जबलपुर. एमपी के जबलपुर में कमिश्नर रामप्रकाश अहिरवार को शिकायत मिली थी कि शहर के सबसे पॉश इलाके में करोड़ों रुपए की बेशकीमती सरकारी जमीन पर कब्जा किया है. यहां लॉ कॉलेज संचालित होने का दावा किया जाता है, लेकिन न तो छात्र दिखाई देते हैं और न ही शिक्षक.
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जांच कराई गई, जिसमें पाया गया कि कॉलेज परिसर में अधिकांश समय ताला लगा रहता है. इसके बाद कमिश्नर के निर्देश पर जोन अधिकारी और संपदा शाखा की टीम ने कार्रवाई कर करोड़ों रुपए की जमीन को कब्जा मुक्त कराया. बताया जा रहा है कि मुक्त कराई गई जमीन की कीमत 10 करोड़ रुपए से अधिक है. अब इस भूमि का उपयोग आम लोगों के हित में किया जाएगा.
जमीनों पर कब्जों की लगातार कर रहे जांच-
संभाग क्रमांक-13 के संभागीय अधिकारी सागर बोरकर ने बताया कि निगम कमिश्नर के निर्देश पर संपदा विभाग के साथ मिलकर शासकीय जमीनों पर कब्जों की लगातार जांच की जा रही है. जांच में सामने आया कि राइट टाउन स्थित चंचलाबाई स्कूल क्षेत्र में नगर निगम स्वामित्व की लगभग 10 करोड़ रुपए मूल्य की भूमि पर लॉ कॉलेज के नाम पर कब्जा कर रखा गया था.
न तो शिक्षक नजर आते हैं और न ही छात्र-
जांच रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि जिस परिसर में लॉ कॉलेज संचालित होने का दावा किया जा रहा है, उसके समीप शासकीय कस्तूरबा स्कूल संचालित होता है. इसी स्कूल की कुछ भूमि पर कब्जा किया गया था. परिसर में कमरे बने हुए हैं, लेकिन वहां न तो शिक्षक नजर आते हैं और न ही छात्र. सागर बोरकर ने बताया कि राइट टाउन स्थित चंचलाबाई स्कूल पानी की टंकी के पास डायवर्सन प्लॉट नंबर-440, डायवर्सन शीट नंबर-152-सी का एक बड़ा हिस्सा नगर निगम के स्वामित्व में दर्ज है.
इस परिसर में पहले कस्तूरबा स्कूल संचालित होता था, लेकिन पिछले कुछ समय से नियमों की अनदेखी कर इस बहुमूल्य सरकारी संपत्ति पर लॉ कॉलेज के नाम से अवैध कब्जा कर लिया गया था. उन्होंने बताया कि सरकारी संपत्ति को सुरक्षित करने के लिए तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए गए. इसके बाद नगर निगम के अतिक्रमण विरोधी दस्ते और अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची. टीम ने कार्रवाई करते हुए पूरे परिसर को अपने कब्जे में लिया और मुख्य द्वारों पर ताला लगा दिया.

