नई दिल्ली. एप्पल द्वारा भारत सहित कई देशों में अपने उत्पादों की कीमतों में हाल ही में की गई बढ़ोतरी के बाद ऑनलाइन खरीदारी करने वाले ग्राहकों के लिए नई चेतावनी सामने आई है. बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आधिकारिक कीमतें बढ़ने और ई-कॉमर्स मंचों पर पुराने दामों पर उपलब्ध उत्पादों के बीच बने अंतर का फायदा उठाकर कुछ तीसरे पक्ष के विक्रेता ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी कर सकते हैं. ऐसे मामलों में नए उत्पाद के नाम पर पहले से सक्रिय किए गए, रीफर्बिश्ड या खुले हुए डिब्बे वाले उपकरण भेजे जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं.
जानकारों के अनुसार एप्पल ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर मैकबुक सहित कई उत्पादों की नई कीमतें लागू कर दी हैं, लेकिन कुछ ऑनलाइन और ऑफलाइन विक्रेताओं के यहां अब भी पुराने दामों पर उत्पाद सूचीबद्ध दिखाई दे रहे हैं. इसी मूल्य अंतर का लाभ उठाकर कुछ अनधिकृत विक्रेता ग्राहकों को आकर्षक छूट का लालच देकर संदिग्ध उत्पाद बेचने की कोशिश कर रहे हैं.
सबसे अधिक चिंता पहले से सक्रिय किए गए उपकरणों को लेकर जताई जा रही है. ऐसे मामलों में ग्राहक नया मैकबुक खरीदता है, लेकिन डिलीवरी के बाद पता चलता है कि वह पहले ही सक्रिय किया जा चुका था. इससे उत्पाद की वारंटी ग्राहक के हाथ में आने से पहले ही शुरू हो जाती है और वारंटी अवधि कम हो जाती है. कई मामलों में ग्राहकों को बाद में सेवा केंद्रों पर भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.
इसके अलावा कुछ उपभोक्ताओं ने पहले भी शिकायत की है कि उन्हें नए उत्पाद के स्थान पर रीफर्बिश्ड, बदले हुए, पहले से खुले हुए या अधूरे सामान वाले उपकरण प्राप्त हुए. ऐसे उत्पादों में कई बार आवश्यक सहायक उपकरण भी गायब पाए गए. विशेषज्ञों का मानना है कि आधिकारिक कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के बाद इस प्रकार की घटनाओं का जोखिम और बढ़ सकता है.
सोशल मीडिया पर भी ऐसे मामलों को लेकर चेतावनियां साझा की जा रही हैं. एक उपयोगकर्ता ने दावा किया कि एक ऑनलाइन विक्रेता द्वारा पहले से सक्रिय किए गए मैकबुक नए उत्पाद के रूप में बेचे जा रहे थे. इसके बाद उपभोक्ताओं को सलाह दी जा रही है कि किसी भी आकर्षक ऑफर को देखकर तुरंत खरीदारी करने के बजाय विक्रेता की विश्वसनीयता की अच्छी तरह जांच करें.
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसी मैकबुक की कीमत एप्पल की आधिकारिक कीमत से असामान्य रूप से कम दिखाई दे रही है, तो खरीदारों को अतिरिक्त सतर्क रहने की आवश्यकता है. कम कीमत हमेशा लाभदायक सौदा नहीं होती, बल्कि कई बार यह संभावित धोखाधड़ी का संकेत भी हो सकती है.
ऑनलाइन खरीदारी करते समय ग्राहकों को केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही उत्पाद खरीदने की सलाह दी गई है. खरीदारी से पहले विक्रेता की रेटिंग और ग्राहकों की समीक्षाओं को ध्यान से पढ़ना चाहिए. विशेष रूप से यह देखना जरूरी है कि किसी ने पहले से सक्रिय उपकरण, क्षतिग्रस्त पैकेजिंग या अधूरे सामान की शिकायत तो नहीं की है.
उत्पाद प्राप्त होने के बाद ग्राहक को सबसे पहले उसके सीरियल नंबर के माध्यम से वारंटी की स्थिति की जांच करनी चाहिए. साथ ही पूरे अनबॉक्सिंग की वीडियो रिकॉर्डिंग करना भी उपयोगी माना गया है, ताकि किसी विवाद की स्थिति में प्रमाण उपलब्ध रहे. पैकेजिंग, सील और सभी सहायक उपकरणों की सावधानीपूर्वक जांच करने के बाद ही उत्पाद को सक्रिय करना चाहिए.
विशेषज्ञों का कहना है कि एप्पल उत्पादों की बढ़ी हुई कीमतों के बीच ग्राहकों को केवल सस्ते ऑफर के आधार पर निर्णय नहीं लेना चाहिए. थोड़ी अतिरिक्त सावधानी अपनाकर न केवल आर्थिक नुकसान से बचा जा सकता है, बल्कि वारंटी और बिक्री के बाद मिलने वाली सेवाओं से जुड़ी परेशानियों से भी बचाव संभव है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

