रमुख पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बद्रीनाथ धाम में नीट परीक्षा पेपर लीक मामले पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने सरकार से अपील करते हुए कहा कि यदि गलती सिस्टम की है, तो अगली बार छात्रों की फीस माफ होनी चाहिए. पंडित शास्त्री 27 से 31 मई तक बद्रीनाथ धाम में 'श्री सत्यनारायण भगवान की कथा सुना रहे हैं.

चुनाव तो नहीं लीक होते

कथा के दौरान उन्होंने बताया कि उन्हें नीट पेपर लीक की खबर मिली. उन्होंने कहा, "कुछ बच्चों ने बहुत मेहनत की. एक-दो बच्चे-बच्चियां यहां मुझसे मिलने आए. उनका मन हीन देखकर मैंने पूछा तो उन्होंने बताया कि पेपर तो दिया, लेकिन वह लीक हो गया.  पंडित शास्त्री ने इस पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा, चुनाव लीक नहीं होते... काश नेताओं की वोटें लीक हो जाएं. उन्होंने छात्रों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि वे रोएं नहीं.

अगली बार की फीस माफ करने की रखी मांग

उन्होंने भारत सरकार से प्रार्थना करते हुए कहा कि जो बच्चे उधार लेकर पेपर की फीस भरते हैं, उनके लिए एक बार की फीस देना भी कठिन होता है. उन्होंने कहा कि किसान, मजदूर माता-पिता अपने बच्चों में भविष्य का सपना देखते हैं कि उनका बेटा या बेटी डॉक्टर बनेगा. वे अपना पेट काटकर फीस भरते हैं, और जब पेपर लीक हो जाता है, तो उनके दिल पर बहुत चोट लगती है. पंडित शास्त्री ने जोर दिया कि पेपर लीक का प्रभाव केवल एक बच्चे पर नहीं, बल्कि पूरे परिवार, माता-पिता और उनकी आय पर पड़ता है.

जब गलती सिस्टम की, तो विद्यार्थी क्यों भुगतें?

उन्होंने सुझाव दिया, नियम यह होना चाहिए कि गलती विद्यार्थियों की नहीं, बल्कि सिस्टम की है, तो सिस्टम को यह दंड मिलना चाहिए कि अगली बार की फीस माफ होनी चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि जब गलती सिस्टम की है, तो विद्यार्थी क्यों भुगतें? सिस्टम को भुगतना चाहिए, ताकि उन्हें अपनी गलती का एहसास हो. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यदि ऐसा होता है, तो भारत को बदलते देर नहीं लगेगी.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-