पुणे. पुणे के युवा कारोबारी केतन अग्रवाल की संदिग्ध मौत का मामला अब एक सुनियोजित हत्या की कथित साजिश के रूप में सामने आ रहा है. प्रारंभिक तौर पर ट्रैकिंग के दौरान हुई दुर्घटना माना जा रहा यह मामला अब हर दिन नए खुलासों के साथ और गंभीर होता जा रहा है. पुलिस का दावा है कि कारोबारी की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित मित्र चेतन चौधरी ने घटना से पहले हत्या की पूरी योजना बनाई थी. जांच में सामने आए नए तथ्यों के अनुसार दोनों ने घटना वाले दिन एक कैफे में मुलाकात कर कथित रूप से हत्या की योजना पर चर्चा की और लोहागढ़ किले पर ऐसी जगह की पहचान की, जहां से केतन अग्रवाल को धक्का दिया जा सके. हालांकि इन सभी दावों की पुष्टि अभी न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है और पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है.
पुलिस के अनुसार 18 जून को लोनावला के निकट स्थित लोहागढ़ किले की ट्रैकिंग के दौरान केतन अग्रवाल की खाई में गिरने से मौत हुई थी. शुरुआत में इसे दुर्घटना माना गया था, लेकिन पूछताछ, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच के बाद पुलिस को मामले में साजिश की आशंका हुई. इसके बाद जांच की दिशा पूरी तरह बदल गई और मृतक की मंगेतर सिया गोयल तथा चेतन चौधरी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया. दोनों फिलहाल 29 जून तक पुलिस रिमांड में हैं.
जांच अधिकारियों का दावा है कि घटना वाले दिन दोनों आरोपी पहले एक कैफे में मिले थे. पुलिस के अनुसार वहीं कथित रूप से हत्या की योजना पर अंतिम चर्चा हुई और किले पर ऐसे स्थान की पहचान की गई, जहां से धक्का देने पर इसे दुर्घटना का रूप दिया जा सके. पुलिस इन दावों के समर्थन में डिजिटल साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी प्रमाण जुटाने में लगी है.
जांच में एक और महत्वपूर्ण दावा सामने आया है. पुलिस का कहना है कि कथित हत्या का पहला प्रयास 14 जून को किया गया था. जांच एजेंसियों के अनुसार उस दिन भी सिया गोयल ने कथित रूप से केतन अग्रवाल को किले से धक्का देने का प्रयास किया, लेकिन वह सफल नहीं हो सकी. पुलिस का दावा है कि उस समय सिया ने सांप दिखाई देने का शोर मचाया और बाद में घटना को दुर्घटना बताने की कोशिश की. हालांकि इस पूरे घटनाक्रम की पुष्टि न्यायिक परीक्षण और आगे की जांच के बाद ही हो सकेगी.
पुलिस की जांच में दोनों आरोपियों के बीच लगातार संपर्क के भी संकेत मिले हैं. जांच अधिकारियों का दावा है कि पिछले कुछ महीनों के दौरान दोनों के बीच दो हजार से अधिक बार फोन पर बातचीत हुई. कॉल रिकॉर्ड, मोबाइल डेटा और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच के आधार पर पुलिस दोनों के संबंधों और कथित साजिश की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रही है.
जांच के दौरान पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि सिया गोयल और चेतन चौधरी की मुलाकात पिछले वर्ष एक दीपावली समारोह में हुई थी. इसके बाद दोनों के बीच निकटता बढ़ी. जांच एजेंसियों का संदेह है कि सिया अपने परिवार के दबाव में केतन अग्रवाल से विवाह के लिए तैयार हुई थीं, लेकिन बाद में वह इस रिश्ते को आगे नहीं बढ़ाना चाहती थीं. पुलिस इसी संभावित कारण को हत्या के कथित उद्देश्य के रूप में भी जांच रही है.
जांच अधिकारियों के अनुसार अब तक सामने आए तथ्यों से यह संकेत मिलते हैं कि सिया गोयल कथित रूप से केतन अग्रवाल से विवाह नहीं करना चाहती थीं, जबकि परिवार विवाह की तैयारियों में जुटा हुआ था. पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इसी पारिवारिक दबाव और व्यक्तिगत संबंधों ने कथित साजिश को जन्म दिया. हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच अभी जारी है और सभी पहलुओं की पुष्टि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही की जाएगी.
इस पूरे मामले में डिजिटल साक्ष्य सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बनकर सामने आए हैं. पुलिस मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, चैट, लोकेशन डेटा, सीसीटीवी फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक प्रमाणों का विश्लेषण कर रही है. जांच एजेंसियों का मानना है कि इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर कथित साजिश की समयरेखा स्पष्ट हो सकेगी.
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी आपराधिक मामले में पुलिस द्वारा लगाए गए आरोप अंतिम सत्य नहीं माने जाते. अभियोजन पक्ष को अदालत में प्रत्येक आरोप को साक्ष्यों के आधार पर सिद्ध करना होता है, जबकि आरोपितों को अपना पक्ष रखने और न्यायिक प्रक्रिया के तहत बचाव का पूरा अधिकार प्राप्त है. इसलिए इस मामले में भी अंतिम निष्कर्ष अदालत के समक्ष प्रस्तुत साक्ष्यों और न्यायिक निर्णय के बाद ही सामने आएगा.
फिलहाल पुणे पुलिस इस बहुचर्चित मामले की हर कड़ी की जांच कर रही है. एक साधारण दुर्घटना के रूप में सामने आया यह घटनाक्रम अब कथित हत्या की सुनियोजित साजिश के आरोपों तक पहुंच चुका है. पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और जैसे-जैसे नए साक्ष्य सामने आएंगे, मामले के अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जाएगी. दूसरी ओर यह मामला रिश्तों में विश्वास, व्यक्तिगत स्वतंत्रता, पारिवारिक दबाव और अपराध की कथित योजना जैसे कई गंभीर सामाजिक प्रश्न भी खड़े कर रहा है. अब सभी की नजर पुलिस की अंतिम जांच रिपोर्ट और अदालत की आगे की कार्यवाही पर टिकी हुई है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

