आज का दिन- 24 जून 2026, गायत्री यज्ञ, गंगाजल छिड़काव और सुंदरकांड से वास्तुदोष दूर होगा!

आज का दिन- 24 जून 2026, गायत्री यज्ञ, गंगाजल छिड़काव और सुंदरकांड से वास्तुदोष दूर होगा!

प्रेषित समय :20:04:23 PM / Tue, Jun 23rd, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

- प्रदीप लक्ष्मीनारायण द्विवेदी (व्हाट्सएप- 8302755688)
* गायत्री जयन्ती - 25 जून 2026, बृहस्पतिवार,
* एकादशी तिथि प्रारम्भ - 24 जून 2026 को 06:12 पीएम बजे
* एकादशी तिथि समाप्त - 25 जून 2026 को 08:09 पीएम बजे

इस वक्त ऐसा कोई भवन संभव नहीं है जो पूर्णरूप से वास्तुदोष मुक्त हो... किसी भी भवन में चार प्रकार की ऊर्जाएं होती हैं... सकारात्मक ऊर्जा, नकारात्मक ऊर्जा, पवित्र ऊर्जा और अपवित्र ऊर्जा! नकारात्मक ऊर्जा से वास्तुदोष बढ़ता है, सकारात्मक ऊर्जा से वास्तुदोष घटता है, तो पवित्र ऊर्जा और अपवित्र ऊर्जा के स्रोत को भवन में स्थान देना वर्जित है, यही वजह है कि घर में पवित्र ऊर्जा के स्रोत मंदिर को नहीं रखने के लिए कहा जाता है, क्योंकि आमजीवन में मंदिर की पवित्रता बनाए रखना संभव नहीं होता है... ऐसे ही अपवित्र ऊर्जावाले भवनों में भी लोग शांति से रह नहीं पाते हैं!
आजकल ऐसे भवन संभव नहीं हैं जिनमें मंदिर नहीं हों तो नकारात्मक ऊर्जावाले लेटबाथ भी घर के अंदर बनाना जरूरत बन गई है... भवन के आसपास नकारात्मक गंदे नाले, ऊंची इमारतें आदि हटाना संभव नहीं होता है, ऐसे में... वास्तु दोष निवारण के लिए भारतीय वास्तुपूजा सर्वोत्तम है... यदि भवन निर्माण के दौरान भूमि शुद्धि, भूमि पूजन, वास्तु पूजन आदि नहीं हो पाया हो तो वास्तुदोष दूर करने के लिए नियमितरूप से गायत्री यज्ञ करें, समय-समय पर घर में गंगाजल का छिड़काव करें एवं प्रतिवर्ष सुंदरकांड का पाठ अवश्य करें!
इससे नकारात्मक ऊर्जा नष्ट होगी और अपवित्र ऊर्जा से मुक्ति मिलेगी!
* दिन का चौघड़िया 
लाभ - 05:47 से 07:29 
अमृत - 07:29 से 09:11
काल - 09:11 से 10:53 
शुभ - 10:53 से 12:35 
रोग - 12:35 से 02:17 
उद्वेग - 02:17 से 03:58 
चर - 03:58 से 05:40 
लाभ - 05:40 से 07:22 
* रात्रि का चौघड़िया
उद्वेग - 07:22 से 08:40 
शुभ - 08:40 से 09:59 
अमृत - 09:59 से 11:17 
चर - 11:17 से 12:35
रोग - 12:35 से 01:53
काल - 01:53 से 03:11 
लाभ - 03:11 से 04:29
उद्वेग - 04:29 से 05:47

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-