जबलपुर, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर ने याचिकाकर्ता राजेंद्र प्रसाद यादव बनाम मध्य प्रदेश राज्य व अन्य डबलूपी नंबर 20534 शद्घ 2026के मामले में एक महत्वपूर्ण आदेश पारित किया है. न्यायालय ने याचिकाकर्ता के स्थानांतरण आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है.
मामले की पृष्ठभूमि इस प्रकार है कि याचिकाकर्ता राजेंद्र प्रसाद यादव को 11 फरवरी 1995 को कांस्टेबल ट्रेड (कुक) के रूप में भर्ती किया गया था. बाद में उन्हें पदोन्नति देकर 16 अगस्त 2013 को सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) के पद पर नियुक्त किया गया, जिसके साथ कोई ट्रेड (ट्रेड संवर्ग) नहीं जुड़ा था. उमरिया के पुलिस अधीक्षक द्वारा 29 मई 2026 को जारी आदेश के तहत, उन्हें पुलिस थाना मानपुर से रक्षित केंद्र (रिजर्व सेंटर) उमरिया स्थानांतरित कर दिया गया था.
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अजय शंकर रायजादा, प्रभात यादव एवं अमित रायजादा ने दलील दी कि यह स्थानांतरण उनके पदोन्नति आदेश की शर्तों के विपरीत है, क्योंकि एएसआई पद के लिए कोई ट्रेड-संबंधी बाध्यता नहीं है. न्यायमूर्ति विशाल धगट ने मामले की सुनवाई करते हुए 29 मई 2026 को जारी किए गए विवादास्पद स्थानांतरण आदेश पर अगली सुनवाई तक स्थगन (स्टे) लगा दिया है, तथा प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर छह सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का आदेश पारित किया है. मामले की अगली सुनवाई छह सप्ताह बाद निर्धारित की गई है.
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