ग्वालियर. खाने का ऑर्डर लेने में हुई मामूली देरी एक होटल में उस समय बड़े बवाल का कारण बन गई जब नाराज युवकों ने पहले होटल कर्मचारियों के साथ मारपीट की और फिर अपने साथियों के साथ लौटकर फायरिंग तथा तोड़फोड़ की वारदात को अंजाम दे दिया. मुरार थाना क्षेत्र के बड़गांव स्थित एक होटल में हुई इस सनसनीखेज घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों का क्षेत्र में जुलूस निकालकर सख्त संदेश भी दिया. मामले में चार अन्य आरोपी अब भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है और उन पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है.
जानकारी के अनुसार घटना मंगलवार रात करीब 11:30 बजे की है. मुख्य आरोपी संजय यादव अपने बेटे सुमित यादव के साथ होटल में खाना खाने पहुंचा था. होटल में अधिक भीड़ होने के कारण वेटर द्वारा ऑर्डर लेने में कुछ देर हो गई. इसी बात को लेकर सुमित यादव नाराज हो गया और उसने होटल के रिसेप्शन कर्मचारी तथा एक वेटर के साथ विवाद करते हुए मारपीट कर दी. घटना के बाद आरोपी होटल स्टाफ को धमकाते हुए वहां से चला गया.
बताया गया है कि कुछ समय बाद सुमित यादव अपने कई साथियों के साथ दोबारा होटल पहुंचा. इस बार उसके हाथ में हथियार थे और साथियों के पास लाठी-डंडे. आरोपियों ने होटल के बाहर पहुंचते ही फायरिंग शुरू कर दी. गोलियां चलने से होटल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और कर्मचारी व ग्राहक दहशत में आ गए. फायरिंग के दौरान होटल का एक कांच भी क्षतिग्रस्त हो गया. इसके बाद आरोपियों ने पार्किंग में खड़े वाहनों को निशाना बनाते हुए लाठी-डंडों से तोड़फोड़ की और कई गाड़ियों के शीशे चकनाचूर कर दिए.
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हुई और होटल संचालक की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई. जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि वारदात में शामिल कुछ आरोपियों का संबंध एक पुलिस अधिकारी के परिवार से भी है. इसके बाद मामला और अधिक चर्चाओं में आ गया. पुलिस ने गुरुवार रात दबिश देकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जिनमें मुरैना में पदस्थ एक निरीक्षक का दामाद सुमित यादव भी शामिल है.
ग्वालियर पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद उनका सार्वजनिक जुलूस निकाला. पुलिस की इस कार्रवाई को कानून व्यवस्था के प्रति सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है. अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल किए गए लाठी-डंडे और एक दोपहिया वाहन भी बरामद किया गया है.
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सात आरोपियों में से चार अभी भी फरार हैं. उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है. फरार आरोपियों पर ग्वालियर पुलिस अधीक्षक द्वारा 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है. वहीं सभी आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच भी की गई है. जांच में सामने आया है कि सात में से पांच आरोपियों के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं. पुलिस अब इन आरोपियों को पूर्व में मिली जमानत निरस्त कराने के लिए न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत करेगी. साथ ही फायरिंग में उपयोग किए गए लाइसेंसी हथियारों के लाइसेंस निरस्त कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है.फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और मामले की विस्तृत जांच जारी है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

