नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार के 12 साल पूरे होने के खास मौके पर बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट की अहम बैठक हुई. इस बैठक में देश के विकास को रफ्तार देते हुए कई बड़े और ऐतिहासिक फैसले लिए गए हैं. कैबिनेट ने जहां एक तरफ अहमदाबाद मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के विस्तार को अपनी हरी झंडी दी है, वहीं दूसरी तरफ आंध्र प्रदेश की नई राजधानी अमरावती के लिए भी करोड़ों रुपये के बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी देकर बड़ी सौगात दी है.
अमरावती को मिली 2500 करोड़ रुपये से ज्यादा की सौगात
आंध्र प्रदेश की नई राजधानी अमरावती के विकास को पंख लगाते हुए केंद्र सरकार ने दो बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की घोषणा की है. इसके तहत 23.25 लाख वर्ग फीट क्षेत्र में 1299 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से सेंट्रल गवर्नमेंट जनरल पूल ऑफिस अकॉमोडेशन (सरकारी आवास गृह) का निर्माण किया जाएगा. इसके साथ ही, जनरल पूल रेजिडेंशियल अकॉमोडेशन के तहत 31.30 लाख वर्ग फीट इलाके में 1235 करोड़ रुपये की लागत से नए सरकारी आवास भी बनाए जाएंगे.
अहमदाबाद मेट्रो का विस्तार, हजारों को मिलेगा रोजगार
कैबिनेट ने अहमदाबाद मेट्रो के फेज 2ए के तहत 6 किलोमीटर के नए कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है. इस नए रूट पर पांच नए अत्याधुनिक स्टेशन बनाए जाएंगे. इस पूरे प्रोजेक्ट के विस्तार में करीब 2169 करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान लगाया गया है. सबसे बड़ी बात यह है कि इस परियोजना से करीब 2500 लोगों को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे. इस प्रोजेक्ट के पूरा होते ही अहमदाबाद-गांधीनगर मेट्रो रूट का कुल विस्तार 77.63 किलोमीटर तक पहुंच जाएगा, जिससे लाखों यात्रियों का दैनिक सफर काफी आसान हो जाएगा.
क्करू मोदी ने रचा इतिहास, 4399 दिन लगातार सेवा का नया रिकॉर्ड
कैबिनेट के इन अहम फैसलों की जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि 10 जून 2026 भारतीय लोकतंत्र की यात्रा में एक ऐतिहासिक क्षण बन गया है. आज नरेंद्र मोदी देश की सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा करने वाले चुने हुए प्रधानमंत्री बन गए हैं. उन्होंने लगातार 4399 दिनों तक प्रधानमंत्री के तौर पर देश की सेवा करने का एक नया और अटूट रिकॉर्ड बनाया है. आजाद भारत के इतिहास में यह मुकाम पहली बार किसी नेता ने हासिल किया है. इस विशेष मौके पर केंद्रीय कैबिनेट ने एक प्रस्ताव भी पास किया, जिसमें पीएम मोदी के इस ऐतिहासिक पड़ाव और भविष्य के संकल्पों की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा की गई.