भीड़भाड़ वाले पर्यटन स्थलों से दूर शांत वातावरण, हरियाली से आच्छादित पहाड़ियां, बादलों से घिरी वादियां और प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर स्थल आज के दौर में यात्रियों को सबसे अधिक आकर्षित कर रहे हैं. आंध्र प्रदेश के दो प्रमुख पर्यटन स्थल हॉर्सले हिल्स और नागालापुरम इन दिनों प्रकृति प्रेमियों, ट्रैकिंग के शौकीनों और सप्ताहांत यात्रा की तलाश करने वाले पर्यटकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं. विशेष रूप से चेन्नई, बेंगलुरु और आसपास के शहरों से बड़ी संख्या में लोग इन स्थानों की ओर रुख कर रहे हैं.
अन्नामय्या जिले में स्थित हॉर्सले हिल्स को अक्सर “आंध्र प्रदेश का ऊटी” कहा जाता है. समुद्र तल से लगभग 1,265 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह हिल स्टेशन अपने ठंडे मौसम, घने वृक्षों और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है. यहां पहुंचते ही पर्यटकों को मैदानी इलाकों की गर्मी से राहत मिलती है और पहाड़ियों की ताजगी उनका स्वागत करती है.
हॉर्सले हिल्स का सबसे बड़ा आकर्षण व्हिस्पर विंड व्यू पॉइंट माना जाता है. यह स्थान अपने अनोखे प्राकृतिक अनुभव के लिए प्रसिद्ध है. यहां तेज बहने वाली हवाएं ऐसी ध्वनि उत्पन्न करती हैं, मानो कोई धीरे-धीरे कानों में कुछ कह रहा हो. इसी कारण इसे व्हिस्पर विंड व्यू पॉइंट नाम दिया गया है. इस स्थान से दिखाई देने वाले बादलों, पर्वत श्रृंखलाओं और दूर तक फैले हरित क्षेत्र का दृश्य पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देता है.
हॉर्सले हिल्स में आने वाले पर्यटक प्राकृतिक फोटोग्राफी, ट्रैकिंग और शांत वातावरण में लंबी सैर का भरपूर आनंद लेते हैं. यहां स्थित गैला बंडा व्यू पॉइंट भी पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है. यह विशाल चट्टानी क्षेत्र आसपास की घाटियों का मनोरम दृश्य प्रस्तुत करता है. सूर्योदय और सूर्यास्त के समय यहां का दृश्य विशेष रूप से आकर्षक माना जाता है.
वन्यजीव प्रेमियों के लिए काउन्डिन्या वन्यजीव अभयारण्य भी प्रमुख आकर्षण है. यह अभयारण्य हाथियों, हिरणों और अनेक दुर्लभ पक्षियों का प्राकृतिक आवास है. जंगल के बीच से गुजरते रास्ते और प्राकृतिक वातावरण पर्यटकों को एक अलग ही अनुभव प्रदान करते हैं. इसके अलावा कैगल जलप्रपात भी यात्रियों को अपनी ओर आकर्षित करता है. बरसात और उसके बाद के महीनों में यह झरना अपने पूरे सौंदर्य के साथ दिखाई देता है और प्रकृति प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बन जाता है.
विशेषज्ञों के अनुसार हॉर्सले हिल्स घूमने के लिए दिसंबर से मार्च तक का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है. इस दौरान मौसम सुहावना रहता है और दृश्यता भी बेहतर होती है. हालांकि सितंबर और अक्टूबर के महीनों में मानसून के बाद यहां की हरियाली अपने चरम पर होती है, जिसके कारण यात्रा का अनुभव और भी खूबसूरत हो जाता है.
चेन्नई से हॉर्सले हिल्स की दूरी लगभग 275 किलोमीटर है. यात्रियों को पहले मदनपल्ली तक ट्रेन या बस से पहुंचना होता है, जहां से टैक्सी या निजी वाहन के माध्यम से हिल स्टेशन तक पहुंचा जा सकता है. यात्रा का खर्च परिवहन के साधन के अनुसार अलग-अलग हो सकता है. सामान्यतः बस या ट्रेन यात्रा पर कुछ सौ रुपये का खर्च आता है, जबकि टैक्सी सेवा का खर्च कई हजार रुपये तक पहुंच सकता है.हॉर्सले हिल्स जाने के लिए चेन्नई से पहले मदनपल्ली तक ट्रेन या बस से पहुँचना होता है और फिर वहां से टैक्सी लेकर हिल स्टेशन जाना पड़ता है. यह यात्रा लगभग 275 किमी की है और कुल खर्च बस/ट्रेन से ₹300–₹800 तथा टैक्सी से ₹5,000–₹8,000 तक हो सकता है.
इसी प्रकार नागालापुरम भी दक्षिण भारत के उभरते पर्यटन स्थलों में शामिल हो गया है. आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु की सीमा के निकट स्थित यह क्षेत्र अपने जलप्रपातों, ट्रैकिंग मार्गों और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है. विशेष रूप से नागालापुरम ट्रैकिंग ट्रेल युवाओं और साहसिक गतिविधियों के शौकीनों के बीच काफी लोकप्रिय है.
नागालापुरम की पहाड़ियों के बीच बहने वाली जलधाराएं और प्राकृतिक जलकुंड यहां आने वाले पर्यटकों को रोमांचक अनुभव प्रदान करते हैं. मानसून के बाद जब जलप्रपात पूरे वेग से बहते हैं, तब यहां का दृश्य किसी प्राकृतिक चित्र की तरह दिखाई देता है. ट्रैकिंग मार्ग के दौरान पर्यटक कई छोटे-बड़े झरनों और प्राकृतिक जलाशयों से होकर गुजरते हैं, जो इस यात्रा को और अधिक यादगार बना देते हैं.
पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि नागालापुरम उन लोगों के लिए आदर्श स्थान है जो शहर की भागदौड़ से दूर कुछ समय प्रकृति के बीच बिताना चाहते हैं. यहां की पहाड़ियां, घने जंगल और स्वच्छ वातावरण मानसिक शांति प्रदान करते हैं. सप्ताहांत में बड़ी संख्या में युवा समूह, परिवार और फोटोग्राफर यहां पहुंचते हैं.
हाल के वर्षों में सोशल मीडिया और यात्रा ब्लॉगों के माध्यम से इन दोनों स्थलों की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है. अनेक यात्रा प्रेमी अपने अनुभव साझा कर रहे हैं, जिससे देशभर के पर्यटक इन स्थानों के बारे में जानकारी प्राप्त कर रहे हैं. विशेष रूप से प्रकृति, साहसिक पर्यटन और शांत वातावरण की तलाश करने वाले लोगों के लिए हॉर्सले हिल्स और नागालापुरम आकर्षण का केंद्र बनते जा रहे हैं.
पर्यटन विभाग भी इन क्षेत्रों में सुविधाओं के विस्तार और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर ध्यान दे रहा है. बेहतर सड़क संपर्क, ठहरने की सुविधाएं और पर्यटक सेवाओं में सुधार से आने वाले वर्षों में इन दोनों स्थलों पर पर्यटकों की संख्या और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है.
प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण, रोमांचक ट्रैकिंग मार्ग और मनमोहक दृश्यावली के कारण हॉर्सले हिल्स और नागालापुरम अब केवल स्थानीय पर्यटन स्थल नहीं रह गए हैं, बल्कि दक्षिण भारत के प्रमुख पर्यटन मानचित्र पर अपनी मजबूत पहचान बना रहे हैं. प्रकृति के बीच सुकून और रोमांच की तलाश करने वाले यात्रियों के लिए ये दोनों स्थान किसी आदर्श गंतव्य से कम नहीं हैं.नागालापुरम वॉटरफॉल के लिए चेन्नई से सबसे पहले तिरुपति तक जर्नी की जाती है और फिर वहां से लोकल टैक्सी या बाइक से नागालापुरम पहुंचा जाता है. यह जगह लगभग 85 किमी दूर है और बस से ₹100–₹250 तथा टैक्सी से ₹2,000–₹3,500 तक खर्च आता है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

