पंजाब सरकार का बड़ा ऐलान, अब हर महीने सरपंचों को मिलेंगे 10 हजार रुपये मानदेय

पंजाब सरकार का बड़ा ऐलान, अब हर महीने सरपंचों को मिलेंगे 10 हजार रुपये मानदेय

प्रेषित समय :11:01:31 AM / Thu, Jun 25th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

बठिंडा. पंजाब सरकार ने ग्रामीण विकास को गति देने और पंचायतों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए राज्य के सभी सरपंचों के मासिक मानदेय में पांच गुना वृद्धि की घोषणा की है. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ऐलान किया कि 15 अगस्त 2026 से पंजाब के प्रत्येक सरपंच को 2,000 रुपये के बजाय 10,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा.

बठिंडा में आयोजित सरपंच मिलनी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरपंच गांवों के विकास, जनसमस्याओं के समाधान और सरकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. ऐसे में उन्हें उनके कार्य के अनुरूप सम्मानजनक मानदेय मिलना चाहिए.

पंचायतें लोकतंत्र की नींव, गांवों का विकास सरकार की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत राज संस्थाएं लोकतंत्र की सबसे मजबूत और महत्वपूर्ण इकाई हैं. देश की बड़ी आबादी गांवों में निवास करती है, इसलिए ग्रामीण विकास को प्राथमिकता देना समय की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि गांवों की तरक्की ही पंजाब के समग्र विकास की आधारशिला है. भगवंत मान ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर भी इस फैसले की जानकारी साझा करते हुए कहा कि उनकी सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और जनकल्याण के लिए लगातार बड़े निर्णय ले रही है और भविष्य में भी ऐसे कदम जारी रहेंगे.

पुराने वादों का जिक्र, सरकार की उपलब्धियां गिनाईं

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने सरपंचों को 1,200 रुपये मानदेय देने का वादा किया था, लेकिन उसे लागू नहीं किया गया. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने सत्ता संभालने के बाद सरपंचों का मानदेय बढ़ाकर 2,000 रुपये किया और अब इसे सीधे 10,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है.

विकास निधियों के पारदर्शी उपयोग पर जोर

मुख्यमंत्री ने सरपंचों से आह्वान किया कि वे गांवों के विकास कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें तथा यह सुनिश्चित करें कि सरकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचे. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण विकास के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करा रही है और उसका उपयोग पूरी पारदर्शिता एवं ईमानदारी से किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि करदाताओं के पैसे का एक-एक रुपया जनता के कल्याण पर खर्च होना चाहिए. सरपंचों को गुटबाजी और राजनीतिक खींचतान से दूर रहने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधि पूरे गांव का प्रतिनिधित्व करता है, इसलिए उसे सभी लोगों के साथ समान व्यवहार करना चाहिए.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-