1 जुलाई से पासपोर्ट बनवाना होगा महंगा, 14 साल बाद केंद्र सरकार ने बढ़ाई फीस

1 जुलाई से पासपोर्ट बनवाना होगा महंगा, 14 साल बाद केंद्र सरकार ने बढ़ाई फीस

प्रेषित समय :19:09:32 PM / Fri, Jun 26th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली. विदेश यात्रा की तैयारी कर रहे लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर है. केंद्र सरकार ने लगभग 14 वर्ष बाद पासपोर्ट सेवाओं की फीस में बढ़ोतरी का ऐलान किया है. नई दरें एक जुलाई 2026 से पूरे देश में लागू होंगी. संशोधित शुल्क के अनुसार नए पासपोर्ट बनवाने, पासपोर्ट का नवीनीकरण कराने तथा खोए या क्षतिग्रस्त पासपोर्ट के स्थान पर नया पासपोर्ट जारी कराने के लिए अब पहले की तुलना में अधिक राशि का भुगतान करना होगा. सरकार का कहना है कि सभी श्रेणियों के पासपोर्ट पर संशोधित शुल्क निर्धारित किया गया है.

नई व्यवस्था के तहत 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के आवेदकों के लिए 36 पृष्ठों वाले सामान्य पासपोर्ट की फीस 1,500 रुपये से बढ़ाकर 2,500 रुपये कर दी गई है. वहीं तत्काल योजना के अंतर्गत यही पासपोर्ट बनवाने के लिए अब 5,000 रुपये का भुगतान करना होगा, जबकि पहले इसके लिए 3,500 रुपये शुल्क निर्धारित था. यानी तत्काल सेवा की फीस में सीधे 1,500 रुपये की बढ़ोतरी की गई है.

इसी प्रकार 60 पृष्ठों वाले पासपोर्ट की फीस भी बढ़ा दी गई है. सामान्य योजना के तहत अब इसके लिए 3,500 रुपये देने होंगे, जबकि पहले यह शुल्क 2,000 रुपये था. वहीं तत्काल योजना के तहत इसकी फीस 4,000 रुपये से बढ़ाकर 6,000 रुपये कर दी गई है. इससे अधिक पृष्ठों वाले पासपोर्ट की आवश्यकता रखने वाले यात्रियों और व्यावसायिक कारणों से बार-बार विदेश जाने वाले लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ेगा.

केंद्र सरकार ने खोए, चोरी हुए या क्षतिग्रस्त पासपोर्ट के स्थान पर नया पासपोर्ट जारी कराने की फीस में भी उल्लेखनीय वृद्धि की है. 36 पृष्ठों वाले पासपोर्ट के प्रतिस्थापन के लिए सामान्य योजना के तहत अब 5,000 रुपये तथा तत्काल योजना के तहत 7,500 रुपये शुल्क देना होगा. वहीं 60 पृष्ठों वाले प्रतिस्थापन पासपोर्ट के लिए सामान्य योजना में 6,000 रुपये और तत्काल योजना में 8,500 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है.

18 वर्ष से कम आयु के बच्चों और किशोरों के लिए भी शुल्क में संशोधन किया गया है. 36 पृष्ठों वाले सामान्य पासपोर्ट की फीस अब 1,750 रुपये होगी, जबकि तत्काल योजना के तहत इसके लिए 4,250 रुपये देने होंगे. यदि इस श्रेणी के आवेदकों का पासपोर्ट खो जाता है या क्षतिग्रस्त हो जाता है, तो नए पासपोर्ट के लिए सामान्य योजना में 4,250 रुपये और तत्काल योजना में 6,750 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है.

फीस बढ़ाने की घोषणा ऐसे समय में की गई है, जब हाल ही में विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया था कि पासपोर्ट केवल एक अंतरराष्ट्रीय यात्रा दस्तावेज है. मंत्रालय ने कहा था कि पासपोर्ट को भारतीय नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं माना जा सकता. इसके बाद अब शुल्क में वृद्धि का निर्णय भी चर्चा का विषय बना हुआ है.

सरकार का कहना है कि संशोधित शुल्क एक जुलाई 2026 से प्रभावी होगा और इसके बाद पासपोर्ट सेवा केंद्रों तथा ऑनलाइन आवेदन करने वाले सभी आवेदकों पर नई दरें लागू होंगी. ऐसे में जिन लोगों ने अभी तक पासपोर्ट के लिए आवेदन नहीं किया है और जल्द विदेश यात्रा की योजना बना रहे हैं, उनके लिए एक जुलाई से पहले आवेदन करना आर्थिक रूप से लाभदायक हो सकता है. नई शुल्क व्यवस्था लागू होने के बाद सभी प्रकार की पासपोर्ट सेवाओं के लिए संशोधित फीस के अनुसार ही भुगतान करना होगा.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-