गाले. भारत ए टीम ने श्रीलंका ए के खिलाफ पहले अनौपचारिक चार दिवसीय टेस्ट मैच के पहले दिन शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए मुकाबले पर मजबूत पकड़ बना ली. सलामी बल्लेबाज साई सुदर्शन के शानदार शतक और कप्तान ध्रुव जुरेल तथा शेख रशीद की नाबाद अर्धशतकीय पारियों की बदौलत भारत ए ने पहले दिन का खेल समाप्त होने तक चार विकेट पर 333 रन बनाकर मजबूत स्थिति हासिल कर ली. दिन का खेल समाप्त होने तक कप्तान ध्रुव जुरेल 68 रन और शेख रशीद 53 रन बनाकर क्रीज पर डटे रहे तथा दोनों के बीच पांचवें विकेट के लिए शतकीय साझेदारी ने श्रीलंका ए की वापसी की उम्मीदों को काफी हद तक कमजोर कर दिया.
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारत ए की शुरुआत सकारात्मक रही. युवा बल्लेबाज साई सुदर्शन और आयुष पांडे ने पहले विकेट के लिए 82 रन जोड़कर टीम को मजबूत आधार दिया. दोनों बल्लेबाजों ने शुरुआती ओवरों में संयम और आक्रामकता का संतुलन बनाए रखा. श्रीलंकाई गेंदबाज शुरुआती सफलता के लिए संघर्ष करते रहे, लेकिन अच्छी शुरुआत के बाद आयुष पांडे 64 गेंदों में 25 रन बनाकर आउट हो गए. उनकी पारी में तीन आकर्षक चौके शामिल रहे.
आयुष पांडे के आउट होने के बाद भारत ए को उम्मीद थी कि मध्यक्रम तेजी से रन गति बढ़ाएगा, लेकिन देवदत्त पडिक्कल ज्यादा देर टिक नहीं सके. उन्होंने केवल सात गेंदों में 12 रन बनाए और जल्द ही पवेलियन लौट गए. इसके बाद कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ भी बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं हो सके. उन्होंने 53 गेंदों में 22 रन बनाए और टीम का तीसरा विकेट 181 रन के स्कोर पर गिर गया. लगातार दो विकेट गिरने से श्रीलंका ए को मैच में वापसी का अवसर जरूर मिला, लेकिन दूसरे छोर पर साई सुदर्शन पूरी तरह नियंत्रण में दिखाई दिए.
हाल ही में भारतीय टेस्ट टीम में पदार्पण कर चुके साई सुदर्शन ने अपनी शानदार लय को इस मुकाबले में भी बरकरार रखा. उन्होंने श्रीलंकाई गेंदबाजों के खिलाफ तकनीक और धैर्य का बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 175 गेंदों में 132 रन बनाए. उनकी शानदार पारी में 19 चौके शामिल रहे और उन्होंने लगभग 75 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट लगाए. सुदर्शन ने तेज गेंदबाजों और स्पिनरों दोनों के खिलाफ समान आत्मविश्वास के साथ रन जुटाए और एक बार फिर यह संकेत दिया कि लंबी पारी खेलने की उनकी क्षमता लगातार निखर रही है.
सुदर्शन जब 217 रन के कुल स्कोर पर चमिका गुणसेकरा का शिकार बने तब तक भारत ए पूरी तरह मजबूत स्थिति में पहुंच चुका था. उनके आउट होने के बाद श्रीलंका ए को उम्मीद थी कि वह निचले क्रम पर दबाव बनाकर जल्दी विकेट निकाल लेगा, लेकिन कप्तान ध्रुव जुरेल और युवा बल्लेबाज शेख रशीद ने विपक्षी टीम की सारी योजनाओं पर पानी फेर दिया.
दोनों बल्लेबाजों ने बेहद परिपक्व बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए न केवल विकेट बचाए बल्कि रन गति भी बनाए रखी. कप्तान ध्रुव जुरेल ने 138 गेंदों में नाबाद 68 रन बनाए, जिसमें पांच चौके शामिल रहे. उन्होंने कप्तानी पारी खेलते हुए टीम को किसी भी प्रकार के दबाव में नहीं आने दिया. दूसरी ओर शेख रशीद ने भी शानदार संयम दिखाया और 92 गेंदों में नाबाद 53 रन बनाए. उनकी पारी में चार चौके शामिल रहे. दोनों बल्लेबाजों ने पांचवें विकेट के लिए 105 रन की नाबाद साझेदारी कर भारत ए को पहले दिन के अंत तक बेहद मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया.
श्रीलंका ए की गेंदबाजी अपेक्षित प्रभाव नहीं छोड़ सकी. मेजबान टीम के गेंदबाज भारतीय बल्लेबाजों पर लगातार दबाव बनाने में सफल नहीं रहे. दिलुम सुदीरा दो विकेट लेकर सबसे सफल गेंदबाज रहे, हालांकि इसके लिए उन्हें 98 रन खर्च करने पड़े. चमिका गुणसेकरा को एक विकेट मिला, जबकि अन्य गेंदबाज भारतीय बल्लेबाजों को परेशान करने में ज्यादा सफल नहीं हो सके. भारतीय बल्लेबाजों ने खराब गेंदों का पूरा फायदा उठाया और धैर्य के साथ बड़े स्कोर की नींव रखी.
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुकाबला केवल एक अनौपचारिक टेस्ट नहीं, बल्कि भारतीय टीम के भविष्य के खिलाड़ियों की परीक्षा भी है. भारत ए के लिए खेलने वाले अधिकांश खिलाड़ी राष्ट्रीय टीम की दावेदारी मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं. ऐसे में साई सुदर्शन का शतक, ध्रुव जुरेल की जिम्मेदारी भरी कप्तानी पारी और शेख रशीद की परिपक्व बल्लेबाजी चयनकर्ताओं का ध्यान जरूर आकर्षित करेगी.
पहले दिन का खेल पूरी तरह भारत ए के नाम रहा. मजबूत स्कोर के साथ टीम दूसरे दिन 450 या उससे अधिक रन बनाने की दिशा में आगे बढ़ेगी. यदि जुरेल और रशीद अपनी साझेदारी को और आगे बढ़ाने में सफल रहते हैं तो श्रीलंका ए पर पहली पारी में बड़ा दबाव बनाया जा सकता है. वहीं मेजबान टीम की कोशिश होगी कि दूसरे दिन शुरुआती सत्र में जल्दी विकेट लेकर भारतीय पारी को नियंत्रित किया जाए.
फिलहाल पहले दिन के खेल के बाद मुकाबले की तस्वीर पूरी तरह भारत ए के पक्ष में दिखाई दे रही है. शीर्ष क्रम की मजबूत शुरुआत, साई सुदर्शन का शानदार शतक और मध्यक्रम की जिम्मेदार बल्लेबाजी ने टीम को ऐसी स्थिति में पहुंचा दिया है, जहां से वह पहली पारी में विशाल स्कोर खड़ा कर मैच पर अपना नियंत्रण और मजबूत करने की कोशिश करेगी.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

