आज का दिन- 4 जून 2026, प्रदीप ऐस्ट्रो डायरी से रहेगा भूत-भविष्य-वर्तमान का हिसाब!

आज का दिन- 4 जून 2026, प्रदीप ऐस्ट्रो डायरी से रहेगा भूत-भविष्य-वर्तमान का हिसाब!

प्रेषित समय :21:58:53 PM / Wed, Jun 3rd, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

-प्रदीप लक्ष्मीनारायण द्विवेदी, बॉलीवुड एस्ट्रो एडवाइजर (व्हाट्सएप- 6367472963)
* ऐस्ट्रो डायरी एक तरह का रिकॉर्ड है जो भविष्य की गणना के लिए भूतकाल की जरूरी जानकारियां उपलब्ध करवा सकता है.
* आमतौर पर वैकल्पिक ज्योतिष... अंक शास्त्र, लकी डे, लकी नंबर, अमावस्या/पूर्णिमा प्रभाव जैसी जानकारी व्यक्ति याद करके काम चला लेता है लेकिन यदि प्रतिदिन का रिकॉर्ड रखा जाए, तो योग्य व्यक्ति द्वारा अनालिसेस करके कई महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाई जा सकती हैं.
* कृष्णपक्ष/शुक्लपक्ष और चन्द्र आधारित रिकॉर्ड/जानकारियां यह बता सकती हैं कि कौन सी तिथियां और कौन सी राशि का चन्द्र अच्छा/मध्यम/खराब प्रभाव दे रहा है.
* इसी तरह किसी ग्रह के गोचर का प्रभाव भी ऐस्ट्रो डायरी की जानकारी से पता किया जा सकता है.
* कई बार व्यक्ति विशेष के जन्म समय में फर्क होता है, ऐसे समय में एस्ट्रो रिकॉर्ड से समय संशोधन भी संभव है.
* एस्ट्रो डायरी के रिकॉर्ड से निष्कर्ष निकालना ज्योतिष की क्षमता पर निर्भर है!
श्री गौमाता धर्म-कर्म पंचांग, चौघड़िया - 4 जून 2026
शक सम्वत 1948, विक्रम सम्वत 2083, अमान्त महीना ज्येष्ठ (अधिक), पूर्णिमान्त महीना ज्येष्ठ (अधिक), वार गुरुवार, पक्ष कृष्ण, तिथि चतुर्थी - 11:30 पी एम तक, नक्षत्र उत्तराषाढा - 03:41 ए एम (5 जून 2026) तक, योग शुक्ल - 09:03 ए एम तक, करण बव - 10:27 ए एम तक, द्वितीय करण बालव - 11:30 पी एम तक, सूर्य राशि वृषभ, चन्द्र राशि धनु - 07:41 ए एम तक, राहुकाल 02:16 पी एम से 03:55 पी एम, अभिजित मुहूर्त 12:10 पी एम से 01:03 पी एम 
राशिफल- 4 जून 2026
* मेष, कर्क, सिंह, वृश्चिक, मकर, मीन राशिवालों के लिए उत्तम समय, शेष राशियों के लिए सामान्य दिन, मिथुनराशि में जन्मे लोगो के लिए अष्टम चन्द्र, सतर्क रहें, शिवोपासना करें!
* दिन का चौघड़िया
शुभ - 06:00 से 07:39
रोग - 07:39 से 09:19
उद्वेग - 09:19 से 10:58
चर - 10:58 से 12:37
लाभ - 12:37 से 02:16
अमृत - 02:16 से 03:55
काल - 03:55 से 05:34
शुभ - 05:34 से 07:14
* रात्रि का चौघड़िया
अमृत - 07:14 से 08:34
चर - 08:34 से 09:55
रोग - 09:55 से 11:16
काल - 11:16 से 12:37
लाभ - 12:37 से 01:58
उद्वेग - 01:58 से 03:18
शुभ - 03:18 से 04:39
अमृत - 04:39 से 06:00 
* चौघडिय़ा का उपयोग कोई नया कार्य शुरू करने के लिए शुभ समय देखने के लिए किया जाता है.
* दिन का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.
* रात का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्यास्त से अगले दिन सूर्योदय के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.
* अमृत, शुभ, लाभ और चर, इन चार चौघडिय़ाओं को अच्छा माना जाता है और शेष तीन चौघडिय़ाओं- रोग, काल और उद्वेग, को उपयुक्त नहीं माना जाता है.
* यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, विभिन्न पंचांगों, धर्मग्रथों से साभार ली गई है, स्थानीय समय, परंपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं, क्योंकि यहां दिया जा रहा समय अलग-अलग शहरों में स्थानीय समय के सापेक्ष थोड़ा अलग हो सकता है.
* अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ न गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है!

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-