देवास. एमपी के देवास में मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत हरिद्वार जाने वाले तीर्थ यात्रियों ने शनिवार 20 जून को रेलवे स्टेशन पर हंगामा किया. यात्रियों का आरोप था कि पति-पत्नी दोनों ने आवेदन किया था, लेकिन कई मामलों में केवल एक सदस्य का ही चयन हुआ, जिससे कई बुजुर्ग दंपती यात्रा से वंचित रह गए.
योजना के तहत 196 तीर्थ यात्रियों को हरिद्वार भेजा जाना था. सुबह से ही रेलवे स्टेशन पहुंचे कई बुजुर्ग दंपतियों को तब निराशा हुई, जब उन्हें पता चला कि पति या पत्नी में से केवल एक को ही टिकट मिला है. कुछ मामलों में पत्नी का चयन हुआ था, जबकि पति का नाम सूची में नहीं था.
मामले की सूचना मिलने पर क्षेत्रीय पार्षद राजा अकोदिया भी मौके पर पहुंचे. उन्होंने कहा कि पति-पत्नी ने एक साथ आवेदन किए थे, ऐसे में केवल एक व्यक्ति का चयन करना उचित नहीं है. उन्होंने इस व्यवस्था पर आपत्ति जताते हुए संबंधित अधिकारियों के समक्ष विरोध दर्ज कराया और आरोप लगाया कि इससे सरकार की छवि खराब हो रही है.
एक का चयन नहीं, तो दूसरा भी नहीं गया
प्रभावित यात्रियों में से निर्मला पांचाल ने बताया कि उनका चयन हो गया है, लेकिन उनके पति का नाम सूची में नहीं होने के कारण वह यात्रा पर नहीं जा सकेंगी. इसी तरह, संतोष सिंह ने कहा कि उनकी पत्नी का चयन हुआ है, पर उनका नहीं, जिससे दोनों की यात्रा प्रभावित हो गई. कई बुजुर्ग दंपति स्टेशन पर परेशान दिखे. इस संबंध में तहसीलदार सपना शर्मा ने बताया कि उन्हें जो सूची प्राप्त हुई थी, उसी के आधार पर यात्रियों को टिकट वितरित किए गए हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि सूची में जिन नामों का चयन हुआ था, उन्हीं को यात्रा के लिए भेजा गया है.

