मुंबई में नशे के खिलाफ महाअभियान, 25 जून को 5 लाख लोग एक साथ लेंगे शपथ, 5 हजार स्थानों पर चलेगा जनजागरण अभियान

मुंबई में नशे के खिलाफ महाअभियान, 25 जून को 5 लाख लोग एक साथ लेंगे शपथ, 5 हजार स्थानों पर चलेगा जनजागरण अभियान

प्रेषित समय :22:00:20 PM / Fri, Jun 5th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

मुंबई. देश की आर्थिक राजधानी मुंबई को नशामुक्त बनाने की दिशा में महाराष्ट्र सरकार एक बड़े जनआंदोलन की शुरुआत करने जा रही है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन और मुंबई उपनगर जिले के सह-पालकमंत्री तथा कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा की पहल पर 25 जून 2026 से “ड्रग-फ्री मुंबई” अभियान का शुभारंभ किया जाएगा. इस अभियान के तहत मुंबई शहर और उपनगरों में एक साथ 5 हजार स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जहां 5 लाख से अधिक नागरिक नशे के खिलाफ शपथ लेकर समाज को नशामुक्त बनाने का संकल्प लेंगे.
महाराष्ट्र सरकार इस अभियान को केवल सरकारी कार्यक्रम के रूप में नहीं, बल्कि व्यापक जनभागीदारी वाले सामाजिक आंदोलन के रूप में विकसित करना चाहती है. सरकार का मानना है कि नशे की बढ़ती प्रवृत्ति केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह समाज, परिवार और युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है. इसी सोच के साथ प्रशासन, सामाजिक संगठनों, शिक्षण संस्थानों, स्वयंसेवी संस्थाओं और आम नागरिकों को इस अभियान से जोड़ने की तैयारी की जा रही है.

अभियान के शुभारंभ से पहले तैयारियों की समीक्षा के लिए मुंबई उपनगर जिले के सह-पालकमंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने जिला कलेक्टर सौरभ कटियार के साथ बैठक की. बैठक में अभियान की रूपरेखा, विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियां, जनसंपर्क गतिविधियां और व्यापक स्तर पर लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर चर्चा की गई. अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि अभियान को केवल एक दिन का आयोजन न बनाकर लंबे समय तक चलने वाली सामाजिक जागरूकता पहल के रूप में विकसित किया जाए.

मंगल प्रभात लोढ़ा ने बैठक के दौरान कहा कि नशामुक्त मुंबई का सपना तभी साकार हो सकता है, जब समाज और प्रशासन मिलकर काम करें. उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है. यदि आज समाज जागरूक नहीं हुआ तो आने वाली पीढ़ियों का भविष्य खतरे में पड़ सकता है. उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे इस अभियान को अपनी व्यक्तिगत जिम्मेदारी समझते हुए इसमें सक्रिय भागीदारी करें.

सरकार की योजना के अनुसार 25 जून को आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में स्कूलों, कॉलेजों, कॉरपोरेट संस्थानों, सरकारी कार्यालयों, आवासीय परिसरों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर सामूहिक शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. इन कार्यक्रमों में लोग नशे से दूर रहने, दूसरों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने और समाज में सकारात्मक वातावरण बनाने का संकल्प लेंगे.

विशेषज्ञों का मानना है कि महानगरों में नशे की समस्या लगातार बढ़ती चुनौती बनती जा रही है. युवाओं में ड्रग्स और अन्य मादक पदार्थों की लत कई सामाजिक और मानसिक समस्याओं को जन्म दे रही है. इससे न केवल स्वास्थ्य प्रभावित होता है, बल्कि अपराध, पारिवारिक विघटन और सामाजिक असुरक्षा जैसी समस्याएं भी बढ़ती हैं. ऐसे में सरकार द्वारा बड़े स्तर पर जागरूकता अभियान चलाना महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

अभियान के दौरान नशे के दुष्परिणामों पर आधारित विशेष जनजागरण कार्यक्रम, सेमिनार, कार्यशालाएं, रैलियां और संवाद कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे. विभिन्न शिक्षण संस्थानों में विशेषज्ञों द्वारा विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी जाएगी. साथ ही अभिभावकों को भी जागरूक किया जाएगा ताकि वे अपने बच्चों के व्यवहार में आने वाले बदलावों को समय रहते पहचान सकें.

मुंबई पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग और सामाजिक न्याय विभाग सहित कई सरकारी एजेंसियां इस अभियान में भाग लेंगी. नशे के अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों की कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता कार्यक्रमों को भी समान महत्व दिया जाएगा. अधिकारियों का मानना है कि केवल गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई से समस्या का समाधान संभव नहीं है, बल्कि समाज को इसके खिलाफ एकजुट करना भी जरूरी है.

अभियान के तहत सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी व्यापक उपयोग किया जाएगा. युवाओं तक पहुंच बनाने के लिए विभिन्न ऑनलाइन गतिविधियों और जागरूकता संदेशों का प्रसार किया जाएगा. इसके अलावा समाज के प्रतिष्ठित व्यक्तियों, कलाकारों, खिलाड़ियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी इस मुहिम से जोड़ने की योजना है ताकि अभियान का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके.

सरकार का लक्ष्य है कि “ड्रग-फ्री मुंबई” केवल एक नारा बनकर न रह जाए, बल्कि यह जनभागीदारी से संचालित ऐसा आंदोलन बने जो शहर की सामाजिक संरचना को सकारात्मक दिशा दे सके. 25 जून को एक साथ 5 लाख लोगों द्वारा ली जाने वाली शपथ को इसी दिशा में ऐतिहासिक शुरुआत माना जा रहा है.

प्रशासन का कहना है कि अभियान के माध्यम से युवाओं में सकारात्मक सोच विकसित करने, परिवारों को जागरूक बनाने और समाज में नशे के प्रति शून्य सहिष्णुता का वातावरण तैयार करने का प्रयास किया जाएगा. यदि नागरिकों का सहयोग इसी तरह मिलता रहा तो आने वाले वर्षों में मुंबई को नशामुक्त बनाने के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की जा सकती है.

“ड्रग-फ्री मुंबई” अभियान को लेकर सरकारी तंत्र पूरी तरह सक्रिय हो गया है और आने वाले दिनों में इसकी तैयारियां और तेज होंगी. सरकार को उम्मीद है कि यह पहल न केवल मुंबई बल्कि पूरे देश के लिए एक आदर्श मॉडल साबित हो सकती है, जहां प्रशासन और समाज मिलकर नशे जैसी गंभीर सामाजिक बुराई के खिलाफ प्रभावी लड़ाई लड़ सकें.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-