-प्रदीप लक्ष्मीनारायण द्विवेदी, बॉलीवुड एस्ट्रो एडवाइजर (व्हाट्सएप- 8875863494)
* परम एकादशी - 11 जून 2026, बृहस्पतिवार
* पारण का समय - 06:00 एएम से 08:40 एएम (12 जून 2026)
* पारण के दिन द्वादशी समाप्त होने का समय - 07:36 पीएम
* एकादशी तिथि प्रारम्भ - 11 जून 2026 को 12:57 एएम बजे
* एकादशी तिथि समाप्त - 11 जून 2026 को 10:36 पीएम बजे
* परम एकादशी दरिद्रता से मुक्ति प्रदान करनेवाली होती है!
* अधिक माह के कृष्ण पक्ष में आनेवाली एकादशी को परम एकादशी कहते हैं.
* तिथि को लेकर अक्सर लोग परेशान हो जाते हैं क्योंकि एक तो तिथि शुरू होने और समाप्त होने का कोई निश्चित समय नहीं होता है, तो दूसरा तिथियों में कमी-बढ़ोतरी होती रहती हैं.
* कौन-सी तिथि मानी जाए, खासकर व्रत-त्योहार को लेकर, इस पर मतैक्य नहीं रहता है.
* देश में कम-से-कम दो अलग तरह के पंचांग प्रचलन में हैं, जिनमें महीने के सापेक्ष एक पक्ष तो कॉमन रहता है लेकिन दूसरे पक्ष का महीना अलग-अलग रहता है.
* एक पंचांग का महीना अमावस समाप्त होने के बाद शुरू होता है, तो दूसरे पंचांग का वही महीना पूर्णिमा समाप्त होने के बाद शुरू होता है.
* तिथियों में, कोई सूर्योदय के समय जो तिथि प्रभावी हो उसे मानता है, तो कोई दिनभर में जो तिथि प्रभावी हो उसे मानता है.
* कौन सी तिथि पर व्रत पूजा की जाए? इसे लेकर विवेक से कार्य करना बेहतर है.
* प्रदोष जैसे व्रत में, जहां रात्रि के समय का महत्व है, के लिए प्रदोष काल की प्रभावी तिथि को महत्व दिया जाना चाहिए, तो दिन में की जाने वाली पूजा के लिए दिन में प्रभावी तिथि को महत्व देना चाहिए.
* तिथियों की समय की गणित के चलते कई बार एकादशी व्रत दो दिन तक चलता है.
* तिथि का मूल उद्देश्य उस व्रत-पूजा काल की गणना के सापेक्ष कार्य करना है इसलिए तिथि को लेकर ज्यादा भ्रम नहीं पालें, सच्चे मन से किए गए व्रत-पूजन में तिथि अंश भी मिल जाए तो व्रत-पूजा सार्थक है.
* वैसे तिथि निर्धारण में स्थानीय धर्मगुरु और कुल परंपराओं के अनुरूप निर्णय लेना उत्तम रहता है!
श्री गौमाता धर्म-कर्म पंचांग, चौघड़िया - 10 जून 2026
शक सम्वत 1948, विक्रम सम्वत 2083, अमान्त महीना ज्येष्ठ (अधिक), पूर्णिमान्त महीना ज्येष्ठ (अधिक), वार बुधवार, पक्ष कृष्ण, तिथि दशमी - 12:57 ए एम (11 जून 2026) तक, नक्षत्र उत्तर भाद्रपद - 09:21 ए एम तक, योग आयुष्मान् - 06:30 ए एम तक, क्षय योग सौभाग्य - 04:03 ए एम (11 जून 2026) तक, करण वणिज - 01:52 पी एम तक, द्वितीय करणविष्टि - 12:57 ए एम (11 जून 2026) तक, सूर्य राशि वृषभ, चन्द्र राशि मीन, राहुकाल 12:38 पी एम से 02:17 पी एम
राशिफल- 10 जून 2026
* वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला, मकर, मीन राशिवालों के लिए उत्तम समय, शेष राशियों के लिए सामान्य दिन, सिंह राशि में जन्मे लोगो के लिए अष्टम चन्द्र, सतर्क रहें, शिवोपासना करें!
* दिन का चौघड़िया
लाभ - 06:00 से 07:40
अमृत - 07:40 से 09:19
काल - 09:19 से 10:59
शुभ - 10:59 से 12:38
रोग - 12:38 से 02:17
उद्वेग - 02:17 से 03:57
चर - 03:57 से 05:36
लाभ - 05:36 से 07:16
* रात्रि का चौघड़िया
उद्वेग - 07:16 से 08:36
शुभ - 08:36 से 09:57
अमृत - 09:57 से 11:17
चर - 11:17 से 12:38
रोग - 12:38 से 01:59
काल - 01:59 से 03:19
लाभ - 03:19 से 04:40
उद्वेग - 04:40 से 06:00
* चौघडिय़ा का उपयोग कोई नया कार्य शुरू करने के लिए शुभ समय देखने के लिए किया जाता है.
* दिन का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.
* रात का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्यास्त से अगले दिन सूर्योदय के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.
* अमृत, शुभ, लाभ और चर, इन चार चौघडिय़ाओं को अच्छा माना जाता है और शेष तीन चौघडिय़ाओं- रोग, काल और उद्वेग, को उपयुक्त नहीं माना जाता है.
* यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, विभिन्न पंचांगों, धर्मग्रथों से साभार ली गई है, स्थानीय समय, परंपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं, क्योंकि यहां दिया जा रहा समय अलग-अलग शहरों में स्थानीय समय के सापेक्ष थोड़ा अलग हो सकता है.
* अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ न गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है!

