अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला में पहले ही अजेय बढ़त हासिल कर चुकी भारतीय टीम अब अंतिम मुकाबले में नए प्रयोगों के साथ मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है. टीम प्रबंधन ने संकेत दिए हैं कि चेन्नई में शनिवार को खेले जाने वाले तीसरे और अंतिम वनडे में प्लेइंग इलेवन में कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं. भारतीय टीम का उद्देश्य केवल श्रृंखला जीतना नहीं, बल्कि आगामी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न संयोजनों का परीक्षण करना और अधिक से अधिक खिलाड़ियों को अवसर प्रदान करना भी है.
भारतीय टीम के सहायक कोच रयान टेन डोशेट ने मुकाबले की पूर्व संध्या पर मीडिया से बातचीत करते हुए स्पष्ट किया कि टीम प्रबंधन शुरू से ही इस श्रृंखला को प्रयोगों के मंच के रूप में देख रहा था. उन्होंने कहा कि चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन की योजना सभी खिलाड़ियों को पर्याप्त अवसर देने की रही है, ताकि भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर विकल्प तैयार किए जा सकें. इसी रणनीति के तहत अंतिम मैच में कुछ प्रमुख खिलाड़ियों को आराम दिया जा सकता है, जबकि कुछ ऐसे खिलाड़ियों को मौका मिलेगा जो अब तक सीमित अवसर ही प्राप्त कर सके हैं.
टेन डोशेट ने संकेत दिया कि तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह को अंतिम मुकाबले में आराम दिया जा सकता है. अर्शदीप ने श्रृंखला के शुरुआती दोनों मैचों में प्रभावशाली प्रदर्शन किया है और टीम प्रबंधन उन्हें कार्यभार प्रबंधन के तहत विश्राम देना चाहता है. भारतीय टीम के लिए आगामी महीनों में कई महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मुकाबले निर्धारित हैं, ऐसे में तेज गेंदबाजों की फिटनेस और ताजगी बनाए रखना टीम की प्राथमिकता है. अर्शदीप के विश्राम से किसी अन्य गेंदबाज को अपनी क्षमता साबित करने का अवसर मिल सकता है.
सहायक कोच ने यह भी बताया कि अंतिम मुकाबले में भारतीय टीम अतिरिक्त स्पिनर के साथ मैदान में उतर सकती है. चेन्नई की पिच पारंपरिक रूप से स्पिन गेंदबाजों की मददगार मानी जाती है और इसी कारण टीम प्रबंधन एक नए स्पिनर को मौका देने पर विचार कर रहा है. इससे न केवल टीम को विभिन्न परिस्थितियों में खेलने का अनुभव मिलेगा, बल्कि चयनकर्ताओं को भी नए विकल्पों का मूल्यांकन करने का अवसर प्राप्त होगा.
बल्लेबाजी क्रम को लेकर भी महत्वपूर्ण संकेत सामने आए हैं. हाल के दिनों में चर्चा थी कि अनुभवी बल्लेबाज केएल राहुल को शीर्ष क्रम में भेजा जा सकता है, लेकिन टेन डोशेट ने इस संभावना को लगभग खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि टीम प्रबंधन युवा बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल को और अधिक अवसर देना चाहता है. पिछले मुकाबले में जायसवाल बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं रहे थे, लेकिन टीम का मानना है कि किसी खिलाड़ी का मूल्यांकन केवल एक मैच के आधार पर नहीं किया जा सकता.
यशस्वी जायसवाल भारतीय क्रिकेट के सबसे प्रतिभाशाली युवा बल्लेबाजों में गिने जाते हैं. घरेलू क्रिकेट से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक उन्होंने अपनी क्षमता का परिचय दिया है. टीम प्रबंधन का विश्वास है कि उन्हें निरंतर अवसर मिलने चाहिए ताकि वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की मांगों के अनुरूप खुद को और बेहतर बना सकें. अंतिम वनडे में एक बार फिर उनके प्रदर्शन पर सबकी नजरें रहेंगी.
इसी तरह ऑलराउंडर नितीश कुमार रेड्डी को भी अंतिम मुकाबले में मौका मिलने की संभावना जताई गई है. नितीश पिछले मैच में टीम का हिस्सा नहीं बन सके थे, लेकिन टीम प्रबंधन उन्हें भी खेलते हुए देखना चाहता है. आधुनिक क्रिकेट में ऐसे खिलाड़ियों का महत्व लगातार बढ़ रहा है जो बल्ले और गेंद दोनों से योगदान दे सकें. नितीश को अवसर देकर भारतीय टीम अपने विकल्पों का दायरा और विस्तृत करना चाहती है.
भारत ने श्रृंखला के शुरुआती दोनों मुकाबलों में अफगानिस्तान को हराकर 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है. इस कारण अंतिम मैच का परिणाम श्रृंखला के विजेता को प्रभावित नहीं करेगा, लेकिन इसके बावजूद मुकाबला महत्वपूर्ण माना जा रहा है. एक ओर भारतीय टीम श्रृंखला में क्लीन स्वीप कर अपनी श्रेष्ठता साबित करना चाहेगी, वहीं अफगानिस्तान सम्मान बचाने के लिए पूरी ताकत झोंक देगा.
अफगानिस्तान ने भले ही श्रृंखला गंवा दी हो, लेकिन उसकी टीम ने कई मौकों पर संघर्षशील क्रिकेट का प्रदर्शन किया है. विशेष रूप से उसके स्पिन गेंदबाजों ने भारतीय बल्लेबाजों को चुनौती देने का प्रयास किया. अंतिम मुकाबले में अफगानिस्तान अपनी गलतियों से सीखकर बेहतर प्रदर्शन करना चाहेगा और जीत के साथ दौरे का समापन करने का लक्ष्य रखेगा.
भारतीय टीम के लिए यह मुकाबला भविष्य की योजनाओं को आकार देने का अवसर भी है. टीम प्रबंधन लगातार ऐसे खिलाड़ियों की तलाश में है जो आने वाले वर्षों में भारतीय क्रिकेट की रीढ़ बन सकें. इसलिए हर मैच में युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन का बारीकी से मूल्यांकन किया जा रहा है. अंतिम वनडे में मिलने वाले अवसर कई खिलाड़ियों के करियर के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं.
रयान टेन डोशेट के बयान से यह स्पष्ट हो गया है कि टीम इंडिया केवल जीत पर ही नहीं, बल्कि मजबूत बेंच स्ट्रेंथ तैयार करने पर भी ध्यान दे रही है. पिछले कुछ वर्षों में भारतीय क्रिकेट की सबसे बड़ी ताकत उसकी गहराई रही है, जहां मुख्य खिलाड़ियों की अनुपस्थिति में भी युवा खिलाड़ी जिम्मेदारी संभालने में सक्षम रहे हैं. यही कारण है कि चयनकर्ताओं और कोचिंग स्टाफ की नजर लगातार नए चेहरों पर बनी हुई है.
चेन्नई में होने वाले इस मुकाबले में दर्शकों को नई रणनीतियां, नए संयोजन और कुछ नए चेहरे देखने को मिल सकते हैं. श्रृंखला पहले ही भारत के नाम हो चुकी है, लेकिन अंतिम मुकाबले का रोमांच कम नहीं होगा. क्रिकेट प्रेमियों की नजरें इस बात पर रहेंगी कि टीम प्रबंधन किन खिलाड़ियों को अवसर देता है और वे खिलाड़ी इस मौके का कितना लाभ उठा पाते हैं. भारतीय टीम जहां प्रयोगों के साथ भविष्य की तैयारी को मजबूत करने उतरेगी, वहीं अफगानिस्तान सम्मानजनक जीत की तलाश में मैदान पर पूरी ताकत झोंकता दिखाई देगा.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

