आज का दिन- 9 जून 2026, जो श्रद्धालु एकादशी व्रत रखते हैं, उन्हें दशमी को एक बार भोजन करना चाहिए!

आज का दिन- 9 जून 2026, जो श्रद्धालु एकादशी व्रत रखते हैं, उन्हें दशमी को एक बार भोजन करना चाहिए!

प्रेषित समय :23:02:43 PM / Mon, Jun 8th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

-प्रदीप लक्ष्मीनारायण द्विवेदी, बॉलीवुड एस्ट्रो एडवाइजर (व्हाट्सएप- 8875863494)
* परम एकादशी - 11 जून 2026, बृहस्पतिवार
* पारण का समय - 06:00 एएम से 08:40 एएम (12 जून 2026)
* पारण के दिन द्वादशी समाप्त होने का समय - 07:36 पीएम
* एकादशी तिथि प्रारम्भ - 11 जून 2026 को 12:57 एएम बजे
* एकादशी तिथि समाप्त - 11 जून 2026 को 10:36 पीएम बजे

अच्युतम केशवम रामनारायणम, कृष्ण दामोदरम् वासुदेवम् हरे.
श्रीधरम् माधवम् गोपिकावल्लभम, जानकी नायकम श्रीरामचन्द्रम् भजे..

* जीवन में कामयाबी के लिए नियमित रूप से विष्णुदेव की पूजा करें.
* धर्मग्रंथों में... जीवन में सुख के लिए एकादशी व्रत-पूजा को उत्तम मार्ग बताया है.
* जो श्रद्धालु यह व्रत रखना चाहते हैं, उन्हें दशमी को एक बार भोजन करना चाहिए.
* एकादशी के दिन पवित्र स्नानादि के पश्चात गंगा जल, तुलसी दल, तिल, फूल, पंचामृत आदि से भगवान नारायण की पूजा करनी चाहिए.
* इस व्रत में व्रत रखने वाले श्रद्धालु को यथासंभव बिना जल के रहना चाहिए.
* अगर व्रती श्रद्धालु चाहें तो संध्याकाल में दीपदान के पश्चात फलाहार ग्रहण कर सकते हैं.
* क्योंकि सुख के लिए यह व्रत है इसलिए यथासंभव पति-पत्नी, दोनों को व्रत रखना चाहिए. 
श्री गौमाता धर्म-कर्म पंचांग, चौघड़िया - 9 जून 2026
शक सम्वत 1948, विक्रम सम्वत 2083, अमान्त महीना ज्येष्ठ (अधिक), पूर्णिमान्त महीना ज्येष्ठ (अधिक), वार मंगलवार, पक्ष कृष्ण, तिथि नवमी - 02:34 ए एम (10 जून 2026) तक, नक्षत्र पूर्व भाद्रपद - 09:39 ए एम तक, योग प्रीति - 08:19 ए एम तक, करण तैतिल - 03:05 पी एम तक, द्वितीय करण गर - 02:34 ए एम (10 जून 2026) तक, सूर्य राशि वृषभ, चन्द्र राशि मीन, राहुकाल 03:57 पी एम से 05:36 पी एम, अभिजित मुहूर्त 12:11 पी एम से 01:04 पी एम 
राशिफल- 9 जून 2026
* वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला, मकर, मीन राशिवालों के लिए उत्तम समय, शेष राशियों के लिए सामान्य दिन, सिंह राशि में जन्मे लोगो के लिए अष्टम चन्द्र, सतर्क रहें, शिवोपासना करें!
* दिन का चौघड़िया
रोग - 06:00 से 07:40
उद्वेग - 07:40 से 09:19
चर - 09:19 से 10:58
लाभ - 10:58 से 12:38
अमृत - 12:38 से 02:17
काल - 02:17 से 03:57
शुभ - 03:57 से 05:36
रोग - 05:36 से 07:15
* रात्रि का चौघड़िया
काल - 07:15 से 08:36
लाभ - 08:36 से 09:57
उद्वेग - 09:57 से 11:17
शुभ - 11:17 से 12:38
अमृत - 12:38 से 01:58
चर - 01:58 से 03:19
रोग - 03:19 से 04:40
काल - 04:40 से 06:00 
* चौघडिय़ा का उपयोग कोई नया कार्य शुरू करने के लिए शुभ समय देखने के लिए किया जाता है.

* दिन का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.
* रात का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्यास्त से अगले दिन सूर्योदय के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.
* अमृत, शुभ, लाभ और चर, इन चार चौघडिय़ाओं को अच्छा माना जाता है और शेष तीन चौघडिय़ाओं- रोग, काल और उद्वेग, को उपयुक्त नहीं माना जाता है.
* यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, विभिन्न पंचांगों, धर्मग्रथों से साभार ली गई है, स्थानीय समय, परंपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं, क्योंकि यहां दिया जा रहा समय अलग-अलग शहरों में स्थानीय समय के सापेक्ष थोड़ा अलग हो सकता है.
* अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ न गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है!

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-