सस्ते मोबाइल के लालच में झाबुआ के कारोबारियों से 3.5 लाख की ठगी, जबलपुर तक पहुंची जांच

सस्ते मोबाइल के लालच में झाबुआ के कारोबारियों से 3.5 लाख की ठगी, जबलपुर तक पहुंची जांच

प्रेषित समय :15:15:59 PM / Sat, Jun 20th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. सस्ते दामों पर मोबाइल फोन उपलब्ध कराने का झांसा देकर झाबुआ जिले के दो मोबाइल कारोबारियों से लगभग साढ़े तीन लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है. मामले की जांच अब कई राज्यों तक फैल चुकी है और इसके तार जबलपुर से भी जुड़ने का दावा किया जा रहा है. पीड़ित कारोबारी न्याय की उम्मीद लेकर जबलपुर साइबर क्राइम कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य अधिकारियों के समक्ष रखे.

झाबुआ जिले के थांदला निवासी रवि गादिया और विष्णु नाविक जवाहर मार्ग पर मोबाइल व्यवसाय संचालित करते हैं. दोनों के अनुसार कुछ समय पहले एक अज्ञात नंबर से संपर्क किया गया. कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को उज्जैन स्थित एक मोबाइल व्यापारिक प्रतिष्ठान का संचालक बताया और मोबाइल फोनों की आकर्षक थोक दरों की सूची भेजी. सूची में महंगे मोबाइल बाजार मूल्य से काफी कम कीमत पर उपलब्ध बताए गए थे.

व्यापारिक लाभ की संभावना देखते हुए रवि गादिया ने करीब 2.52 लाख रुपये और विष्णु नाविक ने लगभग एक लाख रुपये संबंधित खाते में आरटीजीएस के माध्यम से जमा करा दिए. भुगतान के बाद आरोपितों ने माल भेजने का आश्वासन दिया, लेकिन निर्धारित समय बीतने के बाद भी कोई मोबाइल नहीं पहुंचा. कुछ ही घंटों में दोनों कारोबारियों को संदेह हुआ कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है. इसके बाद उन्होंने बैंक और पुलिस से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई.

रवि गादिया ने बताया कि भुगतान करने से पहले उन्होंने संबंधित फर्म के नाम और जीएसटी विवरण की जांच भी की थी. उन्हें उपलब्ध कराए गए दस्तावेज प्रथम दृष्टया सही प्रतीत हुए, जिसके कारण उन्हें किसी प्रकार की आशंका नहीं हुई. हालांकि राशि जमा होने के बाद संपर्क नंबर बंद हो गए और माल की आपूर्ति नहीं की गई.

मामले की जांच के दौरान बैंक खाते और अन्य तकनीकी जानकारियों के आधार पर एक संदिग्ध व्यक्ति तक पहुंच बनाई गई. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र के पालघर से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है. उसे कानूनी प्रक्रिया के तहत झाबुआ लाया गया, जहां उससे पूछताछ की जा रही है. हालांकि पीड़ितों का दावा है कि गिरफ्तार व्यक्ति केवल एक कड़ी है और पूरे नेटवर्क का संचालन अन्य लोग कर रहे हैं.

पीड़ित कारोबारियों का आरोप है कि इस साइबर ठगी गिरोह के मुख्य संचालकों के संबंध में उन्हें महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं, जिनके आधार पर वे जबलपुर पहुंचे हैं. उनका कहना है कि मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी गहन जांच होना आवश्यक है. इसी उद्देश्य से उन्होंने साइबर क्राइम अधिकारियों को उपलब्ध जानकारी और दस्तावेज सौंपे हैं.

पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच जारी है और डिजिटल साक्ष्यों, बैंकिंग लेन-देन, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड तथा अन्य तकनीकी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है. जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. वहीं इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि ऑनलाइन व्यापारिक लेन-देन में केवल दस्तावेज देखकर भरोसा करना जोखिमपूर्ण हो सकता है. पुलिस ने व्यापारियों और आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी बड़ी राशि का भुगतान करने से पहले संबंधित व्यक्ति, संस्था और बैंक खाते का बहुस्तरीय सत्यापन अवश्य करें.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-