रायपुर. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के बीरगांव इलाके में आयोजित 'सुशासन तिहार' कार्यक्रम के दौरान राजनीतिक सरगर्मी अचानक बढ़ गई. कार्यक्रम स्थल के बाहर भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया. कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रायपुर ग्रामीण से बीजेपी विधायक मोतीलाल साहू के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और उनके काफिले को रोकने का प्रयास किया. स्थिति को बिगड़ता देख पुलिस को बीच-बचाव करना पड़ा.
यह पूरा मामला खमतराई थाना क्षेत्र के रावाभाठा (बीरगांव) का है, जहां जिला प्रशासन द्वारा सुशासन तिहार शिविर का आयोजन किया गया था.
विधायक की गाड़ी के सामने लेटे प्रदर्शनकारी, जमकर हुई धक्का-मुक्की
मिली जानकारी के अनुसार, कांग्रेस कार्यकर्ता पहले से ही इस कार्यक्रम का विरोध करने की तैयारी में थे. जैसे ही रायपुर ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, प्रदर्शनकारियों ने उनकी गाड़ी के सामने लेटकर "विधायक वापस जाओ" के नारे लगाने शुरू कर दिए.
इस दौरान मौके पर मौजूद भाजपा कार्यकर्ता भी कांग्रेसियों के सामने आ गए, जिससे दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और झड़प हो गई. पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स के पास कार्यकर्ताओं और पुलिस बल के बीच भी काफी धक्का-मुक्की देखने को मिली. हालांकि, पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत हस्तक्षेप किया और स्थिति को नियंत्रण में लेकर यातायात सामान्य कराया.
इन मुख्य मांगों को लेकर सड़क पर उतरे कांग्रेसी
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस प्रदर्शन के जरिए राज्य सरकार को घेरते हुए मुख्य रूप से जनता से जुड़े निम्नलिखित मुद्दों को उठाया:
500 रुपए में गैस सिलेंडर: चुनावी वादे के मुताबिक गरीब परिवारों को 500 रुपए में रसोई गैस सिलेंडर देने की मांग.
आवासीय पट्टा वितरण: स्थानीय महिलाओं और गरीब परिवारों को रहने के लिए आवासीय पट्टा दिए जाने की मांग.
महतारी वंदन योजना: योजना की राशि के भुगतान और उससे जुड़ी विसंगतियों को दूर करने का मुद्दा.
'शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक था प्रदर्शन': कांग्रेस
कांग्रेस के ग्रामीण जिला अध्यक्ष पप्पू बंजारे, स्थानीय पार्षदों और कार्यकर्ताओं के नेतृत्व में यह प्रदर्शन किया गया. मामले पर बात करते हुए जिला अध्यक्ष पप्पू बंजारे ने कहा:
"हमारा यह प्रदर्शन पूर्व निर्धारित था और इसकी सूचना प्रशासन को पहले ही दे दी गई थी. कांग्रेस कार्यकर्ता जनता की जायज मांगों और हक की लड़ाई लड़ने के लिए शांतिपूर्ण ढंग से वहां पहुंचे थे. चूंकि जनता की मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है, इसलिए हमने लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया है."
फिलहाल स्थिति नियंत्रण में: पुलिस और प्रशासन की सतर्कता के कारण एक बड़ा विवाद टल गया, लेकिन इस घटना ने राजधानी के राजनीतिक पारे को एक बार फिर गरमा दिया है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

