एमपी हाईकोर्ट ने जबलपुर में शहपुरा के 9 परिवारों को दी राहत, बिना नोटिस ध्वस्तीकरण के आदेश पर लगाई रोक, अगली सुनवाई 24 जून को

एमपी हाईकोर्ट ने जबलपुर में शहपुरा के 9 परिवारों को दी राहत, बिना नोटिस ध्वस्तीकरण के आदेश पर लगाई रोक, अगली सुनवाई 24 जून को

प्रेषित समय :15:30:36 PM / Sat, Jun 20th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. एमपी हाईकोर्ट ने जबलपुर में नगर परिषद शहपुरा के एक ध्वस्तीकरण आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है. न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की एकल पीठ ने शंभू प्रसाद रजक सहित नौ याचिकाकर्ताओं द्वारा दायर रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए निर्णय सुनाया. इस आदेश से प्रभावित परिवारों को राहत मिली है.

याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता आदित्य सिंह राजपूत ने न्यायालय को बताया कि उनके मुवक्किल पिछले 40-50 वर्षों से शाहपुरा-बेलखेड़ा रोड पर स्थित खसरा नंबर 50, 51 और 52 की भूमि पर शांतिपूर्वक निवास कर रहे हैं. उनके पास इस भूमि के वैध स्वामित्व दस्तावेज भी उपलब्ध हैं. अधिवक्ता राजपूत ने तर्क दिया कि मुख्य नगरपालिका अधिकारी ने प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन करते हुए, बिना कोई 'कारण बताओ नोटिस' जारी किए और सुनवाई का अवसर दिए 11 जून को ध्वस्तीकरण का आदेश जारी कर दिया. प्रशासन ने 15 जून को जबरन तोडफ़ोड़ की कार्रवाई करने की धमकी भी दी थी.

याचिका में यह भी उल्लेख किया गया कि प्रशासन का यह कदम मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 187 और सर्वोच्च न्यायालय द्वारा ध्वस्तीकरण के संबंध में निर्धारित कड़े दिशा-निर्देशों का स्पष्ट उल्लंघन है. इसके अतिरिक्त, वर्ष 1959-60 में इस भूमि का न तो कोई वैध अधिग्रहण किया गया था और न ही प्रभावितों को कोई मुआवजा दिया गया था. उच्च न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए याचिकाकर्ताओं की संपत्ति के ध्वस्तीकरण पर आगामी आदेश तक पूर्ण रोक लगा दी है. न्यायालय ने राज्य सरकार को इस पूरे मामले में आवश्यक निर्देश प्राप्त करने का भी आदेश दिया है. मामले की अगली सुनवाई 24 जून को निर्धारित की गई है, तब तक प्रशासन कोई भी दंडात्मक या तोडफ़ोड़ की कार्रवाई नहीं कर सकेगा.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-