ग्वालियर. मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर अरविंद माहौर को एक युवती द्वारा लगाए गए दुष्कर्म और शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण करने के आरोपों के बाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. मामले में सिविल लाइन थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की है. गिरफ्तारी के बाद आरोपी अधिकारी को मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया. वहीं गंभीर आरोपों को देखते हुए प्रशासन ने भी तत्काल प्रभाव से उन्हें निलंबित कर दिया है.
पुलिस के अनुसार मामला एक युवती की शिकायत पर दर्ज किया गया है, जिसने आरोप लगाया है कि उसकी पहचान वर्ष 2025 की शुरुआत में फेसबुक के माध्यम से अरविंद माहौर से हुई थी. उस समय अरविंद माहौर सबलगढ़ में एसडीएम के पद पर पदस्थ थे. सोशल मीडिया पर शुरू हुई बातचीत धीरे-धीरे मोबाइल संपर्क और व्यक्तिगत मुलाकातों तक पहुंची. शिकायत के अनुसार इसी दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और आरोपी अधिकारी ने युवती के सामने विवाह का प्रस्ताव रखा.
युवती का आरोप है कि शादी का भरोसा दिलाकर आरोपी ने उसका विश्वास हासिल किया और फिर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए. शिकायत में कहा गया है कि 30 मार्च 2025 को आरोपी उसे घूमाने के बहाने मुरैना स्थित रेस्ट हाउस के पीछे ले गया, जहां पहली बार उसके साथ दुष्कर्म किया गया. इसके बाद सबलगढ़ स्थित सरकारी आवास और ग्वालियर के एक फ्लैट में भी कई बार शारीरिक संबंध बनाए गए. पीड़िता का आरोप है कि हर बार आरोपी विवाह का आश्वासन देता रहा, जिसके कारण वह उसके झांसे में आती रही.
शिकायत में कहा गया है कि मार्च 2025 से जून 2026 तक आरोपी द्वारा लगातार उसका शारीरिक शोषण किया गया. युवती का कहना है कि जब उसने विवाह को लेकर दबाव बनाना शुरू किया तो अरविंद माहौर ने शादी करने से साफ इनकार कर दिया. इतना ही नहीं, विरोध करने और पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की बात कहने पर उसे तथा उसके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी गई.
मामले की जांच कर रही पुलिस को पीड़िता ने कुछ डिजिटल साक्ष्यों की जानकारी भी दी है. सूत्रों के अनुसार युवती ने अपने मोबाइल फोन में कुछ वीडियो और अन्य सामग्री होने का दावा किया है, जो उसके आरोपों को मजबूती प्रदान कर सकते हैं. पुलिस इन कथित वीडियो और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल सामग्री की सत्यता की पुष्टि के बाद उसे जांच का हिस्सा बनाया जाएगा.
युवती ने अपनी शिकायत में एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि विवाह की बात आगे बढ़ने पर आरोपी अधिकारी ने उसके परिवार के सामने करीब पांच करोड़ रुपये नकद देने की मांग रखी थी. इसके साथ कुछ अन्य शर्तें भी रखी गई थीं, जिनका परिवार ने विरोध किया था. पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है.
गौरतलब है कि अरविंद माहौर का नाम इससे पहले भी विवादों में आ चुका है. वर्ष 2025 में एक महिला के साथ कथित अभद्र व्यवहार से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. उस मामले के बाद भी प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई हुई थी और उन्हें निलंबित किया गया था. हालांकि बाद में मामले की अलग से जांच की गई थी.
वर्तमान मामले में पुलिस ने युवती की शिकायत और उपलब्ध प्रारंभिक साक्ष्यों के आधार पर प्रकरण दर्ज कर आरोपी अधिकारी को गिरफ्तार किया है. अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच की जा रही है. पुलिस सभी पक्षों के बयान दर्ज कर रही है तथा डिजिटल साक्ष्यों, मोबाइल रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच भी की जा रही है.
प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के अनुसार जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल आरोपी डिप्टी कलेक्टर की गिरफ्तारी और निलंबन के बाद यह मामला प्रदेशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

