उच्च के गुरु का महा गोचर शुरू, ज्योतिषाचार्यों ने बताया भारत और 12 राशियों के लिए निर्णायक दौर

उच्च के गुरु का महा गोचर शुरू, ज्योतिषाचार्यों ने बताया भारत और 12 राशियों के लिए निर्णायक दौर

प्रेषित समय :21:11:04 PM / Thu, Jun 4th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली. वैदिक ज्योतिष में देवगुरु बृहस्पति के गोचर को सबसे महत्वपूर्ण खगोलीय घटनाओं में माना जाता है और इस बार का गोचर विशेष चर्चा का विषय बना हुआ है. ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार देवगुरु बृहस्पति 2 जून 2026 को कर्क राशि में प्रवेश कर चुके हैं. कर्क राशि बृहस्पति की उच्च राशि मानी जाती है, इसलिए इसे अत्यंत प्रभावशाली और शुभ गोचर के रूप में देखा जा रहा है. ज्योतिष विशेषज्ञों का मानना है कि लगभग 12 वर्षों बाद उच्च के गुरु का यह गोचर व्यक्तिगत जीवन से लेकर राष्ट्रीय और वैश्विक घटनाओं तक व्यापक प्रभाव डाल सकता है.

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार बृहस्पति 1 नवंबर 2026 तक कर्क राशि में रहेंगे और इसके बाद सिंह राशि में प्रवेश करेंगे. बाद में वक्री गति से पुनः कर्क राशि में लौटकर जून 2027 तक प्रभाव बनाए रखेंगे. इसी कारण 2026-27 की अवधि को कई ज्योतिषाचार्य विशेष महत्व का समय मान रहे हैं.

भारत की सामूहिक कुंडली के संदर्भ में कुछ ज्योतिष विशेषज्ञों का दावा है कि कर्क राशि में उच्च के गुरु का गोचर देश के लिए सैन्य, आर्थिक, धार्मिक और तकनीकी दृष्टि से महत्वपूर्ण अवसर लेकर आ सकता है. उनका मानना है कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता, अंतरिक्ष और मिसाइल तकनीक में प्रगति, डिजिटल संचार विस्तार तथा वैश्विक मंचों पर भारत की भूमिका मजबूत हो सकती है. हालांकि ये सभी ज्योतिषीय व्याख्याएं हैं और इनके समर्थन में कोई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं.

विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि उच्च का गुरु जहां विकास और विस्तार का संकेत देता है, वहीं शनि और अन्य ग्रहों के प्रभाव के कारण कुछ चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं. अतिवृष्टि, बाढ़, चक्रवात, सामाजिक तनाव और राजनीतिक विवाद जैसी स्थितियों की संभावना भी ज्योतिषीय विश्लेषण में व्यक्त की जा रही है. इसलिए इस अवधि को अवसर और सावधानी दोनों का समय बताया जा रहा है.

राशियों पर प्रभाव की बात करें तो मेष राशि के जातकों के लिए पारिवारिक सुख, संपत्ति और करियर में नए अवसर बनने के संकेत बताए जा रहे हैं. वृषभ राशि वालों को संचार, शिक्षा और व्यावसायिक विस्तार में लाभ मिल सकता है. मिथुन राशि के लिए आर्थिक स्थिति मजबूत होने और आय के नए स्रोत बनने की संभावना व्यक्त की गई है.

कर्क राशि के जातकों के लिए यह गोचर सबसे प्रभावशाली माना जा रहा है. आत्मविश्वास, सम्मान और सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि के योग बताए जा रहे हैं. सिंह राशि वालों के लिए यह समय आत्ममंथन, आध्यात्मिक उन्नति और विदेश संबंधी मामलों में प्रगति का संकेत दे सकता है. कन्या राशि के जातकों को मित्रों और नेटवर्किंग से लाभ मिलने की संभावना है.

तुला राशि के लोगों के लिए करियर और प्रशासनिक क्षेत्रों में सफलता के अवसर बन सकते हैं. वृश्चिक राशि वालों के लिए भाग्य, उच्च शिक्षा और विदेश यात्रा से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिलने के संकेत हैं. धनु राशि के जातकों को निवेश और वित्तीय मामलों में सतर्क रहते हुए लाभ प्राप्त हो सकता है.

मकर राशि के लिए यह गोचर साझेदारी, विवाह और व्यावसायिक समझौतों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. कुंभ राशि वालों को स्वास्थ्य और कार्यक्षेत्र में सुधार के अवसर मिल सकते हैं. वहीं मीन राशि के जातकों के लिए रचनात्मकता, शिक्षा, प्रेम संबंध और संतान पक्ष से जुड़ी खुशखबरी मिलने की संभावना व्यक्त की जा रही है.

हालांकि ज्योतिष विशेषज्ञ लगातार यह भी दोहरा रहे हैं कि ग्रहों का प्रभाव व्यक्ति की जन्मकुंडली, दशा, अंतरदशा और अन्य ग्रह स्थितियों के आधार पर अलग-अलग हो सकता है. इसलिए किसी भी सामान्य भविष्यवाणी को अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता. फिर भी उच्च के गुरु का यह गोचर ज्योतिष जगत में वर्ष 2026-27 की सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक माना जा रहा है और आने वाले महीनों में इसके संभावित प्रभावों पर व्यापक चर्चा जारी रहने की संभावना है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-