-प्रदीप लक्ष्मीनारायण द्विवेदी, बॉलीवुड एस्ट्रो एडवाइजर (व्हाट्सएप- 8875863494)
* प्रद्युम्न चतुर्थी - 18 जून 2026, बृहस्पतिवार
* चतुर्थी तिथि प्रारम्भ - 17 जून 2026 को 09:38 पीएम बजे
* चतुर्थी तिथि समाप्त - 18 जून 2026 को 06:58 पीएम बजे
॥ श्रीगणेश आरती ॥
सुखकर्ता दुःखहर्ता वार्ता विघ्नाची.
नुरवी पुरवी प्रेम कृपा जयाची.
सर्वांगी सुन्दर उटि शेंदुराची.
कण्ठी झळके माळ मुक्ताफळांची॥
जय देव जय देव जय मंगलमूर्ति.
दर्शनमात्रे मनकामना पुरती॥
रत्नखचित फरा तुज गौरीकुमरा.
चन्दनाची उटि कुंकुमकेशरा.
हिरे जड़ित मुकुट शोभतो बरा.
रुणझुणती नूपुरे चरणी घागरिया॥
जय देव जय देव जय मंगलमूर्ति.
दर्शनमात्रे मनकामना पुरती॥
लम्बोदर पीताम्बर फणिवर बन्धना.
सरळ सोण्ड वक्रतुण्ड त्रिनयना.
दास रामाचा वाट पाहे सदना.
संकटी पावावे निर्वाणीरक्षावे सुरवरवन्दना॥
जय देव जय देव जय मंगलमूर्ति.
दर्शनमात्रे मनकामना पुरती॥
श्री गौमाता धर्म-कर्म पंचांग, चौघड़िया - 18 जून 2026
शक सम्वत 1948, विक्रम सम्वत 2083, अमान्त महीना ज्येष्ठ, पूर्णिमान्त महीना ज्येष्ठ, वार गुरुवार, पक्ष शुक्ल, तिथि चतुर्थी - 06:58 पी एम तक, नक्षत्र पुष्य - 11:32 ए एम तक, योग व्याघात - 05:35 पी एम तक, करण वणिज - 08:13 ए एम तक, द्वितीय करण विष्टि - 06:58 पी एम तक, सूर्य राशि मिथुन, चन्द्र राशि कर्क, राहुकाल 02:15 पी एम से 03:57 पी एम, अभिजित मुहूर्त 12:06 पी एम से 01:01 पी एम
राशिफल- 18 जून 2026
* वृषभ, कर्क, कन्या, तुला, मकर, कुम्भ राशिवालों के लिए उत्तम समय, शेष राशियों के लिए सामान्य दिन, धनु राशि में जन्मे लोगो के लिए अष्टम चन्द्र, सतर्क रहें, शिवोपासना करें!
* दिन का चौघड़िया
शुभ - 05:46 से 07:28
रोग - 07:28 से 09:10
उद्वेग - 09:10 से 10:52
चर - 10:52 से 12:33
लाभ - 12:33 से 02:15
अमृत - 02:15 से 03:57
काल - 03:57 से 05:39
शुभ - 05:39 से 07:21
* रात्रि का चौघड़िया
अमृत - 07:21 से 08:39
चर - 08:39 से 09:57
रोग - 09:57 से 11:15
काल - 11:15 से 12:34
लाभ - 12:34 से 01:52
उद्वेग - 01:52 से 03:10
शुभ - 03:10 से 04:28
अमृत - 04:28 से 05:46
* चौघडिय़ा का उपयोग कोई नया कार्य शुरू करने के लिए शुभ समय देखने के लिए किया जाता है.
* दिन का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.
* रात का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्यास्त से अगले दिन सूर्योदय के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.
* अमृत, शुभ, लाभ और चर, इन चार चौघडिय़ाओं को अच्छा माना जाता है और शेष तीन चौघडिय़ाओं- रोग, काल और उद्वेग, को उपयुक्त नहीं माना जाता है.
* यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, विभिन्न पंचांगों, धर्मग्रथों से साभार ली गई है, स्थानीय समय, परंपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं, क्योंकि यहां दिया जा रहा समय अलग-अलग शहरों में स्थानीय समय के सापेक्ष थोड़ा अलग हो सकता है.
* अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ न गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है!
आज का दिन- 18 जून 2026, जय देव, जय देव, जय मंगलमूर्ति!
प्रेषित समय :21:14:29 PM / Wed, Jun 17th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

