ऐश्वर्या के समर्थन में उतरीं माधुरी दीक्षित, ट्रोल्स को दिया करारा जवाब कहा उपलब्धियों को नहीं कर सकते नजरअंदाज

ऐश्वर्या के समर्थन में उतरीं माधुरी दीक्षित, ट्रोल्स को दिया करारा जवाब कहा उपलब्धियों को नहीं कर सकते नजरअंदाज

प्रेषित समय :22:07:34 PM / Sun, May 31st, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

मुंबई. कान्स फिल्म फेस्टिवल 2026 में अपनी उपस्थिति को लेकर सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का सामना कर रहीं बॉलीवुड अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन के समर्थन में अब अभिनेत्री माधुरी दीक्षित भी खुलकर सामने आ गई हैं. उम्र और शारीरिक बनावट को लेकर की जा रही टिप्पणियों पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए माधुरी ने कहा है कि किसी महिला की पहचान को उसके वजन, कपड़ों के आकार या उम्र के आंकड़ों तक सीमित नहीं किया जा सकता. उन्होंने ऐश्वर्या को भारत की वैश्विक पहचान बनाने वाली उन चुनिंदा हस्तियों में शामिल बताया, जिन्होंने वर्षों तक अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश का गौरव बढ़ाया है.

दरअसल, कान्स फिल्म फेस्टिवल 2026 में ऐश्वर्या राय बच्चन की मौजूदगी एक बार फिर चर्चा का विषय बनी रही. वर्ष 2002 में फिल्म देवदास के साथ कान्स में पदार्पण करने वाली ऐश्वर्या पिछले दो दशकों से इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय आयोजन का नियमित हिस्सा रही हैं. हर साल उनकी रेड कार्पेट एंट्री दुनियाभर के मीडिया और फैशन प्रेमियों का ध्यान आकर्षित करती है. इस वर्ष भी उनके फैशन स्टेटमेंट और रेड कार्पेट लुक्स को लेकर व्यापक चर्चा हुई, लेकिन इसके साथ ही सोशल मीडिया के एक वर्ग ने उनकी उम्र और शारीरिक बनावट को लेकर आलोचनात्मक टिप्पणियां भी कीं.

हालांकि ऐश्वर्या राय ने हमेशा की तरह इन टिप्पणियों पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी और पूरे आत्मविश्वास के साथ अपनी पेशेवर प्रतिबद्धताओं पर ध्यान केंद्रित रखा. लेकिन उनके समर्थन में कई कलाकार और प्रशंसक सामने आए हैं. अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत के बाद अब माधुरी दीक्षित ने भी ट्रोल्स को करारा जवाब देते हुए ऐश्वर्या के योगदान और उपलब्धियों को महत्व देने की बात कही है.

एक बातचीत के दौरान माधुरी दीक्षित ने कहा कि ऐश्वर्या पिछले बीस वर्षों से कान्स फिल्म फेस्टिवल में भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं और उन्होंने देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है. उन्होंने कहा कि ऐश्वर्या केवल एक अभिनेत्री ही नहीं बल्कि एक वैश्विक पहचान हैं. मिस वर्ल्ड का खिताब जीतने के बाद से लेकर आज तक उन्होंने भारत की संस्कृति, कला और सिनेमा को दुनिया के सामने प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया है. ऐसे में किसी व्यक्ति की पूरी पहचान को केवल उसके शरीर, कपड़ों के आकार या उम्र के आधार पर आंकना अनुचित है.

माधुरी ने यह भी कहा कि इस तरह की टिप्पणियां समाज में गलत संदेश देती हैं. उनके अनुसार जब किसी सफल महिला की उपलब्धियों की बजाय उसके बाहरी रूप पर अधिक चर्चा की जाती है, तो यह युवा पीढ़ी को यह संदेश देता है कि जीवन में व्यक्ति की कीमत केवल उसकी दिखावट से तय होती है. उन्होंने कहा कि वास्तविकता यह है कि किसी भी व्यक्ति का मूल्य उसकी मेहनत, उपलब्धियों, प्रतिभा और व्यक्तित्व से निर्धारित होता है, न कि उसके वजन या उम्र से.

माधुरी दीक्षित ने आगे कहा कि सोशल मीडिया के दौर में लोगों के पास अपनी राय व्यक्त करने के अधिक साधन हैं, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि वे किसी की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली टिप्पणियां करें. उन्होंने कहा कि पहले भी आलोचना होती थी, लेकिन आज डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के कारण ऐसी टिप्पणियां अधिक व्यापक रूप से सामने आती हैं. ऐसे में सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए.

इस विवाद के बीच अभिनेत्री कंगना रनौत ने भी ऐश्वर्या राय का समर्थन किया था. कंगना ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि फैशन और स्टाइल व्यक्ति की आत्म-अभिव्यक्ति का माध्यम हैं और कोई भी महिला किसी को खुश करने के लिए नहीं जीती. उन्होंने कहा कि ऐश्वर्या शानदार दिखती हैं और जो लोग उन्हें किसी और रूप में देखना चाहते हैं, उन्हें पहले खुद को देखना चाहिए. कंगना ने यह भी कहा कि यदि लोगों को रेड कार्पेट पर उम्रदराज महिलाओं को देखने की आदत नहीं है, तो अब उन्हें इसकी आदत डाल लेनी चाहिए.

कान्स फिल्म फेस्टिवल 2026 में ऐश्वर्या राय बच्चन के दोनों लुक्स ने काफी ध्यान आकर्षित किया. अपने पहले रेड कार्पेट अपीयरेंस में उन्होंने चमकदार नीले रंग का मरमेड गाउन पहना था, जबकि समापन समारोह के दौरान उन्होंने सफेद रंग का स्टाइलिश टक्सीडो परिधान चुना, जिसमें ज्वेलरी से सजा ब्लेजर, लेस डिटेलिंग वाली ट्राउजर और आकर्षक फेदर बोआ शामिल था. फैशन विशेषज्ञों और अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने उनके इन लुक्स की सराहना की, जबकि सोशल मीडिया पर इसे लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं.

फिलहाल माधुरी दीक्षित और कंगना रनौत जैसे बड़े नामों के समर्थन के बाद यह बहस एक बार फिर तेज हो गई है कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों का मूल्यांकन उनकी उपलब्धियों और योगदान के आधार पर होना चाहिए या केवल उनकी शारीरिक बनावट के आधार पर. ऐश्वर्या राय के समर्थन में उठी आवाजों ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि किसी भी महिला की पहचान को केवल उसकी उम्र या रूप-रंग तक सीमित करना न केवल अनुचित है, बल्कि उसकी वर्षों की मेहनत और उपलब्धियों के साथ भी अन्याय है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-