आज का दिन- 14 जून 2026, जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता के लिए रोहिणी व्रत सर्वोत्तम है!

आज का दिन- 14 जून 2026, जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता के लिए रोहिणी व्रत सर्वोत्तम है!

प्रेषित समय :21:53:59 PM / Sat, Jun 13th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

- प्रदीप लक्ष्मीनारायण द्विवेदी (व्हाट्सएप- 8875863494)
* धार्मिक धारणा के अनुसार 27 नक्षत्रों में से एक प्रमुख नक्षत्र- रोहिणी का व्रत पारिवारिक सुख और आर्थिक तनाव से मुक्ति प्रदान करता है.
* एक निश्चित समयावधि के लिए संकल्प लेकर प्रतिमाह यह व्रत किया जाता है.
* जिस दिन रोहिणी नक्षत्र प्रभावी होता है, उस दिन रोहिणी व्रत किया जाता है.
* इस दिन व्रती पूरे दिन उपवास रखता है और जाने-अनजाने हुई गलतियों, अपराधों आदि के लिए भी क्षमा मांगता है.
* जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता के लिए रोहिणी व्रत सर्वोत्तम है.
श्री गौमाता धर्म-कर्म पंचांग, चौघड़िया - 14 जून 2026
शक सम्वत 1948, विक्रम सम्वत 2083, अमान्त महीना ज्येष्ठ (अधिक), पूर्णिमान्त महीना ज्येष्ठ (अधिक), वार रविवार, पक्ष कृष्ण, तिथि चतुर्दशी - 12:19 पी एम तक, नक्षत्र रोहिणी - 10:13 पी एम तक, योग धृति - 01:15 पी एम तक, करण शकुनि - 12:19 पी एम तक, द्वितीय करण चतुष्पाद - 10:21 पी एम तक, सूर्य राशि वृषभ, चन्द्र राशि वृषभ, राहुकाल 05:38 पी एम से 07:20 पी एम, अभिजित मुहूर्त 12:05 पी एम से 01:00 पी एम
राशिफल- 14 जून 2026
* वृषभ, कर्क, सिंह, वृश्चिक, धनु, मीन राशिवालों के लिए उत्तम समय, शेष राशियों के लिए सामान्य दिन, तुला राशि में जन्मे लोगो के लिए अष्टम चन्द्र, सतर्क रहें, शिवोपासना करें!
* दिन का चौघड़िया
उद्वेग - 05:45 से 07:27
चर - 07:27 से 09:09
लाभ - 09:09 से 10:51
अमृत - 10:51 से 12:33
काल - 12:33 से 02:14
शुभ - 02:14 से 03:56
रोग - 03:56 से 05:38
उद्वेग - 05:38 से 07:20
* रात्रि का चौघड़िया
शुभ - 07:20 से 08:38
अमृत - 08:38 से 09:56
चर - 09:56 से 11:14
रोग - 11:14 से 12:33
काल - 12:33 से 01:51
लाभ - 01:51 से 03:09
उद्वेग - 03:09 से 04:27
शुभ - 04:27 से 05:45 
* चौघडिय़ा का उपयोग कोई नया कार्य शुरू करने के लिए शुभ समय देखने के लिए किया जाता है.
* दिन का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.
* रात का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्यास्त से अगले दिन सूर्योदय के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.
* अमृत, शुभ, लाभ और चर, इन चार चौघडिय़ाओं को अच्छा माना जाता है और शेष तीन चौघडिय़ाओं- रोग, काल और उद्वेग, को उपयुक्त नहीं माना जाता है.
* यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, विभिन्न पंचांगों, धर्मग्रथों से साभार ली गई है, स्थानीय समय, परंपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं, क्योंकि यहां दिया जा रहा समय अलग-अलग शहरों में स्थानीय समय के सापेक्ष थोड़ा अलग हो सकता है.
* अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ न गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है!
 

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-